सार :
देश में गर्मी अपने चरम पर चल रही है देश के लगभग सभी राज्यों को भीषण गर्मी और लू ने अपने चपेट में ले लिया है लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। यह बन चुके हैं की मौसम विभाग ने लोगों को दिन के समय सावधानी बरतने की हिदायत तक दे डाली है बता दें कि मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिलने वाला है क्योंकि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है जिसके चलते यह चक्रवात में बदल सकता है और देश के मौसम में फिर से बदलाव हो सकता है। आईए जानते हैं पूरी खबर विस्तार में।
विस्तार :
देश में गर्मी का मौसम चल रहा है औरमैं मैं का महीना शुरू होते ही भीषण गर्मी में देश को अपनी चपेट में ले लिया ल लपेट का अलर्ट जारी हो चुका है लोगों को गर्मी में सावधानी बरतने की बात कही गई है। बता दे कि मई के महीने को मौसम के बदलाव का महीना कहा जाता है। एवं मई के महीने को चक्रवात बनने और आने का महीना भी कहां जाता है। इस महीने के बाद देश में मानसून का आगमन हो जाता है और देश में बारिश की शुरुआत हो जाती है। इस तरह चक्रवात की स्थिति यहां पैदा होने लगी है मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बंगाल की खाड़ी में जल्द ही तूफान दस्तक देने वाला है। दरअसल बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जो आने वाले दिनों 22 से 24 मई के बीच एक तूफान में तब्दील हो सकता है। साथ ही यह अंडमान निकोबार के क्षेत्र में प्रवेश करनेवाले पर भी असर डालेगा और उसे आगे बढ़ाने के लिए मदद कर सकता है।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय होने वाले तूफान का असर भारत के तटवर्ती राज्यों के साथ-साथ महाराष्ट्र, गुजरात में भी साफ-साफ दिखाई देने वाला है। इसके चलते इन राज्यों का मौसम बदलेगा साथ ही हवाओं की रफ्तार भी तेज हो जाएगी। जिससे कि मौसम में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती है। बता दे कि इस बात की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि यह कितना स्ट्रांग होगा और भारत को कितना प्रभावित करेगा लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि यह आगे बढ़ते हुए भारत के राज्यों को प्रभावित कर सकता है अब इसका सही अंदाजा 22 अप्रैल मैं तक लग जाएगा कि यह कितना स्ट्रांग है और कितनी तेजी से आगे बढ़ सकता है।
बंगाल की खाड़ी में आने वाला है तूफ़ान :

चक्रवात के महीने में में चक्रवात की स्थितियां पैदा होने लगी है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। जो आने वाले दिनों 22 से 24 मई के बीच एक तूफान में तब्दील हो सकता है। बता दे कि इस बात अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, कि यह कितना स्ट्रांग होगा और भारत को कितना प्रभावित करेगा लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि यह आगे बढ़ते हुए भारत के राज्यों को प्रभावित कर सकता है। बता दें कि 31 मई से देश में मानसून से मानसून एंट्री ले लेता है और 15 जून से 25 जून तक यह देश को कर कर लेता है जिसकी शुरुआत मैं मई के महीने से ही होने लगती है और मई मौसम में कई बदलाव देखने जाते हैं कई चक्रवात आते हैं जिससे कि मानसून उठना है और आगे बढ़ता है। यह चक्रवात भी अंडमान निकोबार के क्षेत्र में प्रवेश करने वाले पर भी असर डालेगा और उसे आगे बढ़ाने के लिए मदद कर सकता है।
बंगाल की खाड़ी के ऊपर 22 मई के आसपास लो प्रेशर चक्रवर्ती परिसंचरण की स्थिति बन रही है। बंगाल की खाड़ी में आने वाले इस तूफान का असर भारत के तटवर्ती राज्यों पर पढ़ने की संभावना है। 22 से 24 मई तक इस चक्रवात का असर बढ़ता जाएगा। मौसम विभाग द्वारा अभी यह पुष्टि नहीं की गई है कि यह चक्रवर्ती परिसंचरण का असर भारत में ज्यादा दिखाई देगा या नहीं एवं यह एक स्ट्रांग चक्रवात में परिवर्तित होगा या नहीं। लेकिन आने वाले दिनों में मौसम विभाग द्वारा इसकी पुष्टि कर दी जाएगी।
मॉनसून पर तूफ़ान का क्या होगा असर ?
जैसा कि हमने ऊपर बताया कि मई का महीना चक्रवातों का महीना कहलाता है इस महीने मे महासागरों में कई चक्रवात पैदा होते हैं जिसके चलते देश के मौसम में आंधी तूफान जैसी स्थितियां पैदा होती है और बारिश कीगतिविधियां देखी जाती है, इसे प्री मानसून भी कहा जाता है। वही बंगाल की खाड़ी में भी एक लो प्रेशर एरिया चक्रवर्ती परिसंचरण के रूप में बन रहा है। जिसका असर भारत के तटवर्ती राज्यों के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी देखा जाने वाला है लेकिन अभी मौसम विभाग द्वारा इसके प्रबल होने की संभावना पूरी तरह से साफ नहीं की गई है बता दे की इस प्रति चक्रवात और लो प्रेशर एरिया का मानसून पर धनात्मक प्रभाव पड़ने वाला है इससे मानसून को कोई नुकसान नहीं होगा उल्टा यह मानसून को आगे बढ़ाने के लिए मदद करेगा।यह चक्रवात भी अंडमान निकोबार के क्षेत्र में प्रवेश करने वाले पर भी असर डालेगा और उसे आगे बढ़ाने के लिए मदद कर सकता है।
केरल में मानसून आने की सामान्य तिथि एक जून होती है। लेकिन भारतीय मौसम विभाग ने मॉनसून को लेकर बड़ी अपडेट दी थी, मौसम विभाग ने मानसून पूर्वानुमान को लेकर बताया कि तिथि में चार दिन कम या ज्यादा होने की संभावना है। ज्यादा सम्भावना मॉनसून के जल्दी आने की है। बंगाल की खाड़ी में अंडमान सागर और द्वीप समूह पर मानसून को 19 मई को पहुंचने की संभावना है। वहां दस्तक देने की सामान्य तिथि 21 मई है। ऐसे में 28 मई से तीन जून के बीच मानसून प्रवेश करेगा।
आज कैसा रहेगा देश का मौसम :
अगर हम उत्तर भारत की बात करें तो यहां अधिकतर राज्यों में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। देश के कई इलाके हीटवेव की चपेट में हैं। मौसम विभाग की मानें तो आज 19 मई को उत्तर भारत के राज्यों दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में गंभीर लू का अलर्ट है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 22 मई तक लू का अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस दौरान तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना है और दिन का पारा 45 डिग्री तक पहुंच सकता है। एवं दिन के समय लोगों को घरों से बाहर निकालने में सावधानी बरतने को कहा गया है। पहाड़ी राज्यों में मौसम सुहावना बना हुआ है बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही है तापमान जीरो डिग्री तक पहुंच चुका है। उत्तर भारत के राज्यों में चक्रवती परिसंचरण का प्रभाव देखने को नहीं मिल रहा है, तो यहां गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। वैसे तो देश में गर्मी का मौसम चल रहा है लेकिन कई राज्यों में चक्रवाती परिसंचरण का और निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।मध्य प्रदेश में तो मौसम बनता बिगड़ता नजर आ रहा है कभी अचानक तेज धूप निकलने लगती है तो कभी अचानक आसमान में बादल छा जाते हैं। कभी बूंदाबांदी देखी जाती है तो कभी गर्मी लगता है। मध्यप्रदेश मैं अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेंटीग्रेड है तो वहीं न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास बना हुआ है। हवाओं की रफ्तार 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा है। पूर्वी राजस्थान के मध्य भागों और आसपास के क्षेत्रों पर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है. दक्षिणी बांग्लादेश पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। दिन में जहां पछुआ हवाओं का प्रवाह व तापमान में वृद्धि होने से लोग गर्मी परेशान हैं तो वहीं दोपहर बाद बादलों की आवाजाही बने होने के कारण उमस भरी गर्मी सता रही है।
