मध्य प्रदेश के साथ-साथ पांच राज्यों में नवंबर और दिसंबर में चुनाव होने जा रहे हैं जिसके चलते आचार संहिता आज दोपहर 12:00 बजे लगाई गई भारत निर्वाचन आयोग ने बुलाई प्रेस कांफ्रेंस और मध्य प्रदेश सहित राजस्थान छत्तीसगढ़ मिजोरम तेलंगाना में होंगे चुनाव वोट और परिणाम की तारीख की भी हुई घोषणा।
मध्य प्रदेश में दिवाली के 5 दिन बाद मतदान होगा यानी सभी 230 सीटों पर एक ही फेस में 17 नवंबर को वोटिंग की जाएगी 3 दिसंबर को नतीजे की घोषणा कर दी जाएगी।
मध्य प्रदेश में चुनाव का शेड्यूल इस प्रकार रहेगा कि नामांकन 21 अक्टूबर से किए जाएंगे।
21 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक नामांकन किए जाएंगे और नामांकन की जांच 31 अक्टूबर को की जाएगी नाम वापसी की दिनांक 2 अक्टूबर रहेगी तथा मतदान 17 नवंबर को होगा और मतगणना 3 दिसंबर को होगी। मध्य प्रदेश में चुनाव की घोषणा होते ही बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही अपनी कमर कस ली है और भाजपा ने आज ही अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है जिसमें रायसेन से स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी का नाम है। और भोपाल में नरेला से श्री विश्वास सारंग का नाम है | गोविंदपुर से श्रीमती कृष्णा गौर का नाम है हुजूर से श्री रामेश्वर शर्मा का नाम है और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम बुदनी सीट से है।
भाजपा द्वारा अपने उम्मीदवारों की सूची जारी आज दिनांक 9 अक्टूबर को कर दी गई परंतु कांग्रेस द्वारा अभी तक उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की गई है।
मध्य प्रदेश के साथ और चार राज्यों में चुनाव होंगे जिनकी दिनांक इस प्रकार होगी छत्तीसगढ़ में चुनाव दो चरण में 7 नवंबर और 17 नवंबर को होंगे तथा राजस्थान में 23 नवंबर को चुनाव होंगे तेलंगाना में 30 नवंबर को और मिजोरम में 7 नवंबर को चुनाव होंगे और सभी स्थानों पर मतगणना 3 दिसंबर को की जाएगी।
विधानसभा चुनाव 2023 में अब कुछ ही समय शेष रह गया है और चुनाव कांग्रेस और बीजेपी ने मध्य प्रदेश की 230 सीटों पर अपने-अपने प्रत्यासों की सूची की घोषणा करने की तैयारी कर ली है साथी बीजेपी ने कांग्रेस से बड़ी मार रखी है सबसे अधिक प्रत्याशी घोषणा भाजपा द्वारा की जा चुकी है अभी कांग्रेस की सूची जारी नहीं हो सकी है कहीं ना कहीं केंद्रीय मंत्री और सांसदों को उतारने के बाद बीजेपी तो उथल-पुथल मची हुई है साथ ही कांग्रेस जजमेंट लगाने में लगी हुई है कि अब हमें करना क्या है हालांकि का स्थान पर भाजपा का दबाव लगातार जारी है कांग्रेस भी पीछे नहीं है और इस बार विधान सभा चुनाव में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है कहीं बात की जाए वही बात की जाए रायसेन की तो रायसेन जिले के चारों विधानसभा की तो भोजपुरी और सांची में भाजपा का दबदबा ज्यादा है वहीं सिलवानी और बेगमगंज में विधानसभा और उदयपुर पूरा बरेली विधानसभा में कांटे की टक्कर का चुनाव देखने को मिलेगा भाजपा ने बरेली उदयपुरा विधानसभा से भाजपा के नेता व पूर्व जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष शिवाजी पटेल के पुत्र और भाजपा के प्रवक्ता नरेंद्र पटेल पर भरोसा जताया है अभी यह सीट कांग्रेस के पास है और देवेंद्र सिंह पटेल गडरवास विधायक हैं देवेंद्र सिंह पटेल ने भाजपा के पूर्व विधायक रामकिशन पटेल को लगभग 46000 वोटो से हराया था और इतनी लंबी लीड के का सामना करना बीजेपी के लिए काफी चुनौती भरा रहेगा हालांकि किरारो ठाकुरों के वोट के साथ-साथ रघुवंशी ब्राह्मणों के वोट भी अधिक मायने रख सकते हैं इसी बीच सिलवानी बेगमगंज विधानसभा में पूर्व मंत्री व विधायक रामपाल सिंह राजपूत और कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देवेंद्र पटेल की पुरानी जोड़ी ही चुनाव लड़ने की संभावना है बता दें कि रामपाल सिंह राजपूत पहले देवेंद्र पटेल से 6000 मतों से ही विजय हुए थे यहां भी लोधी और रघुवंशी और आदिवासियों का वोट अधिक महत्व रखता है अब बात की जाए सांची विधानसभा क्षेत्र की तो प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभु राम चौधरी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे और उपचुनाव में उन्होंने कांग्रेस को के मदन अहिरवार को 64000 वोटो से हराया था वहीं अब प्रभुराम चौधरी का दौरा सांची विधानसभा क्षेत्र में पहले की अपेक्षा अधिक माना जा रहा है और 64000 वोटो की जीत और भाजपा सरकार द्वारा किए गए विकास निर्माण कार्यों नहीं बीजेपी को जीत दिलाई है सरल सहज मिलनसार व्यक्ति व्यक्तित्व के धनी डॉक्टर प्रभुराम चौधरी से जनता काफी खुश है और प्रतिदिन साथी विधानसभा क्षेत्र के विकास और निर्माण कार्य के भूमि पूजन लोकार्पण का कार्य निरंतर जारी है।
