सार :
मौसम विभाग द्वारा इन दिनों देश के लगभग हर राज्य में बारिश की गतिविधियां देखने की संभावना जताई गई है।अब उन राज्यों में भारी बारिश दर्ज हुई जहां प्रचंड गर्मी की शुरुआत हो चुकी थी। ऐसा लगातार सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण देखा जा रहा है। बीते दिन मध्य प्रदेश के कई जिलों में, ओडिशा और छत्तीसगढ के कई हिस्सों में भारी बारिश और कहीं कहीं हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिली। वहीं 12 से 13 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। आईए जानते हैं पूरी ख़बर।
विस्तार :
भारतीय मौसम विभाग ने मौसम पूर्वानुमान जताते हुए बताया कि अगले 24 घंटों में दक्षिणी ओडिशा, पूर्वी असम और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक या दो स्थानों पर भारी बारिश संभव है।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 13 से 15 अप्रैल के बीच उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा 11 से 12 अप्रैल के बीच देश के पहाड़ी राज्यों जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। देश के कुछ राज्यों में हीटवेव की स्थिति देखने को मिल रही है, तो वहीं, उत्तर पूर्वी भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां जारी हैं। राजधानी दिल्ली का मौसम गर्म होने लगा है। इस सप्ताह तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, राहत की बात यह है कि आसपास बारिश होने के कारण राष्ट्रीय राजधानी में लू नहीं चलेगी। वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों पर चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर तक फैला हुआ है।
इन राज्यों में होगी जोरदार बारिश मौसम विभाग ने किया अलर्ट :
मौसम विभाग ने आज दक्षिण-पूर्व राजस्थान समेत गुजरात के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखी जा सकती है। भारतीय मौसम विभाग ने मौसम पूर्वानुमान जताते हुए बताया कि अगले 24 घंटों में दक्षिणी ओडिशा, पूर्वी असम और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक या दो स्थानों पर भारी बारिश संभव है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 13 से 15 अप्रैल के बीच उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा 11 से 12 अप्रैल के बीच देश के पहाड़ी राज्यों जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। दक्षिण-पूर्व राजस्थान से लेकर मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण कोंकण होते हुए तटीय कर्नाटक के उत्तरी हिस्सों तक औसत समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक ट्रफ/हवा का विच्छेदन बना हुआ है।
इसके अलावा राजस्थान में 11 से 15 अप्रैल के बीच बारिश और तूफान संभव है। अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें संभव हैं। पूर्वोत्तर भारत में भी हल्की बारिश हो सकती है। वहीं उत्तरी तेलंगाना और केरल में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अप्रैल के दूसरे हफ़्ते की शुरुआत में भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का प्रभाव देखने को मिलेगा 2 या तीन दिन बाद तापमान 41 डिग्री तक पहुँच सकता है। तो अप्रैल के तीसरे हफ़्ते में दिन का तापमान 42 डिग्री और उसके ऊपर भी पहुँच सकता है
उत्तर भारत में बदलेगा मौसम :
पक्ष्चिमी विच्छोभ का असर उत्तर भारत के राज्यों पर साफ़ देखा जा सकता है। 11 से 12 अप्रैल के बीच देश के पहाड़ी राज्यों जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 13 से 15 अप्रैल के बीच उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा 11 से 12 अप्रैल के बीच देश के पहाड़ी राज्यों जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों पर चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर तक फैला हुआ है।
अप्रैल महीने में कैसा रहेगा मौसम :
पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पाकिस्तान और पंजाब के आसपास के हिस्सों में औसत समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर स्थित है, मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक निम्न दबाव की रेखा बनी हुई है। देश के कुछ राज्यों में हीटवेव की स्थिति देखने को मिल रही है, तो वहीं, उत्तर पूर्वी भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां जारी हैं। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, 12 अप्रैल तक देश की राजधानी में आसमान साफ रहेगा। 13 अप्रैल को गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
अगर अप्रैल महीने के मौसम की बात करें तो पहले हफ़्ते में उत्तर भारत तक रहने वाले बेस्ट डिस्टर्बेंस के प्रभाव के कारण तापमान में उतार चढ़ाव होने की संभावना है। 1 , 2 दिन में तापमान 40 डिग्री के आस पास पहुँच सकता है। इस दौरान बादल छाए रहने और तेज हवाएँ चलने की संभावना है। वही अप्रैल के दूसरे हफ़्ते की शुरुआत में भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का प्रभाव देखने को मिलेगा 2 या तीन दिन बाद तापमान 41 डिग्री तक पहुँच सकता है। तो अप्रैल के तीसरे हफ़्ते में दिन का तापमान 42 डिग्री और उसके ऊपर भी पहुँच सकता है एक या दो दिन लू चलने की संभावना भी है तेज हवाएँ यह एक दो दिन आँधी भी चल सकती है और वहीं अप्रैल के चौथे हफ़्ते में नर तापमान बढ़ने का ट्रेंड पहले दिन से ही शुरू हो सकता है शुरुआती 2 तीन दिन लोग भी चल सकती है दिन का तापमान डिग्री और उससे भी ज़्यादा होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
क्या इस बार जल्दी आएगा मॉनसून :
इस बार देश में मॉनसून जल्द आने की संभावना है। साथ ही भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। हालांकि, अब तक मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से मॉनसून को लेकर पूर्वानुमान जारी नहीं किया गया है। लेकिन मौसम विभाग के वैज्ञानिकों द्वारा सामान्य मॉनसून की बात कही थी। पंजाब में 13 से लेकर 15 तक बारिश की संभवाना जताई है। अधिकांश मौसम मॉडल भूमध्यरेखीय हिंद महासागर पर एक सकारात्मक चरण का सुझाव देते हैं जो प्रशांत क्षेत्र में ला नीना के गठन के साथ मेल खाता है। मौसम विभाग ने आज दक्षिण-पूर्व राजस्थान से लेकर मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण कोंकण होते हुए तटीय कर्नाटक के उत्तरी हिस्सों तक औसत समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक ट्रफ/हवा का विच्छेदन बना हुआ है। मानसून की पृष्ठभूमि में इन घटनाओं का एक साथ अस्तित्व यह दर्शाता है कि ये कारक आमतौर पर जुलाई से सितंबर तक अनुभव की जाने वाली चरम मानसून स्थितियों को बढ़ा सकते हैं।
इस अवधि के दौरान, मानसून का निम्न स्तर, या अवसाद, पश्चिम-उत्तर-पश्चिमी भारत और उत्तरी अरब सागर की ओर एक विस्तारित और स्थिर प्रक्षेप पथ का अनुसरण करने की उम्मीद है। इससे इन क्षेत्रों में वर्षा में वृद्धि का पता चलता है, जो मुख्य रूप से मानसून के मौसम की ऊंचाई के दौरान मानसून के कम होने के कारण होता है।स्काईमेट को दक्षिण, पश्चिम और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में पर्याप्त अच्छी बारिश की उम्मीद है। इसके अनुसार, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के मुख्य मानसून वर्षा आधारित क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा होगी। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के पूर्वी राज्यों में जुलाई और अगस्त के चरम मानसून महीनों के दौरान कम वर्षा होने का अनुमान है।
