सार :
राजधानी दिल्ली से लेकर पहाड़ों, मैदानों तक मॉनसून अपना असर दिखा रहा है। कुछ राज्यों में मॉनसूनी बारिश की वजह बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं। वहीं कुछ जगहों पर बारिश होने के बाद भी उमस ने जीना मुहाल कर दिया है। आज 16 जुलाई को भी देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तो आईए जानते हैं मौसम की ताज़ा ख़बर विस्तार में।
विस्तार :
देशभर में मॉनसून सक्रिय हो गया है। कुछ राज्यों में झमाझम बारिश हो रही है तो कुछ इलाकों में रुक- रुक कर बारिश हो जारी है। बता दें कि बारिश के बाद भी दिल्ली में इन दिनों गर्मी और उमस ने जीना बेहाल कर दिया है। एक तरफ राजधानी दिल्ली के लोग उमस से परेशान हो गए हैं तो वही दूसरी तरफ़ दिल्ली के पड़ोसी राज्य यूपी-बिहार के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा हो गई हैं। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर भारत में अगले दो दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसी तरह, 15 से 17 जुलाई के दौरान कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और तटीय कर्नाटक में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने 15 जुलाई से 16 जुलाई तक मध्य महाराष्ट्र के साथ-साथ कोंकण, गोवा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होगी। इसके अलावा दक्षिणी राज्यों कर्नाटक और तटीय कर्नाटक में 16 जुलाई यानी आज बारिश होगी। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
देश के कई राज्यों में जमकर बारिश हो रही है। यह बारिश कहीं आफत बन गई है तो कहीं पर बरसात कम होने से लोग परेशान है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 17 से 19 जुलाई के दौरान कई क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। जून माह में जब मानसून का आगमन हुआ तो ऐसा लगा कि इस साल बेहतर बारिश होगी लेकिन धीरे-धीरे मानसून की रफ्तार कम होती जा रही है। देश के कुछ राज्यों में इसके बावजूद भी महाराष्ट्र में बारिश कहर बनकर टूटी है। नासिक, पुणे, अमरावती में हालात खराब है। पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 19 जुलाई के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस बीच देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बादलों ने डेरा जमा रखा है। सोमवार को कुछ इलाकों में बारिश दर्ज़ की गई है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार और बुधवार को दिल्ली वालों को हल्की बारिश से राहत मिल सकती है।
राजधानी दिल्ली मौसम पूर्वानुमान :

अगर हम देश की राजधानी दिल्ली की बात करें तो पिछले दो सप्ताह से उमस की परेशानी झेल रहे लोगों को खासी राहत मिली है। मौसम विभाग की मानें, तो रविवार देर रात तक बारिश दर्ज नहीं हुई। हालांकि, कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी जरूर दर्ज हुई है। दिल्ली में आज दोबारा से मानसून एक्टिव हो गया है। कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो रही है। बारिश के चलते राजधानी में कई स्थानों पर जलभराव की समस्या पैदा हो गई है, जिसके कारण वाहनों की रफ्तार कम होने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है। दिल्ली एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। दिल्ली में आज का न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। वहीं,अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। देशभर में इस वक्त मॉनसूनी हवा के साथ बारिश की फुहार पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में मुंबई समेत इलाके में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। जिससे कई इलाकों में जलजमाव की आशंका है, क्योंकि कम से कम अगले 24 से 26 घंटों तक लगातार मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।
पहाड़ों पर आफत की बारिश :
अगर हम देश के पहाड़ी राज्यों की बात करें तो इन पहाड़ी राज्यों में मानसून की शुरुआत बेहद अच्छी हुई और जोरदार बारिश के साथ यहां की नदी है लबालब हो गई। पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड राज्य को बारिश के कारण काफी नुकसान भी झेलना पड़ा यहां भारी बारिशके चलते नदी नाले उफान पर आ गए और भूस्खलन के कारण कई रास्ते बंद हो गए। उत्तराखंड के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई अभीभी मौसम विभाग ने उत्तराखंड के जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बता दें कि देश के पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, पंजाब और पश्चिमी राजस्थान में अगले 5 दिनों के दौरान छिटपुट से लेकर छिटपुट हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बाद कई जिलों में बारिश का रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम विभाग ने हिमाचल, उत्तराखंड से लेकर महाराष्ट्र तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बिहार, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, उत्तराखंड और मध्य भारत में गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में मुंबई समेत इलाके में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। जिससे कई इलाकों में जलजमाव की आशंका है, क्योंकि कम से कम अगले 24 से 26 घंटों तक लगातार मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।
इन सात राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी :

महाराष्ट्र-कर्नाटक समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल में 16 से 20 जुलाई तक कहीं-कहीं मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है दिल्ली-एनसीआर में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। हालांकि सोमवार सुबह हुई बारिश ने लोगों को थोड़ी राहत दी। बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव के कारण अगले चार दिनों में तटीय आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की भविष्यवाणी की। केरल कर्नाटक गोवा और महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है हालत यह है कि केरल गोवा और कर्नाटक में सोमवार को स्कूल बंद करने पड़े तो वही महाराष्ट्र में भारी बारिश के बीच नासिक के अंजनेरी फोर्ट के पास झरने में कई पर्यटक फंस गए मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकल गया। वही कोकण रेलवे मार्ग पर बारिश के कारण भूस्खलन होने से सेवाएं अप हो गई लगभग 15 घंटे तक ट्रेनें फंसी रही। बता दें कि 18 और 19 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जो बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम में एक और कम दबाव वाले क्षेत्र के संभावित गठन के साथ मेल खाता है।
इसी के चलते मौसम विभाग ने सात राज राज्यों महाराष्ट्र केरल कर्नाटक गोवा राजस्थान गुजरात और हिमाचल प्रदेश के लिए भारी बारिश का अलर्ट किया है। बता देंगे देश के 150 मुख्य जलाशय में जल स्तर बढ़कर कुल क्षमता का 26 परसेंट हो गया है लेकिन यह पिछले साल की जगह स्तर से कम है। वहीं अगर हम नॉर्थईस्ट राज राज्यों की बात करें तो सिक्किम और मेघालय में सामान्य से ज्यादा वर्षा हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार देश में 1 जून से पिछले सप्ताह तक मानसून में तीन राज्यों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है इस सप्ताह ऐसे राज्यों की संख्या दो है केवल दो है। बता दें कि सामान्य से कम बारिश वाले राज्यों की संख्या पिछले सप्ताह कर थी जो अब बढ़कर सात हो गई है
