सार :
देश में 18 अप्रैल से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है। जिसका असर साफ- साफ सभी राज्यों में दिखाई देने लगा है। इस पश्चिमी विक्षोभ का असर 18 अप्रैल से 22 अप्रैल तक देखा जायगा। इस बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग समय पर कभी हल्की से माध्यम बारिश तो कहीं बर्फबारी तो कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश देखने को मिलेगी। आज 20 अप्रैल को मध्य भारत समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ कास असर बारिश केरूप में और तेज हवाओं केरूप में देखने को मिलेगा। आईए जानते हैं पूरी ख़बर विस्तार में।
विस्तार :
देश में गर्मी का मौसम शुरु हो चुका है लेकिन लगातार आ रहे नए नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण गर्मी में बारिश का दौर शुरू हो चुका है। इसके चलते लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। कल यानि 18 अप्रैल से देश में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसका असर आज से अच्छी तरह देखने को मिलेगा। यह प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण मध्य पाकिस्तान और पंजाब के ऊपर बना हुआ है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कुछ इसी तरह का मौसम रहने की संभावना जताई है। यानि अप्रैल में कहीं बारिश देखने को मिलेगी तो कहीं धूप और गर्मी का टॉर्चर। 18 अप्रैल से कई राज्यों जहां नए पश्चिमी विक्षोभ का असर होगा वहां आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहने और तेज़ हवाओं के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार हैं। मौसम में बदलाव कल शाम से ही देखने को मिलने लगा है।
इस नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 18 से 22 अप्रैल के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। और इसका असर देखने को मिल रहा है ताज़ा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण 18 से 22 अप्रैल के बीच पश्चिमी हिमालय पर गरज, बिजली और तेज़ हवाओं लगभग 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी संभव है। वहीं यह ताजा वेस्टर्न डिस्टरबेंस 22 अप्रैल से उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा।
आज से चलेगा झमाझम बारिश का दौर :
देश के मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कहीं बारिश और तूफान की स्थितियां बनी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के इलाकों पर है। मौसम विभाग ने आज भी कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बता दें कि यह प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण मध्य पाकिस्तान और पंजाब के ऊपर बना हुआ है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों असम , सिक्किम के मध्य भागों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। आज इन राज्यों में मौसम नर्म बना रहेगा मौसम में बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेगी। वहीं एक ट्रफ लाइन उत्तर-पश्चिम बिहार से मध्य असम पर बने चक्रवाती परिसंचरण तक फैला हुआ है। वहीं ताजा वेस्टर्न डिस्टरबेंस 22 अप्रैल से उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। और मध्य भारत के राज्यों में भी आसमान में बादल छाए रहेंगे साथ ही कुछ हिस्सों में तेज़ हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेगी।

इन राज्यों में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी तूफान का किया एलर्ट :
भारतीय मौसम विभाग ने मौसम का पूर्वानुमान जताते हुए मध्य भारत और उत्तर भारत में तो मौसम का मिजाज नर्म बताया ही है साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां का एलर्ट जारी किया है। आज यानि 20 अप्रैल को जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड में तूफान, बारिश और बर्फबारी का अलर्ट है। वहीं मैदानी इलाकों पंजाब और हरियाणा में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस बीच तेज़ हवाओं के 30 से 40 km प्रति घंटे की रफ्तार से चलने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा सौराष्ट्र, कच्छ और बिहार में लू चलने की आशंका है। वहीं इस ताजा वेस्टर्न डिस्टरबेंस से 22 अप्रैल से उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा।
बीते दिन शाम से मौसम में बदलाव देखा गया और आज सुबह से बादल छाए हुए हैं। इस नए पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव मध्य भारत समेत देश के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। अरुणाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी होने की आशंका है। इसके अलावा बिहार, गुजरात और पश्चिम बंगाल में लू का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 20 अप्रैल को आसमान में बादल छाए रहेंगे और 21 अप्रैल को तेज सतही हवाएं चलने के आसार हैं। इसके बाद एक बार फिर 22 अप्रैल को आंधी और बारिश होगी। हालांकि 23 और 24 अप्रैल को मौसम सामान्य हो जाएगा।
कैसा रहेगा राजधानी दिल्ली का मौसम ?
राजधानी दिल्ली के मौसम की बात करें तो आज यानी 19 अप्रैल को आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहने और तेज़ हवाओं के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार जताए गए हैं। मौसम में बदलाव कल शाम से ही देखने को मिलने लगा है। दिल्ली का अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. वहीं न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। वहीं, 20 अप्रैल को आसमान में बादल छाए रहेंगे और 21 अप्रैल को तेज सतही हवाएं चलने के आसार हैं। इसके बाद एक बार फिर 22 अप्रैल को आंधी और बारिश होगी। हालांकि 24 अप्रैल तक मौसम सामान्य हो जाएगा और गर्मी बढ़ने लगेगी। आज यानि 20 अप्रैल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी संभव है।
पहाड़ी राज्यों का फिर बदलेगा मौसम :
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 18 अप्रैल से भारत के पहाड़ी राज्यों जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड में तूफान, बिजली और तेज़ हवाओं के साथ बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं मैदानी राज्य राजस्थान में आज आंधी के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेगी। आज भी बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी इस पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ दिखाई देगा जहां हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं घाटी में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। वही उत्तर भारत के मैदानी राज्यों यूपी, बिहार के कुछ जिलों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेगी। भारत के पहाड़ी राज्यों जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड में तूफान, बिजली और तेज़ हवाओं के साथ बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं मैदानी राज्य राजस्थान में आज आंधी के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेगी।
कब शुरू हो जायेगी प्रचंड गर्मी :
वैसे तो देश में गर्मी की शुरुआत हो चुकी है लेकिन बार बार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और लोगों को गर्मी से राहत मिलने लगी है। लेकिन मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 22 और कहीं कहीं 24 अप्रैल तक इस नए पश्चिमी विक्षोभ का असर ख़त्म हो जायेगा, तब देश के सभी राज्यों में एक बार फिर तेज़ गरमी पढ़ने लगेगी और लू चलने की भी चेतावनी है। तब तक लोगों को राहत है। मौसम विभाग का कहना है कि मध्य भारत और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में 22 अप्रैल तक इस पश्चिमी विक्षोभ का असर कम हो जायगा और धीरे धीरे तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।
बता दें कि मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर राज्यों और पहाड़ों पर 23 से 24 अप्रैल के बीच इस नए पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने की बात कही है उन्होंने मौसम का पूर्वानुमान जताते हुए बताया है कि 24 अप्रैल तक नहीं पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त हो जाएगा और फिर तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा और गर्मी दस्तक दे देगी। लेकिन इससे पहले इन सभी राज्यों में बारिश के साथ साथ बिजली चमकने ,तेज़ हवाओं के चलने और बर्फबारी की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
