इस बार देश में नवंबर के महीने में सामान्य से कम सर्दी पड़ी। अनुमान है कि दिसंबर भी कुछ ऐसा ही बीतेगा राजस्थान व गुजरात के कुछ हिस्सों को छोड़कर शेष भारत में इस महीने दिन का तापमान सामान्य से एक या दो डिग्री ज्यादा रहने की संभावना है। नवंबर माह में देश में एल नीनो का प्रभाव देखने को मिला था जिसकी वजह से ठंड का एहसास भी नहीं हुआ और पारा लगातार बढ़ता रहा। सामान्य से ज्यादा तापमान रहने की वजह से ठंड भी नहीं पड़ी जिससे कि नवंबर माह बिना ठंड का बीता नवंबर के आखिरी दिनों में पश्चिमी विकशॉप के कारण देश के कई राज्यों में बारिश का दौर शुरू होने से कुछ ठंड में बढ़ोतरी हुई लेकिन सामान्य से कम ही ठंड रही।

इस बार ठंड के पैटर्न में बदलाव होने के दो बड़ी वजह है पहले: की उतरी हिमालय क्षेत्र से एक पश्चिमी विकशॉप गुजर रहा है दूसरा: बंगाल की खाड़ी में एक अवसाद क्षेत्र पैदा हो गया है जो अगले दो-तीन दिन में समुद्री तूफान में बदल जाएगा। इन दोनों की तरफ से नमी के साथ आ रही हवाएं मध्य भारत में टकरा रही है। इससे अगले दो-तीन दिन मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र में गरज चमक के साथ बारिश की संभावना भी जताई गई है। जिसकी वजह से पूरे वातावरण में उथल-पुथल मची हुई है और सामान्य मौसम नहीं है। ऐसे में दिसंबर की शुरुआती तीन-चार दिन बारिश में बीतने के आसार हैं इसके बाद दो हफ्ते दक्षिण भारत को छोड़कर बाकी देश में मौसम साफ रहेगा। इस कारण उत्तर पश्चिम से लेकर पूर्व व मध्य भारत तक के राज्यों में दिन का तापमान 18 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा वहीं सामान्य से एक से दो डिग्री ज्यादा ही होगा।

अगर देश के पहाड़ी राज्यों को छोड़ दे तो भारत में तापमान दो अंको में ही रहने की संभावना जताई गई है सुबह व रात के तापमान में ज्यादा फर्क देखने को नहीं मिलेगा साथ ही सुबह के समय कुछ घंटे के लिए कोहरा छाए रहने के आसार भी हैं। मौसम विभाग की माने तो दिसंबर के आखिरी हफ्ते में पहली बार दिन में भी गर्म कपड़े पहनने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अतः इस बार धीमी धीमी सर्दी ही होगी क्योंकि यह दो कारण पश्चिमी विकशॉप और समुद्री तूफान यानी एल नीनो की वजह से देश के सर्दी के पैटर्न में बदलाव हो चुका है।

देश के मौसम में इस बार रहेगा उलट फेर:-

मौसम विभाग ने शुक्रवार को सर्दी के सीजन का पूर्वानुमान जारी कर दिया है यानी 1 दिसंबर से सीजन में किस तरह सर्दी पड़ेगी। व विभाग ने बता दिया है विभाग ने कहा है कि अगले 3 महीनो में देश के अधिकांश हिस्सों में दिन-रात दोनों का तापमान सामान्य से ज्यादा ही दर्ज होने जा रहा है। कुछ स्थानों पर तो यह चार से पांच डिग्री तक ज्यादा रह सकता है हालांकि उत्तर पश्चिम और मध्य भारत के इलाकों में तापमान सामान्य से नीचे भी दर्ज हो सकता है लेकिन ऐसे दिनों की संख्या अपेक्षाकृत कम ही रहेगी। सर्दी के दौरान इस बार न्यूनतम तापमान का नया रिकॉर्ड टूटेगा ना बनेगा बल्कि दिन के तापमान के नए रिकॉर्ड दर्ज हो सकते हैं।

मौसम विभाग के अनुसार इस बार सर्दी कम पड़ेगी क्योंकि तापमान में एल नीनो का प्रभाव और जलवायु परिवर्तन के कारण सर्दी के पैटर्न में बदलाव हो चुका है एल नीनो सक्रिय चरण में है इससे सर्दी का पैटर्न बदलने के कारण देश में सर्दी कम होगी। प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री तक ज्यादा हो गया है यानी गरम हो गया है इस वजह से समुद्र में चल रही हवाओं के रास्ते और रफ्तार में परिवर्तन आ जाते हैं मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पिछले वर्ष भी दिसंबर में 7 पश्चिम विकशॉप आए थे लेकिन उनमें केवल एक के चलते बारिश व भारी बर्फबारी हुई थी इसका यह असर हुआ था कि 2016 के बाद 2022 का दिसंबर सबसे गर्म महीना दर्ज हुआ था।

इस बार शीत लहर का प्रभाव भी नहीं होगा ताकतवर:-

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कोल्ड डे की संख्या पूरे उत्तर पश्चिमी पूर्वी मध्य और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से कम से कम कर के पांच दिन कम दर्ज होगी। दिसंबर के दौरान एक या दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिमी भारत के हिस्सों में बारिश व बर्फबारी भी कर देंगे। इस बार जलवायु परिवर्तन और एल नीनो के प्रभाव के कारण सर्दी में कमी तो आएगी ही साथ ही दिसंबर में होने वाली शीत लहर भी कम चलेगी और उतनी ताकतवर नहीं रहेगी। जिससे की तापमान सामान्य से ज्यादा ही दर्ज किया जाएगा।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगे की स्थितियां भी ठीक नहीं रहेगी जून में अगले साल तक मौसमी स्थितियां उन दिनों के पॉजिटिव बनी रहने की संभावना है अगस्त या उसके बाद ही एल नीनो के न्यूट्रल फेस में आने के आसार नजर आ रहे हैं वही मौसम विभाग ने बताया है कि अभी के फेरबदर के कारण इसका नतीजा अगले साल के मानसून पर भी देखने को मिलेगा। देश में अभी तक नवंबर के महीने में कम ठंड पड़ी है लेकिन पश्चिम विक्षोभ के कारण हुई बारिश से ठंड बढ़ गई है और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का दौर शुरू हो चुका है। इस बार क्रिसमस और नववर्ष के मौके पर भी अच्छी बर्फबारी होने की संभावना जताई जा रही है ऊपरी कश्मीर में लगातार दो दिनों से बर्फबारी होने के कारण मैदानी हिस्सों में सर्दी बढ़ गई है वहीं भारी हिमपात के चलते जोजिला दर्रे और लद्दाख को जोड़ने वाले मार्ग बंद करने पड़े हैं।

नया चक्रवर्ती तूफान मिचांग हुआ सक्रिय:-

इसी बीच एक नया चक्रवर्ती तूफान में मिचांग देश की बंगाल की खाड़ी में एक्टिव हो गया है जिसका असर दक्षिणी राज्यों में देखने को मिल रहा है कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है चेन्नई में आम जनजीवन अस्त व्यस्त होने की संभावना जताई जा रही है। सरकार ने भारी बारिश के चलते गुरुवार को स्कूल बंद रखने के निर्देश भी दिए थे। वहीं अगले कुछ घंटे में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक ,महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है इसके अलावा जम्मू कश्मीर ,हिमाचल प्रदेश, लद्दाख ,मुजफ्फरनगर और गिलगित, बाल्टिस्तान में बारिश और बर्फबारी की संभावना बताई गई है।

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