सार :
बंगाल की खाड़ी में आया रेमल तूफान कई दिनों से खूब तबाही मचा रहा है। तूफान से देश के कई राज्य प्रभावित हुए हैं। पश्चिम बंगाल उड़ीसा और पूर्वी राज्य इतने प्रभावित हुए हैं कि यहां आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है एवं कई राज्यों में बाढ़ आने के कारण जान माल की काफी हानि भी हुई है। इस तूफान की वजह से मानसून भी प्रभावित हुआ है। जिससे यह एक दिन जल्दी देश में प्रवेश कर चुका है। साथ ही केरल में प्रवेश करने के साथ देश के पूर्वी राज्यों में भी प्रवेश कर चुका है। हालत यह हो गए हैं कि पूर्वी राज्यों में भारी बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ गए और बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा हो गई। आईए जानते हैं आगे की पूरी खबर विस्तार में।
विस्तार :
देश में अलग-अलग भौगोलिक स्थितियों के चलते अलग-अलग मौसम देखने को मिलते हैं। देश में मई के महीने में प्री मानसून की घटनाएं देखी जाती है। वही यह महीना “चक्रवातों का महीना” भी माना जाता है। इस महीने में बंगाल की खाड़ी समेत अन्य महासागरों में चक्रवात उठते हैं जिसका असर साफ-साफ देश में देखा जा सकता है। इन घटनाओं को ही प्री मानसून की घटनाएं कहा जाता है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस मानसून यह सीजन में बंगाल की खाड़ी में यह पहला चक्रवाती तूफान है। बता दें कि यह सभी प्री मानसून की घटनाएं मानसून के आने से पहले घटित होती है। बंगाल की खाड़ी में उठा यह तूफान आगे बढ़ते हुए भारत के तटवर्ती राज्यों को प्रभावित करता हुआ पूर्वी राज्यों में पहुंच गया। यहां इस मानसून प्री मानसून चक्रवात ने भारी वर्षा कराई, जिसके चलते सभी नदी नाले उफान पर आ गए और हालात ऐसे बन गए की कई गांव बाढ़ के डर से खाली करवाने पड़े तो कई जगह बाढ़ आ गई। जिससे जानमाल की हानि हुई इसके चलते केंद्र सरकार द्वारा इन बाढ़ प्रभावित राज्यों में मदद भेजी गई और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
तूफान रेमल के बाद नॉर्थ ईस्ट में शुरू हुआ बारिश का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण सबसे बुरी हालात मणिपुर की है। जहां 8 से ज्यादा जिलों में 50 हज़ार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं इंफाल नदी और नैमूल नदी उफान पर है जलस्तर बढ़ाने के कारण इंफाल नदी का पानी शहरों में घुसने लगा है। इंफाल में कई सरकारी दफ्तरों, बस स्टैंड, मुख्य बाजारों के अलावा खेल स्टेडियम में भी पानी भर गया है। हालात को काबू करने के लिए सेना को बुलाया गया है। असम राइफल के जवानों ने इंफाल शहर में बाढ़ में फंसे लगभग 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है।
बंगाल की खाड़ी से उठा था रेमल चक्रवात :
22 मई को बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र रेमल तूफ़ान में बदल गया। जिसकी वजह से लगातार बारिश की गतिविधियां देखने को मिल नहीं है और नॉर्थईस्ट के छह राज्यों में बाढ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। जिससे आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है पिछले दो दिनों से जारी बारिश के चलते अधिकांश नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं कई स्थानों पर बाढ़ और भूस्खलन के चलते अब तक 43 से ज्यादा लोगों की मौत की खबरें भी सामने आई है। बता दें कि बंगाल की खाड़ी में आए तूफ़ान रेमल की वजह से मानसून में डिसबैलेंस नजर आया और केरल के साथ-साथ मानसून ने पूर्वी राज्यों की तरफ भी रुख कर लिया है जिसके चलते 30 मई से केरल में तो बारिश की गतिविधियां देखी जा रही है
उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और पूर्वी राज्य हुए प्रभावित :

बंगाल की खाड़ी में आए तूफ़ान ने नॉर्थ ईस्ट के राज्यों को प्रभावित किया है। सिक्किम में तीस्ता नदी तूफान पर चल रही है जबरदस्त बारिश के कारण यह खतरे के निशान से ऊपर बह रही है सिक्किम में तीस्ता नदी तलहटी में रहने वाले नागरिकों के लिए सुरक्षित स्थानों पर जाने का अलर्ट जारी किया गया है वही नागालैंड में बारिश से कई जिलों में तबाही जैसा आलम देखने को मिल रहा है जान और माल की भारी हानि भी हो रही है। असम राइफल के जवानों ने इंफाल शहर में बाढ़ में फंसे लगभग 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। इंफाल नदी और नैमूल नदी उफान पर है जलस्तर बढ़ाने के कारण इंफाल नदी का पानी शहरों में घुसने लगा है। इंफाल में कई सरकारी दफ्तरों, बस स्टैंड, मुख्य बाजारों के अलावा खेल स्टेडियम में भी पानी भर गया है। हालात को काबू करने के लिए सेना को बुलाया गया है। असम राइफल के जवानों ने इंफाल शहर में बाढ़ में फंसे लगभग 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है।
इस बार मानसून केरल के साथ-साथ नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में भी प्रवेश कर चुका है। इसका एक अहम कारण बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न रमल तूफान को भी बताया जा रहा जिसकी वजह से लगातार बारिश की गतिविधियां देखने को मिल नहीं है और नॉर्थईस्ट के छह राज्यों में बाढ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। जिससे आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है पिछले दो दिनों से जारी बारिश के चलते अधिकांश नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं कई स्थानों पर बाढ़ और भूस्खलन के चलते अब तक 43 से ज्यादा लोगों की मौत की खबरें भी सामने आई है इंफाल में स्कूल और कॉलेजों को बंद कर दिया गया था। वही यहां भारी बारिश के चलते लगभग 4000 लोग प्रभावित हुए हैं। असम में 10 जिलों में भारी कर डिलीट जारी किया गया है तो वही नदियों के उफान पर चलने से कई गांवों को खाली कराया गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
रेमल चक्रवात ने मॉनसून को किया प्रभावित :

बंगाल की खाड़ी में आए तूफ़ान रेमल की वजह से मानसून में डिसबैलेंस नजर आया है। मानसून ने केरल के रास्ते देश में 30 मई को ही प्रवेश कर लिया है। लेकिन इस बार मानसून ने सिर्फ केरल के रास्ते ही प्रदेश में प्रवेश नहीं किया है। इसने पूर्वी राज्यों के जरिए भी देश में प्रवेश किया है। केरल के साथ-साथ मानसून ने पूर्वी राज्यों की तरफ भी रुख कर लिया है जिसके चलते 30 मई से केरल में तो बारिश की गतिविधियां देखी जा रही है साथ ही पूर्वी राज्यों में भी भीषण बारिश देखी जा रही है।
सरकार ने बाढ़ प्रभावित राज्यों में भेजी मदद :
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि दुर्भाग्य से, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में चक्रवात ‘रेमल’ के बाद प्राकृतिक आपदाएं आई हैं। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जो वहां प्रभावित हुए हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है और स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। हालात को काबू करने के लिए सेना को बुलाया गया है। असम राइफल के जवानों ने इंफाल शहर में बाढ़ में फंसे लगभग 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि असम, त्रिपुरा, मणिपुर, मेघालय और मिजोरम में चक्रवात रेमल के कारण उत्पन्न प्राकृतिक आपदाओं के बारे में बहुत चिंतित हूं।
