सार :

किसानों के लिए एक बड़ी खबर आ चुकी है। सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के संबंध में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, अगर आप पीएम किसान योजना की किस्त के बारे में जानना चाहते हैं तो ये जान लें कि यह घोषणा क्या है, तो आईए जानते है पूरी खबर विस्तार में।

विस्तार :

केंद्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी प्रवाह बढ़ने से स्थानीय बाजारों को भी फायदा मिलता है। डिजिटल ट्रांसफर व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी है और किसानों का भरोसा मजबूत हुआ है। समय पर किस्त मिलने से किसानों को साहूकारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इस बार सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल और पारदर्शी बनाया है। ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है ताकि फर्जी लाभार्थियों को रोका जा सके। जिन किसानों की जानकारी पूरी और सही है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर राशि भेजी जा रही है। ऑनलाइन स्टेटस ट्रैकिंग सुविधा से किसान घर बैठे जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे अनावश्यक दौड़भाग कम हुई है।

किसानों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना बेनिफिशियरी स्टेटस अवश्य जांचें। कई बार आधार नंबर, बैंक डिटेल या भूमि रिकॉर्ड में गड़बड़ी के कारण भुगतान अटक सकता है। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर और ईमेल सुविधा भी उपलब्ध कराई है, ताकि किसी भी समस्या का समाधान समय पर किया जा सके।

क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना:

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के बारे में लगभग सभी जानते हैं। यह भारत सरकार द्वारा कार्यान्वित की गई विभिन्न योजनाओं में से एक है. यह योजना किसानों के लिए लाई गई है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी पीएम किसान योजना के तहत अब तक किसानों को 4 लाख करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। देश भर के किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए यह धनराशि 21 किस्तों में वितरित की गई है। इसकी आधिकारिक घोषणा केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री राम नाथ ठाकुर ने लोकसभा में की थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, करोड़ों किसानों को यह राशि प्राप्त हो चुकी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से फरवरी 2019 में इस योजना का शुभारंभ किया था। यह सहायता कृषि कार्यों के लिए आवश्यक बीज और उर्वरक खरीदने में बहुत उपयोगी है। केंद्रीय क्षेत्र की योजना होने के कारण इसका पूरा खर्च भारत सरकार वहन करती है। इस योजना के तहत, प्रत्येक पात्र किसान को प्रति वर्ष 6,000 रुपये नकद मिलेंगे। यह राशि एकमुश्त नहीं दी जाएगी, बल्कि तीन किस्तों में दी जाएगी। हर चार महीने में एक बार, किसानों के खातों में 2,000 रुपये जमा किए जाएंगे। इस तरह, सरकार ने पूरे वर्ष फसल निवेश के लिए जब भी जरूरत हो, किसानों को धन उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। पहले सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में बिचौलियों की वजह से काफी दिक्कतें आती थीं। इससे बचने के लिए पीएम किसान योजना के लिए एक मजबूत डिजिटल ढांचा तैयार किया गया है। इसके चलते एक भी पैसा इधर-उधर नहीं किया जा रहा है और सीधे लाभार्थी तक पहुंच रहा है.

पीएम मोदी ने की महत्वपूर्ण घोषणा :

लोकसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसान कल्याण उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वे न केवल धनराशि उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसानों को बुवाई के समय धनराशि मिल जाए। इस योजना से देशभर के छोटे और सीमांत किसानों को सबसे अधिक लाभ मिल रहा है। यहां तक कि ग्रामीण स्तर के किसान भी डिजिटल बैंकिंग के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं।

देशभर के करोड़ों किसानों के लिए आज का दिन राहत भरी खबर लेकर आया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी होने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कई लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹2000 की राशि ट्रांसफर भी हो गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल ₹6000 की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। प्रत्येक किस्त ₹2000 की होती है, जो सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाती है। अब 22वीं किस्त की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरकार ने उन किसानों को प्राथमिकता दी है जिन्होंने समय पर ई-केवाईसी पूरी की है और जिनके बैंक खाते आधार से लिंक हैं। इससे भुगतान में पारदर्शिता और तेजी आई है।अगर आप भी इस योजना के लाभार्थी हैं, तो अपने पेमेंट स्टेटस की जांच करना बेहद जरूरी है ताकि आपको पता चल सके कि आपकी किस्त जारी हुई है या नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *