सार :
देश भर में कड़ाके की सर्दी ने दस्तक दे दी है। वहीं अब देश के हृदय प्रदेश मध्य प्रदेश में भी कड़ाके की सर्दी की शुरुआत हो गई है। फिलहाल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है। जिससे छनी सी धूप का अहसास हो रहा है और तापमान में भी बढ़त देखने को मिली है, लेकिन अब जल्द ही प्रदेश का मौसम बदलने वाला है तो आईए जानते हैं पूरी खबर विस्तार में।
विस्तार :
मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। ग्वालियर-चंबल समेत प्रदेश के कई जिलों में दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है। कोहरे का सबसे बड़ा असर दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली ट्रेनों पर दिख रहा है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन रूट की कई ट्रेनें घंटों देरी से पहुंच रही हैं। मालवा एक्सप्रेस, झेलम, शताब्दी, सचखंड और पंजाब मेल जैसी ट्रेनें 6 से 8 घंटे तक लेट चल रही हैं। 16 दिसंबर के बाद से लगातार ट्रेन और फ्लाइट सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। फिलहाल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है। जिससे छनी सी धूप का अहसास हो रहा है और तापमान में भी बढ़त देखने को मिली है, लेकिन अब जल्द ही प्रदेश का मौसम बदलने वाला है। इस बार अब तक शहडोल का कल्याणपुर 3.4 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा। हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग और सोनमर्ग में बर्फबारी हो रही है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बदले मौसम का असर अब मध्यप्रदेश तक पहुंच चुका है। इन्हीं पहाड़ी राज्यों से आ रही बर्फीली हवाओं ने प्रदेश में तापमान को और नीचे धकेल दिया है।
इस बार सर्दी ने नवंबर और दिसंबर दोनों महीनों में पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल में नवंबर के दौरान 15 दिन तक शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर माना जा रहा है। वहीं 17 नवंबर की रात पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया था, जो अब तक का रिकॉर्ड है। मौसम विभाग के मुताबिक दिसंबर और जनवरी ठंड के लिहाज से सबसे अहम महीने होते हैं। कई इलाकों में विजिबिलिटी 200 मीटर से भी कम रिकॉर्ड की गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पर सीधा असर पड़ा।
प्रदेश के किस जिले में कैसा मौसम ?

अगले 10 दिनों का मौसम पूर्वानुमान।
शनिवार-रविवार की रात यहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो मसूरी, शिमला, श्रीनगर और मनाली जैसे ठंडे इलाकों से भी कम रहा। सोमवार की सुबह भी हालात जस के तस बने रहे। ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, उमरिया, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज और रीवा में घना कोहरा छाया रहा। राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर में भी मध्यम कोहरे के कारण दृश्यता प्रभावित रही। कई इलाकों में विजिबिलिटी 200 मीटर से भी कम रिकॉर्ड की गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पर सीधा असर पड़ा।
उमरिया में 4.7, पचमढ़ी में 4.8, खजुराहो में 6, मलाजखंड में 6.1, रीवा में 7, बैतूल में 7.2 और रायसेन में 7.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान शहडोल और सिवनी जिलों में शीतलहर से जनजीवन प्रभावित हुआ। नरसिंहपुर और ग्वालियर जिलों में शीतल दिन दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में शीतलहर के साथ घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है।
