देश के राजस्थान ,गुजरात ,मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। पोस्ट मानसून बारिश कहे या बंगाल की खाड़ी से आए वेदर सिस्टम का इफेक्ट कहे ,दोनों ने ही राज्यों में भारी बारिश करवाई है और अभी भी कहर जारी है। इन राज्यों के निचले हिस्सों में और कई जगह पानी भराव की समस्या पैदा हो गई है जिसके चलते आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वही राजस्थान के 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर चुके मौसम विभाग ने बताया कि अभी भी बारिश का खतरा टला नहीं है 25 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

वही बारिश के चलते एमपी से होकर मुंबई जाने वाली 7 ट्रेनें प्रभावित हुई है। कई जगह पटरिया धस चुकी हैं और मेंटेनेंस का काम जारी है। जिससे कि ट्रेन प्रभावित हो रही है और कई ट्रेनें 6 से 8 घंटे तक लेट चल रही है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है की बारिश का यह दौर राजस्थान में आज और जारी रह रहेगा और 19 सितंबर से इसमें थोड़ी कमी आएगी और मौसम साफ होने लगेगा। लेकिन पूरा मौसम साफ होते-होते 25 सितंबर तक का वक्त लग सकता।

मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन चुकी है भारी बारिश के कारण रतलाम रेल सेक्शन पर कई जगह पानी भर गया है यहां से होकर गुजरने वाली ट्रेनों को रद्द करना पड़ गया। राजस्थान से मुंबई जाने वाली ट्रेनों का रूट बदल गया।
पिछले 24 घंटे की रिपोर्ट देखें तो बांसवाड़ा, डूंगरपुर, जालौर ,सिरोही ,प्रतापगढ़ और उदयपुर जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश हुई। इन इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बन गई। भारी बारिश के कारण बांसवाड़ा में माही नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण इस पर बने माही बजाज सागर बांध के सभी 16 गेट खोलकर यहां से 4.91 लाख क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ा।

इधर मध्य प्रदेश की बात करें तो नीमच ,रतलाम एरिया में भारी बारिश के कारण ट्रेनों का संचालन बंद हो गया। राजस्थान के अलग-अलग शहरों से मुंबई के लिए इसी रास्ते से ट्रेन होकर गुजरती हैं, जिसकी वजह से ट्रेनों के संचालन प्रभावित हुआ।

मौसम विभाग के विशेषज्ञों की माने तो बंगाल की खाड़ी में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन आगे बढ़ते बढ़ते बेल मार्ग लो प्रेशर सिस्टम में तब्दील हो गया। यह सिस्टम इतना स्ट्रांग था, कि इसके असर से उड़ीसा ,छत्तीसगढ़ के बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान, गुजरात में भारी बारिश हो गई। इस सिस्टम का असर 19 सितंबर तक गुजरात और राजस्थान के दक्षिण पश्चिमी जिलों में देखने को मिलेगा। इस सिस्टम के एक्टिव होने से कई राज्यों में बारिश का कोटा भी पूरा हो गया है। इससे पहले मध्य प्रदेश, राजस्थान ,गुजरात के कई जिलों और कई राज्यों में बारिश औसत से भी कम हुई थी जिससे कि अब बारिश का कोटा पूरा हो चुका है।
