सार :
देश में गर्मी ने रिकॉर्डतोड़ दिया है आधे से ज्यादा राज्य एल की चपेट में आ रहे हैं। लगभग सभी राज्यों में सामान्य से ज्यादा गर्मी पढ़ रही है। तापमान रिकॉर्ड तोड़ रहा है। बीते दिन मध्य प्रदेश में तापमान ने अब तक का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां तापमान 45 डिग्री से भी ज्यादा दर्ज किया गया। सूरज के आग उगलने से दिन के समय बाजार, सार्वजनिक स्थल सूने पड़े रहे। बता दे की मौसम विभाग ने मौसम पूर्वानुमान जताते हुए चेतावनी दी है की मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार में अगले 5 दिनों तक भीषण गर्मी पढ़ने की संभावना है। तो आईए जानते हैं पूरी ख़बर विस्तार में।
विस्तार :
देश के सभी राज्यों में प्रचंड गर्मी का प्रकोप देखा जा रहा है। लगभग सभी राज्यों में सामान्य से ज्यादा गर्मी पढ़ रही है। तापमान रिकॉर्ड तोड़ रहा है। बीते दिन मध्य प्रदेश में तापमान ने अब तक का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां तापमान 45 डिग्री से भी ज्यादा दर्ज किया गया। उत्तर भारत के कई राज्य इन दिनों लू की चपेट में हैं. मौसम विभाग की मानें तो 22 मई को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हीटवेव का दौर जारी रहेगा। वहीं केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हाल ही में मौसम विभाग द्वारा आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी में तूफान के आने की चेतावनी दी गई है। जिससे जल्द ही मौसम में बड़ा बदलाव देखा जाएगा। लेकिन देश के उत्तर भारत के अधिकतर राज्यों में इसका असर देखा जाएगा या नहीं इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है।
राजधानी दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम :
देश की राजधानी दिल्ली में गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखा शुरू कर दिया है| मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में इस हफ्ते तापमान 44 के पार जाएगा और तेज़ व गर्म सतही हवाएं चलने की संभावना है, जिससे ‘लू’ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यहां का तापमान अपने चरम पर पहुंच चुका है। दिल्ली का न्युनतम तापमान 37 डिग्री पहुंच गया है तो वहीं अधिकतम तापमान 46 के पार हो गया है। उत्तर भारत के कई राज्य इन दिनों लू की चपेट में हैं. मौसम विभाग की मानें तो 22 मई को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हीटवेव का दौर जारी रहेगा। हालात यह बन चुके हैं की मौसम विभाग ने लोगों को दिन के समय सावधानी बरतने की हिदायत तक दे डाली है।
मध्य प्रदेश में तापमाम पहुंचा चरम पर, हुई बारिश :
पाकिस्तान और उत्तर भारत से आ रही गर्म हवाओं से मध्य प्रदेश रविवार को भट्टी की तरह तप तो वही सोमवार को भी तापमान में रिकॉर्ड तोड़ डाले। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में तापमान 44.7 डिग्री रहा सीजनमें पहली बार ऐसा हुआ है जब राजधानी में दिनका तापमान देख 44 डिग्री तक दर्ज किया गया वहीं दतिया प्रदेश का सबसे गर्म और देश में तीसरा सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया यहां का तापमान 47.5 डिग्री तक पहुंच गया जिससे सूरज ने आज पर और लोगोंका घरोंसे बाहर निकलना दुश्वार हो गया सार्वजनिक स्थल, बाजार आदि सभी जगह सूनापन रहा। बता दे की मौसम विभाग ने मौसम पूर्वानुमान जताते हुए चेतावनी दी है की मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार में अगले 5 दिनों तक भीषण गर्मी पढ़ने की संभावना है। वहीं इन राज्यों में लू चलने का भी रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।
मध्यप्रदेश के पांच शहरों छिंदवाड़ा, शिवनी, नर्मदापुरम ,पचमढ़ी और मलाजखंड को छोड़कर सभी जगह तापमान 40 डिग्री के ऊपर ही रहा। छतरपुर, गुना ,ग्वालियर ,धार ,रतलाम इन जगह तो लू चलने की भी चेतावनी जारी कर दी गई है वहीं आने वाले दो दिन में भोपाल में सभी लू जैसी स्थितियां पैदा हो रही हैं। लोगों को घरों से बाहर निकलने पर सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। देश में भीषण गर्मी का दौरा जारी है। मगंलवार को देश के 18 सबसे गर्म शहरों में मध्य प्रदेश के आठ शहर शामिल है। जिनमें उज्जैन, रतलाम, दतिया, शिवपुरी, खजुराहो ग्वालियर, नौगांव और गुना शामिल रहे। निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर में भी तापमान 45.9 डिग्री दर्ज किया गया। जिसके साथ यह प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा।
बंगाल की खाड़ी में आए मॉनसून से बिगड़ेगा देश का मौसम ?

मई का महीना चक्रवातों का महीना कहलाता है इस महीने मे महासागरों में कई चक्रवात पैदा होते हैं जिसके चलते देश के मौसम में आंधी तूफान जैसी स्थितियां पैदा होती है और बारिश की गतिविधियां देखी जाती है, इसे प्री मानसून भी कहा जाता है। वही बंगाल की खाड़ी में भी एक लो प्रेशर एरिया चक्रवर्ती परिसंचरण के रूप में बन रहा है। जिसका असर भारत के तटवर्ती राज्यों के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी देखा जाने वाला है लेकिन अभी मौसम विभाग द्वारा इसके प्रबल होने की संभावना पूरी तरह से साफ नहीं की गई है। लक्षद्वीप द्वीप समूह और अरब सागर के दक्षिण-पूर्व हिस्से पर एक सघन चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इस प्रणाली के आज 22 मई को केरल के समुद्र तट के करीब आने की उम्मीद है। एक दिन बाद मौसम प्रणाली के केरल के दक्षिण में और आसपास के समुद्र के पूर्व की ओर बढ़ने की संभावना है। यह मौसम प्रणाली केरल और माहे के पास चक्कर काटती रहेगी, जिससे इन दोनों के क्षेत्रों के मौसम पर गहरा असर होगा।
अगले 3-4 दिनों में केरल और लक्षद्वीप द्वीप समूह में बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। केरल में भारी बारिश की संभावना है, तो दूसरी ओर तटीय तमिलनाडु और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर भी एक और चक्रवाती परिसंचरण है। बंगाल की खाड़ी पर परिसंचरण कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल जाएगा और केरल तट पर हवा की धारा मजबूत करने के आसार हैं। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से केरल के कई हिस्सों में अलग-अलग समय पर लगातार और भारी बारिश हो सकती है। जो इस सप्ताह के आखिर तक जारी रह सकती है। इन दोनों प्रणालियों से जुड़ने वाली पूर्व-पश्चिम ट्रफ़ रेखा भी इस क्षेत्र में मौसम की गतिविधि को बढ़ा रही है।
जानिए आपके राज्य में मॉनसून कब देगा दस्तक ?
देश में अल नीनो प्रणाली कमजोर हो रही है और ला नीना स्थितियां सक्रिय हो रही हैं, जो इस साल अच्छे मॉनसून के लिए अनुकूल है। केरल में मानसून आने की सामान्य तिथि एक जून होती है। लेकिन भारतीय मौसम विभाग ने मॉनसून को लेकर बड़ी अपडेट दी थी, मौसम विभाग ने मानसून पूर्वानुमान को लेकर बताया कि तिथि में चार दिन कम या ज्यादा होने की संभावना है। देश के 10 राज्यों में हीटवेव की स्थिति यहां पैदा हो चुकी हैं। इस बीच रविवार को दक्षिण पश्चिम मॉनसून ने देश के सबसे दक्षिण हिस्से अंडमान निकोबार में दस्तक दे दी है। मानसून के यहां पहुंचने की सामान्य तिथि 21 में होती है, लेकिन यहां मानसून दो दिन पहले ही पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण बंगाल की खड़ी दक्षिण अंडमान सागर से मालदीप की कुछ हिस्सों और कोमोरिन इलाके में मानसून ने बादल छा गए हैं यहां अगले चार-पांच दिनों में बारिश शुरूहो जाएगी पिछले साल भी मानसून ने अंडमान कुमार दीप समूह में 19 मई को को ही दस्तक दे दी थी लेकिन केरल में मानसून 7 दिन की देरी से 8 जून को पहुंचा था। इस साल इसके 31 में को केरल में पहुंचने की भविष्यवाणी की गई है।
