सार :
पश्चिमी विक्षोभ के असर से देश में बारिश का दौर चल रहा है। भारतीय मौसम विभाग के मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक 16 अप्रैल और 17 अप्रैल को दिल्ली समेत हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत चंडीगढ़ में आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। साथ ही 18 अप्रैल से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है तो आईए जानते हैं पूरी ख़बर।
विस्तार :
सोमवार को भी हल्की और कहीं कहीं तेज बारिश और तेज हवा चलने का अलर्ट जारी किया था लेकिन जल्द ही मौसम के इस रूप में भी परिवर्तन आने वाला है। सभी राज्यों में धीरे धीरे गर्मी में इजाफा होगा। कुछ दिनों तक गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। फिर नए पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा। अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी हिमालय पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ कुछ भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इसके अलावा असम और मेघालय के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश में बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं 18 अप्रैल को एक और विक्षोभ प्रभावित होगा। इसके कारण एक बार फिर से मौसम करवट बदलेगा। जिसका असर उत्तर भारत समेत अन्य राज्यों में भी देखने को मिलेगा।
भारतीय मौसम विभाग ने मौसम पूर्वानुमान जताते हुए बताया कि अगले 24 घंटों में दक्षिणी ओडिशा, पूर्वी असम और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक या दो स्थानों पर भारी बारिश संभव है। इस पश्चिमी विक्षोभ का असर मध्य भारत के राज्यों में सबसे अधिक देखा गया और अब यह उत्तर भारत में अपना असर दिखा रहा है, लेकिन मध्य भारत में अभी भी इसका असर बना हुआ है। 18 अप्रैल से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है जिसका असर मध्य भारत समेत देश के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने मगंलवार यानी आज भी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में आंधी के साथ बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
आज भी इन राज्यों में बरसेंगे बादल :

आज भी कई राज्यों में मौसम नरम बना हुआ है। कई जगह तेज़ हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कहीं कहीं तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है। भारतीय मौसम विभाग ने मौसम पूर्वानुमान जताते हुए बताया कि अगले 24 घंटों में दक्षिणी ओडिशा, पूर्वी असम और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक या दो स्थानों पर भारी बारिश संभव है। बारिश के साथ ही तेज़ हवाओं के चलने का भी अलर्ट है मौसम विभाग के अनुसार लगभग 40 से 50 km प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं आंधी तूफान चलने की संभावना है। 16 से 17 अप्रैल के बीच उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में हल्की बारिश, गरज, बिजली और तेज़ हवाएँ चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने सोमवार से मगंलवार को भी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में आंधी के साथ बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश की संभावना है।
मध्य भारत के बाद उत्तर भारत में भी बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया है। लगातार दो दिन हुई बारिश ने लोगों को गरमी से राहत दिलाई, और अब मौसम विभाग ने सोमवार को भी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में आंधी के साथ बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश की संभावना है। पहाड़ी राज्यों जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश और बर्फबारी होने से यहां का मौसम सुहावना बना हुआ है। जिससे यह पहाड़ी राज्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। हजारों की संख्या में पर्यटक यहां परिवार के साथ सुहावने मौसम का लुफ़्त उठाने पहुंच रहे हैं।

मध्य प्रदेश में दिन में धूप और शाम से तेज़ हवाओं के साथ हुई बारिश :
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को मौसम के तेवर बदल गए दिनभर तपन रही और तेज धूप से लोगों का बुरा हाल रहा लेकिन शाम को मौसम ने अचानक करवट बदल ली और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई। हवाओं की रफ्तार लगभग 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटा की रही। दिन में धूप निकलने की वजह से दिन के तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई और तापमान 37 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने बताया कि दिन में तापमान ज्यादा होने और हवा में नमी के कारण शाम को गरज चमक वाले बादल बने रहे। इसके बाद कई हिस्सों में गरज चमक के बाद हल्की से मध्यम बारिश भी देखी जाती है। पिछले 5 दिन से मध्य भारत के कई राज्यों में ऐसा ही मौसम देखा जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जब तापमान ज्यादा होता है और वातावरण में नमी मौजूद रहती है तो गलत चमक वाले बादल बन जाते हैं इन्हें सीबी क्लाउड कहते हैं इन्हीं बादलों के कारण तेज बारिश होती है।
एक और पश्चिमी विक्षोभ आने को तैयार :

मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने मौसम पूर्वानुमान जताते हुए एक और नए पश्चिमी विक्षोभ की आशंका जताई है। इसकी अभी स्पष्ट रूप से आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है लेकिन यह संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो-तीन दिन तक मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन उसके बाद 18 अप्रैल से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है जिसका असर मध्य भारत समेत देश के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। बता दें कि अभी इसका स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है कि यह पश्चिमी विक्षोभ कितना ज्यादा स्ट्रांग होगा यदि यह पहले के सिस्टम की तरह स्ट्रांग हुआ तो गरज चमक के साथ बूंदाबांदी की स्थिति बनी रहेगी। यदि आसपास के इलाकों में बूंदाबांदी या बारिश हुई और वातावरण में नमी बनी रही तो 23 अप्रैल और 24 अप्रैल को बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगे। साथ ही हवाओं की रफ्तार भी तेज हो सकती है। मॉडल बेस्ड फोरकास्ट के हिसाब से अभी स्थिति बिल्कुल साफ नहीं हुई है लेकिन आने वाले दिनों में मौसम विभाग के द्वारा इस नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस की पूरी जानकारी जल्द ही दे दी जाएगी।
इस बार जल्द आएगा मॉनसून और लंबी चलेगी बारिश :
इस बार देश में मॉनसून जल्द आने की संभावना है। साथ ही भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। हालांकि, अब तक मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से मॉनसून को लेकर पूर्वानुमान जारी नहीं किया गया है। लेकिन मौसम विभाग के वैज्ञानिकों द्वारा सामान्य मॉनसून की बात कही थी। पंजाब में 13 से लेकर 15 तक बारिश की संभवाना जताई है। अधिकांश मौसम मॉडल भूमध्यरेखीय हिंद महासागर पर एक सकारात्मक चरण का सुझाव देते हैं जो प्रशांत क्षेत्र में ला नीना के गठन के साथ मेल खाता है। मौसम विभाग ने आज दक्षिण-पूर्व राजस्थान से लेकर मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण कोंकण होते हुए तटीय कर्नाटक के उत्तरी हिस्सों तक औसत समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक ट्रफ/हवा का विच्छेदन बना हुआ है।
मध्य प्रदेश में भी इस बार मानसून के मेहरबान होने की संभावना जताई जा रही है। जून से सितंबर तक सामान्य से ज्यादा बारिश होने के आसार जताए गए हैं। मौसम विभाग केंद्र के वैज्ञानिको द्वारा बताया गया कि इस बार भोपाल संभाग के इलाके में ज्यादा बारिश होने की संभावना है। साथ ही उज्जैन, इंदौर ,नर्मदा पुरम, ग्वालियर, चंबल संभागों में सामान्य से ज्यादा बारिश की संभावना है इन संभागों में 104% से 106 प्रतिशत तक बारिश हो सकती है।
