देश के सभी राज्यों में अब ठंड में बढ़ोतरी देखी जा रही है। कई राज्यों में शीत लहर भी चलने लगी है जिससे कि तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। सर्द हवाओं के चलने से मौसम ने रफ्तार पकड़ ली है। दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है जहां दिन के समय धूप खिली रहती है तो तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। वहीं रात में सर्द हवाओं के चलने से तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। बीते रात सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई है। वही सुबह-सुबह कोहरा देखने को मिला है जिसके साथ ओस भी पड़ी।

मौसम विभाग की माने तो आने वाले दिनों में उत्तर भारत में एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ की वजह से कई जगह बादल छाए रहेंगे। इन बादलों के कारण फसलों पर कीटों का प्रकोप भी दिखाई देगा। साथ ही मौसम में फिर बदलाव होगा और बादल छाए रहने की वजह से सर्दी फिर से थोड़ी कम हो जाएगी और तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इस मौसम में हो रहे इस बदलाव की वजह से किसानों की चिंता बढ़ती हुई नजर आ रही है क्योंकि इस बदलाव से फसलों को काफी नुकसान हो सकता है।

मौसम के बदलाव से किसानों की चिंता बड़ी:-

मौसम विभाग की माने तो आने वाले दिनों में आसमान में फिर से बादल छाए रहने की संभावना है। यानी मौसम में एक बार फिर से थोड़ा सा बदलाव देखने को मिलेगा और ठंड में कमी आएगी। फिलहाल तो शीत लहर के कारण ठंड में बढ़ोतरी हुई है लेकिन आने वाले दिनों में उत्तर भारत में एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मध्य भारत के राज्यों में बादल छाए रहेंगे जिसकी वजह से तापमान में वृद्धि आएगी। इन बादलों के कारण फसलों में कीटों का प्रकोप भी देखने को मिल सकता है। फसलों में कीटों के प्रकोप से बचने के लिए किसानों को भी सलाह दी गई है। बादल युक्त मौसम होने से कीटों का असर ज्यादा रहेगा। जिस तरह से आसमान पर बादल छाए रहेंगे, उससे चना फसल को इल्लियों से नुकसान होने का सबसे ज्यादा खतरा है।

मौसम पूर्वानुमान की माने तो अभी कुछ दिन तक आसमान पर बादल रहेंगे। इन बादलों के कारण फसलों पर इल्लियां अटैक कर सकती हैं। इसीलिए फसलों को इल्लियों से बचाने के लिए निर्धारित दावायो की छिड़काव की सलाह दी जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अभी 17 दिसंबर तक के पूर्वानुमान के अनुसार बारिश की कोई संभावना नहीं है। यह जरूर है कि आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है जिसमें बादल कभी घने और हल्के हो सकते हैं। इसके अलावा हवा की गति में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं नजर आ रही है।

शीत लहर से तापमान में अचानक हुई गिरावट:-

देश के पहाड़ी राज्यों में हो रही बर्फबारी के चलते मैदानी राज्यों में ठंड बढ़ने लगी है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी होती है जिसकी वजह से वहां की तापमान में बहुत तेजी से गिरावट आती है और जब यह बर्फ पिघलती है तो हवा के साथ ठंडक मैदानी इलाकों में पहुंचती है जो कि शीत लहर के रूप में बदल जाती है और इस शीत लहर की वजह से मैदानी राज्यों में तापमान में तेजी से गिरावट आती है। इसीलिए देश के अन्य राज्यों में अब तेजी से ठंड बढ़ने लगी है दिल्ली में पारा लगातार नीचे जा रहा है वहीं पंजाब ,हरियाणा में भी सुबह के समय कोहरा देखने को मिल रहा है जैसे ही धूप खिलता है यह कोहरा छटने लगता है लेकिन शाम होते ही फिर ओस गिरने की समस्या पैदा हो जाती है और तापमान में भारी गिरावट आ जाती है।

वही उत्तर प्रदेश की बात करें तो आने वाले दिनों में यहां तापमान में और भी तेजी से गिरावट देखने को मिलेगी। जिसका कारण पहाड़ी राज्यों से आ रही शीत लहर को बताया जा रहा है। क्योंकि अभी भी उत्तराखंड ,जम्मू कश्मीर आदि राज्यों में लगातार बर्फबारी हो रही है जिसकी वजह से यहां का तापमान माइनस में जा रहा है और यहां से आने वाली हवाओं से मैदानी राज्यों में ठंड में इजाफा देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग की माने तो दिसंबर के आखिरी दिनों तक 25 दिसंबर और नया वर्ष भी इसी तरह की कड़ाके की ठंड में मनाया जाएगा। पहाड़ी राज्यों में चिल्लाई कलम शुरू हो चुका है जिसमें माइंस में पर चला जाता है और कड़ाके की ठंड पड़ती है। ऐसा मौसम लगभग यहां एक महीने तक रहता है। इसी वजह से देश के अन्य राज्यों में ठंड में बढ़ोतरी देखी जाती है।

मध्य प्रदेश में ठंड में हुई बढ़ोतरी:

मध्य प्रदेश की राजधानी मैं बीते दिन सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। इस दिन न्यूनतम तापमान में एक साथ तीन डिग्री की गिरावट देखी गई हालांकि आने वाले दिनों में फिर से बादल छाने के आसार हैं इससे ठंड कम हो जाएगी लेकिन फसलों में कीटों का प्रकोप बढ़ जाएगा मौसम में लगातार हो रहे बदलाव से कुछ दिनों पहले हुई बारिश के साथ ही कोहरा दिखाई देने लगा था। रात के समय वाहन चलाने में भी परेशानी होने लगी थी। मौसम विभाग की माने तो सोमवार से ही तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। जहां न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया गया वहीं मंगलवार रात को यह तापमान 8.5 डिग्री पर पहुंच गया यानी 12 घंटे में ही 3 डिग्री की गिरावट देखी गई। इसी तरह अधिकतम तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है जैसे की अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री से गिरकर 26 डिग्री दर्ज किया गया है दिन में धूप निकलने की वजह से यह तापमान बढ़ रहा है।

अभी प्रदेश में जो भी हवा चल रही है या हवा का रुख है वह उत्तर और उत्तर पूर्व से चल रही है। उत्तर दिशा से चल रही हवा काफी ठंडी है इसलिए भी सर्दी का असर दिखाई दे रहा है। बुधवार को हवा की गति 5.5 किलोमीटर प्रति घंटा थी बाकी आने वाले दिनों में इसकी गति बढ़ जाएगी। यह 9 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी और ठंड में भी इजाफा देखने को मिलेगा साथ ही तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जाएगी।

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