Fake AI: भारत में चैट जीपीटी को अभी आधिकारिक तौर पर लांच नहीं किया गया है लेकिन उससे पहले ही मार्केट में इस नाम से तमाम एप्स मौजूद हैं जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित हैं और इन एप्स की मदद से यूजर्स को धोखाधड़ी का शिकार बनाया जा रहा है लेकिन काफी सारे यूजेस लगातार एप्स को डाउनलोड कर रहे हैं. अगर आप भी AI आधारित इन एप्स को डाउनलोड करते हैं तो इस बात की काफी संभावना है कि आप भी धोखाधड़ी का शिकार हो जाए.
दरअसल चैट जीपीटी की जबसे मार्केट में एंट्री हुई है तब से लेकर अब तक इससे लगातार यूजर्स का जबरदस्त रिस्पांस मिल रहा है. ओपन एआई ने इस टूल को तैयार किया है जिसकी मदद से आप अपने तमाम कामों को अंजाम दे सकते हैं और उन्हें हाई स्पीड में कर सकते हैं. कंटेंट राइटिंग हो या किसी खास सवाल का जवाब हासिल करना हो, चैट जीपीटी आपके हर काम को बड़ी ही आसानी से पूरा करता है. हालांकि लगातार इसे अपडेट किया जा रहा है
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाले नकली एप्स भरे पड़े हैं जिन्हें लोग लगातार डाउनलोड कर रहे हैं लेकिन इनसे धोखाधड़ी का खतरा है और आपका अकाउंट भी पलक झपकते ही खाली हो सकता है. अगर आप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाला कोई भी ऐप डाउनलोड कर रहे हैं तो उससे जुड़ी हुई काफी सारी चीजें आपको देखनी चाहिए और तब जाकर आपको इन्हें डाउनलोड करना चाहिए. अगर आप इन चीजों पर गौर करते हैं तो यकीन मानिए आप खुद को और अपने अकाउंट को सुरक्षित रख सकते हैं. गूगल प्ले स्टोर पर ऐसे कई एप्स मौजूद है जो चैट जीपीटी होने का दावा कर रहे हैं लेकिन असलियत आप सभी को पता है कि अब तक चैट जीपीटी का कोई एप मार्केट में लांच नहीं हुआ है.
ऐसे रख सकते हैं खुद को सुरक्षित
आप जब भी कोई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाला ऐप डाउनलोड करें सबसे पहली चीज आपको गौर करनी है कि आपका लेआउट जरूर चेक करें क्योंकि फर्जी आपका लेआउट भी फर्जी रहता है और देखने में ही आप इसका अंदाजा लगा पाएंगे कि यह असली है या नकली. अगर एप डाउनलोड करने के बाद आप से परमिशन मांगी जा रही है तो आपको सबसे पहले देखना चाहिए कि इन परमिशन की आखिर आपको जरूरत है या नहीं अगर आप की लोकेशन और आपकी गैलरी या आपके कैमरा की परमिशन ऐप द्वारा मांगी जाती है तो इस ऐप को तुरंत ही अनइनस्टॉल कर दें.
