देश में मानसून के विदाई की तारीख वैसे तो 17 सितंबर थी, लेकिन कुछ मानसून सिस्टम दोबारा एक्टिव होने की वजह से देश में फिर से बारिश लौट आई थी। लेकिन अब देश से आज मानसून की विदाई शुरू हो गई है। मौसम विभाग के मुताबिक इस साल मानसून सामान्य से 8 दिन की देरी से वापस लौट रहा है। विभाग के मुताबिक दक्षिण पश्चिम मानसून आज दक्षिण पश्चिमी राजस्थान से विड्रा हो गया है।
मौसम विभाग की माने तो लगातार 13वे साल मानसून देरी से लौट रहा है। देरी से लौटने के बाद भी अब तक सामान्य से 6% कम बारिश का अनुमान लगाया जा रहा है। उत्तर पश्चिम भारत से मानसून के लौट के साथ ही भारतीय उपमहाद्वीप से मानसून की विदाई की शुरुआत हो गई हो जाती है। मानसून की विदाई में देरी का मतलब है की बारिश का सीजन लंबा रहा है जिसका खेती पर अच्छा प्रभाव पड़ सकता है।

“आमतौर पर दक्षिण पश्चिम मानसून 1 जून तक केरल में दस्तक दे देता है और 8 जुलाई तक पूरे देश पर छा जाता है। वहीं 17 सितंबर तक यह उत्तर पश्चिमी भारत से लौटना शुरू हो जाता है और 15 अक्टूबर तक पूरे देश से लौट जाता है”। इस साल अब तक देश के 796.4 एमएम बारिश हुई है जो सामान्य बारिश 843.2 मिली मीटर से 6% कम है।
अगर आज के मौसम की बात करें तो देश में 14 राज्यों में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। इनमें से बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, गुजरात ,छत्तीसगढ़ ,महाराष्ट्र ,गोवा ,तेलंगाना, आंध्र प्रदेश ,कर्नाटक ,असम, तमिलनाडु ,मेघालय और अरुणाचल प्रदेश शामिल है। वही मध्य प्रदेश, राजस्थान ,उत्तर प्रदेश ,पंजाब, उत्तराखंड आदि राज्यों में अब मौसम साफ होने लगा है और बारिश होने की संभावना बहुत ही कम जताई गई है।

हिमाचल के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रो से मानसून की विदाई शुरू हो चुकी है पूरे प्रदेश से अगले 5 से 6 दिन में मानसून पूरी तरह चला जाएगा। देश के कई भागों में मानसून फिर एक्टिव हो रहा है मगर हिमाचल में अगले 5 6 दिन मौसम पूरी तरह साफ बना रहेगा इसी बीच प्रदेश से मानसून की विदाई भी हो रही है।
मौसम विभाग केंद्र शिमला की माने तो 30 सितंबर तक प्रदेश भर धूप खिलेगी। इससे अगले कुछ दिनों के दौरान तापमान में हल्का उछाल भी आ सकता है और मौसम सुहाना रहेगा। ऐसे में देशभर के पर्यटक पहाड़ों के सुहावने मौसम का लुफ्त उठा सकेंगे। देश के अन्य हिस्सों में मानसून के विदाई से ही तीन-चार दिनों के दौरान प्रदेशों के ज्यादातर शहरों में तापमान नार्मल रहेगा लेकिन फिर धीरे-धीरे तापमान में अधिकता दर्ज की जाएगी और धूप खिलने के साथ ही तापमान भी चढ़ेगा। वहीं लोगों को उमस और गर्मी का सामना भी करना पड़ सकता है।
