देश के मौसम में एक बार फिर उलटफेर हो चुका है। मौसम विभाग की वेदर रिपोर्ट के अनुसार , आज यानी 31 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों और उत्तरी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम में यह बदलाव जल्द की ठंड को अलविदा कहा सकता था।

इन राज्यों में ठंड के बीच बारिश का अलर्ट :

मौसम विभाग के अनुसार, 28 जनवरी से 3 फरवरी तक पश्चिमी हिमालय में बारिश हो सकती है। दरअसल हिमालय के ऊपरी क्षेत्र में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो चुके हैं, जिसकी वजह से मौसम में यह उलटफेर देखने को मिलने वाले हैं, जिसका असर उत्तर भारत के सभी राज्यों को पर देखने को मिलेगा। अगले 24 घंटे में उत्तर भारत के सभी राज्यों का मौसम किसी न किसी तरह से बदलता नजर आएगा। जिसका असर उत्तर प्रदेश और बिहार के मौसम में भी देखने को मिलेगा।

भारत के मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 27 जनवरी को एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ा था। जिसके फरवरी के पहले हफ्ते तक पर्वतीय क्षेत्रों में रहने का अनुमान है। ये शक्तिशाली विक्षोभ मध्यम बर्फबारी के साथ-साथ कुछ भारी बारिश और बर्फबारी भी करा सकता है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश समेत दिल्ली, बिहार में 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच बारिश होने की संभावना है, इसका कारण वेस्टर्न डिस्टर्बेंस को बताया गया है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर उत्तर भारत के राज्यों में तो दिखेगा ही साथ-साथ इसका असर मध्य भारत के कुछ राज्यों के कुछ जिलों में भी देखा जा सकता है जहां हल्की से मध्यम बारिश और ठंड बढ़ने के आसार हैं।

देश के पहाड़ों पर बर्फबारी:

मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे में एक पश्चिमी विभोक्ष हिमालय के पश्चिमी भाग पर दस्तक देगा, जिसकी वजह से अगले 5 से 6 दिनों तक जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इस पश्चिमी विभोक्ष का असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों पर भी देखने को मिलेगा, जिसके कारण 31 जनवरी और 1 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश और दिल्ली एनसीआर में बारिश हो सकती है.

विभाग की मानें तो आज यानी 31 जनवरी से लेकर 2 फरवरी 2024 तक जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भारी बारिश तथा बर्फबारी हो सकती है। वहीं, अगले चार दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस बढ़ने की उम्मीद है। पश्चिमी विक्षोभों की वजह से उत्तर भारत के राज्यों में बारिश तथा बर्फबारी जारी रहने का पूर्वानुमान है।जब यह वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर कम हो जायेगा तो मौसम में सुधार के आसार हैं।

कोहरे से यातायात में हो रही दिक्कते:

उत्तर भारत कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे की दोहरी मार झेल रहा है। नए साल की शुरू होते ही देश में घने कोहरे की समस्या शुरू हो गई थी जिसकी वजह से लगातार यातायात में परेशानियों का सामना हो रहा है यात्रियों को घंटो घंटो वेटिंग रूम में इंतजार करना पड़ रहा है। ट्रेन अपने निर्धारित समय से काफी लेट हो रही है उत्तर भारत की ओर जाने और वहां से आने वाली ट्रेन 3 से 4 घंटा लेट चल रही है, जिससे कि यात्रियों को यातायात में दिक्कत हो रही है।

जल्द ही मिलेगी कड़ाके की सर्दी से राहत:

देश में अब ठंड की विदाई का समय नजदीक आ चुका है। धीरे-धीरे शीत लहर और बर्फीली हवाओं का प्रकोप कमजोर होता नजर आने वाला है और यह आज से दिल्ली में देखा भी जाने लगा है। देशवासियों को अब जल्द ही कड़ाके की सर्दी और कोहरे से राहत मिलने के आसार नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अब मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है और धीरे-धीरे तापमान में बढ़त दर्द होने वाली है।

मौसम विभाग के अनुसार फरवरी में भी ठंड देखने को मिल सकती है लेकिन इस ठंड में उतना प्रभाव नहीं होगा। जिस तरह जनवरी में था अब ठंड के जाने का समय नजदीक आ चुका है जिससे कि धीरे-धीरे बर्फीली हवाओं का प्रभाव भी काम होता जाएगा और जैसे ही उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मौसम सुधरेगा वैसे ही मैदानी राज्यों में भी इसका असर साफ देखा जाएगा और ठंड में कमी आएगी वही तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

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