सार :

देश मैं दक्षिण पश्चिम मानसून ने एंट्री ले ली है। आधे भारत को मानसून ने अपने कब्जे में ले लिया है। जिससे इन राज्यों का मौसम सुहावना हो गया है और जमकर मानसून की बारिश हो रही है तो वही उत्तर भारत में मौसम के हालत बेहाल है। यहां गर्मी से लोगों का बुरा हाल है। तापमान फिर से 45 से 46 डिग्री के बीच आ गया है। जिन राज्यों में मानसून ने अभी एंट्री नहीं ली है, वहां गर्मी अपना प्रचंड रूप दिखा रही है। फिलहाल अभी देश में दो अलग-अलग मौसम देखने को मिल रहे हैं लेकिन इस महीने में भारतके सभी राज्यों में मानसून अपना कब्जा कर लेगा जिससे भीषण गर्मी से राहत मिल जाएगी। आईए जानते हैं मौसम की पूरी खबर विस्तार में।

विस्तार :

दिल्ली हो, यूपी हो या फिर मध्य प्रदेश सभी जगह लोग गर्मी से बेहाल हो गए हैं। उत्तर प्रदेश के भी कई जिलों में प्रचंड गर्मी के साथ ही लू का भी सितम झेलना पड़ रहा है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले चार पांच दिन तक लू से किसी भी तरह की राहत नहीं मिलने वाली है। बता दे कि इन राज्यों में अभी मानसून ने दस्तक नहीं दी है जिसकी वजह से यहां अभी भी लोगों को भीषण गर्मी की मार झेलनी पड़ रही है। देश में दक्षिण राज्यों के रास्ते दक्षिण पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। यह महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ तक पहुंच चुका है। जिससे इन राज्यों का मौसम सुहावना हो गया है और इन्हें भीषण गर्मी से राहत मिल चुकी है। इस सप्ताह के दौरान उत्तर भारत के मैदानी इलाके गर्मी की चपेट में रहेंगे। वहीं, कुछ इलाकों में भीषण हीटवेव का असर होगा। इस भीषण और चिलचिलाती गर्मी से तुरंत राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। जहां अभी मानसून ने प्रवेश नहीं किया है और प्री मानसून वर्षा की गतिविधियां नहीं हो रही है वहां अभी भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है।

भारतीय मौसम विभाग ने 13 जून तक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार और झारखंड में लू का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा मॉनसून कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों में, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ, तेलंगाना, आंध्र के अधिक हिस्सों में, 3-4 दिनों में पूरे कर्नाटक और तटीय आंध्र प्रदेश में पहुंचने की संभावना है। वहीं महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, अरुणाचल प्रदेश, उप-हिमालय पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों पर एक चक्रवाती परिसंचरण का क्षेत्र बना हुआ है, तो वहीं दक्षिण गुजरात के पश्चिमी हिस्से के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है इन चक्रवाती परिसंचरण की वजह से इन राज्यों में बारिश जैसा माहौल बन गया है। जल्द ही यह मध्य प्रदेश, गुजरात में एंट्री ले लेगा।

वापस लौटी भीषण गर्मी, लू की चेताबनी :

देशभर के कई हिस्सों में भले ही मॉनसून ने दस्तक दे दी है लेकिन फिर भी अभी देश के कुछ हिस्से सूरज की तपन से तप रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों ने दिन के समय घरों से बाहर निकलना बंद कर दिया है। दिल्ली हो या यूपी दोनों ही राज्यों में मॉनसून पहुंचने में अभी दो हफ्तों से ज्यादा का वक्त लगता है। ऐसे में इन दो हफ्तों में गर्मी और लू अपने तेवर दिखाने में कोई कमी नहीं छोड़ रही है। उत्तर भारत के राज्यों बिहार में 11 जून को लू चलने का अनुमान है, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 जून से 14 जून तक यही मौसम रहेगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 13 जून और 14 जून को लू चलेगी। वहीं राजधानी दिल्ली, जम्मू, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, झारखंड और ओडिशा में आने वाले चार दिनों में लू से राहत मिलने की संभावना नहीं है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों पर एक चक्रवाती परिसंचरण का क्षेत्र बना हुआ है लेकिन मौसम विभाग ने राजस्थान में भी 12 से 13 जून तक लू चलने की चेतावनी दी गई है।

वहीं भारतीय मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में बुधवार यानि आज प्री मानसून में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में हवा की रफ्तार भी 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। मध्य प्रदेश के रीवा में पिछले 24 घंटे में राज्य का सबसे अधिक तापमान 44.6 डिग्री दर्ज किया गया है। उत्तर पश्चिमी शुष्क हवाओं का असर गंगा के मैदानी भागों में होता रहेगा, जब बंगाल की खाड़ी से मॉनसून वाली हवाएं आना शुरू होंगी तब मौसम में थोड़ा बदलाव हो सकता है। उत्तर प्रदेश में 20 जून के बाद मॉनसून की एंट्री होने की संभावना है, तब तक लोगों को इसी तरह गर्मी की मार झेलनी पड़ेगी। मौसम विभाग ने अब इन राज्यों के कई जिलों के लिए बारिश की चेतावनी जारी कर दी है। मॉनसून की एंट्री से पहले ही इन राज्यों में प्री मानसून बारिश होने लगी है।

इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट :

देश में कोई एक जैसा मौसम देखने को नहीं मिल रहा है कहीं भारी वर्षा होने से बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा हो गई है तो कहीं भीषण गर्मी लोगों की जिंदगी हैरान परेशान हो गई है। जहां एक ओर उत्तर भारत के कई राज्य प्रचंड गर्मी और लू का सामना कर रहे हैं, वहीं दक्षिण और पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर चल रहा है। पूर्वोत्तर भारत, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही, दक्षिण ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, दक्षिण गुजरात, और दक्षिण-पूर्व राजस्थान में हल्की बारिश की संभावना है। चार दिनों तक पूर्वी भारत और उत्तर-पश्चिम में तीव्र गर्मी की स्थिति की भविष्यवाणी की है। इसके अलावा, आज मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गोवा, कोंकण, तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। मानसून की उत्तरी सीमा और चक्रवाती परिसंचरण की मौजूदा स्थिति से आगामी दिनों में भी विभिन्न प्रकार की मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। अगले सात दिनों के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज, बिजली और तेज़ हवाओं के साथ हल्की, मध्यम बारिश होने की संभावना है।

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