भारतीय मौसम विभाग के अनुसार देश में 17 फरवरी से एक बार फिर मौसम बदलने वाला है आईएमडी ने कहा है कि उत्तर भारत के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने वाली है इसका अहम कारण नया सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ बताया जा रहा है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने वाली है साथ ही हिमालय क्षेत्र के कुछ अलग-अलग हिस्सों में बर्फबारी होने की संभावना भी जताई गई है।
सक्रिय हुआ नया पश्चिमी विक्षोभ :
पहाड़ों पर होगी बर्फबारी शुरू : मौसम विभाग के अनुसार नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 17 फरवरी से 20 फरवरी तक वर्षा और हिम्मत होने की संभावना है। 18 और 20 फरवरी के बीच जम्मू कश्मीर लद्दाख और हिमालय प्रदेश में और 19 और 20 फरवरी के बीच उत्तराखंड प्रदेश में बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है। जिसकी वजह से तापमान में फिर से कुछ गिरावट दर्ज करने को मिलेगी और ठंड में इजाफा होगा बता दें कि अभी ठंड से राहत मिल चुकी है और तापमान लगता धीरे-धीरे पड़ रहा था लेकिन मैं पश्चिमी विक्षोभ की वजह से तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी।
मैदानो में होगी बारिश : मौसम विभाग ने जहां पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी दर दी है वहीं मैदानी इलाकों में भी 19 फरवरी से बाय 21 फरवरी तक तेज बारिश और बर्फबारी होने की संभावना जताई है वहीं 18 से 20 फरवरी के बीच पंजाब में 19 से 20 फरवरी के बीच हरियाणा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 फरवरी को राजस्थान में तेज हवाएं गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है साथ ही ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है।
बता दे के मौसम विभाग ने मध्य भारत में भी हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जताई है मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में यानी 19 से 21 फरवरी के बीच मध्य भारत में भी मौसम का मिजाज बदलता दिखाई देगा जो कि आज से ही कहीं दिखाई देने वाला है। मध्य भारत के राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेगी और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है जिससे की तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट भी दर्ज की जा सकती है लेकिन उसके बाद फिर तापमान में इजाफा दर्ज किया जाएगा।
बर्फबारी की संभावना सैलानियों का उमड़ेगा सैलाब :
हिमालय में फरवरी के महीने के पहले हफ्ते में हुई बर्फबारी ने सभी को रोमांचित कर दिया है किस कारोबारी और पर्यटक से लेकर बागवानी करने वालों के चेहरे खिल उठे हैं यह बर्फबारी सभी लोगों की उम्मीदों को पूरा कर रही है जहां पहाड़ी राज्यों में सर्दी के शुरू होने पर बर्फबारी नहीं हुई जिससे कि सैलानियों की बहुत कम संख्या पहाड़ों पर पहुंची और पर्यटकों के काम आने की वजह से पहाड़ी राज्यों में इस बार स्थानीय लोगों की कमाई पर भी असर पड़ा है लेकिन फरवरी माह के शुरू होते ही शुरू हुई बर्फबारी ने यहां पर पर्यटकों का की संख्या में इजाफा किया है।
हिमाचल प्रदेश में जनवरी और फरवरी के महीने में अभी तक सामान्य से 48 फ्ट कम बारिश हुई है आगामी दिनों में होने वाली बारिश से यह अनुपात सामान्य हो जाएगा तापमान की बात की जाए तो वर्तमान में न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 3 डिग्री ज्यादा चल रहा है। वही मौसम विभाग का कहना है कि नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से यहां का तापमान सामान्य हो जाएगा और एक बार फिर से प्रदेश शीत लहर की चपेट में आ सकता है।
मध्य भारत में मौसम का हाल : मध्य भारत में मौसम के मिजाज की बात करें तो यहां ठंड अब जाने लगी है यही कारण है कि आप दिन के समय ठंड का एहसास नहीं हो रहा है आसमान पर हल्के से मध्य घने बादलों के कारण भी ठंड कम हो गई है पिछले कुछ दिनों से हम हवा भी कम गति से चलने लगी है जिससे की तापमान में बढ़त हुई है जबकि हर एक हफ्ते पहले उत्तर और उत्तर पूर्व दिशा से तेज गति से हवाएं चल रही थी जिससे की ठंडक बढ़ गई थी। अगर यहां के तापमान की बात की जाए तो शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री दर्ज किया गया रात के तापमान में 3 डिग्री तक बढ़ोतरी होगी और यह 15 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।
मध्य भारत में दिखेगा नहीं पश्चिमी विक्षोभ का असर :
मौसम विभाग ने अनुमान जताते हुए बताया है कि नए पश्चिमी विक्षोभ का असर मध्य भारत में भी जल्द ही देखने को मिलेगा यहां दवाओं की रफ्तार में तेजी आएगी और मौसम बदलेगा। हवा 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी जिस फैसले पकाना शुरू हो जाएगी। इस साल फसलों के अनुकूल ही मौसम रहा है। अच्छी बात यह है कि इस बार न्यूनतम तापमान 2 डिग्री या इससे नीचे नहीं गया जिस पाला नहीं पड़ा, जिससे फसलों को नुकसान नहीं हुआ। हर साल पहले से चने की फसल के साथ सब्जियों को भी नुकसान होता था जो इस बार देखने को नहीं मिला है।
