भारत की जन्नत मानी जाने वाला कश्मीर पिछले 5 साल के दौरान अपने पहले वाले कश्मीर में लौट आया है यानी यहां पर्यटन गतिविधियां बढ़ने लगी है। पिछले 5 साल के दौरान आतंकी बारदातों में 59% की कमी हुई है। कश्मीर की वादियों में अमन चैन लौट रहा है स्थानीय युवा आतंकी गुटों में भर्ती होने से किनारा करने लगे हैं। ऐसे में विदेशी सैलानियों को कश्मीर लुभा रहा है। कश्मीर विश्व भर में अपने सौंदर्य और मौसम के कारण बहुत माना जाता है। दूर-दूर से लोग कश्मीर की सुंदरता को देखने आते हैं, लोग यहां आना और यहां अपनी छुट्टियां व्यतीत करना बहुत ज्यादा पसंद करते हैं। ठंड के मौसम आने के बाद ही यहां बर्फबारी शुरू हो जाती है और यहां की वादियां और भी सुहावनी हो जाती हैं ठंड के मौसम में अब दस्तक दे दी है और यहां पर पर्यटन और भी बढ़ने लगा है।

अब जब यहां आतंकी गतिविधियां बहुत कम हो चुकी है तो सैलानी भी अपना रुख कश्मीर की तरफ कर रहे हैं। पिछले 5 सालों से यहां सैलानी लगातार बढ़ रहे हैं और हर साल इनकी बढ़ोतरी होती जा रही है। घाटी में पिछले साल 4100 विदेशी पर्यटक आए जबकि इस साल सितंबर तक 32000 आ चुके हैं। यानी पिछले साल की तुलना में अब तक आठ गुना विदेशी पर्यटक ज्यादा आ चुके हैं। और देश के पर्यटक का आंकड़ा तो अलग ही होगा। मई में कश्मीर में हुई जी-20 सम्मति से पहले इस साल 12,000 विदेशी पर्यटक आए थे जबकि सितंबर में केवल 20,000 सैलानी आ चुके है।

अगर जम्मू कश्मीर के पुलिस प्रमुख की बात माने तो उनके अनुसार इस साल 10 स्थानीय युवा आतंकी गुटों में भर्ती हुए इनमें से छह आतंकियों का सफाया किया जा चुका है। यानी अब यहां के युवा भी अपनी जिंदगी में बढ़ने की और कदम बढ़ा रहे हैं और इन आतंकी गतिविधियों से पीछे हो रहे हैं।

कश्मीर की वादियों में घूमने और अपने वेकेशन मनाने विदेश से पर्यटक आते हैं। इनमें अमेरिका, कनाडा और अन्य यूरोपीय देशों के लोग भी शामिल हैं। अमेरिका कनाडा और अन्य यूरोपीय देशों की ओर से विपरीत ट्रैवल एडवाइजरी के बावजूद भी विदेशी सैलानी कश्मीर आ रहे हैं और यहां की वादियों में अपनी छुट्टियां बिता रहे हैं जम्मू कश्मीर पर्यटन विभाग के अनुसार चौकस सुरक्षा व्यवस्था के कारण विदेशी पर्यटकों में खौफ नहीं है घाटी में अब तक 1.50 करोड़ देशी पर्यटक भी आ चुके हैं। इस मामले में पिछले साल के 1.88 करोड़ देसी पर्यटकों का रिकॉर्ड भी टूट चुका है।

अगर स्थानीय लोगों की माने तो अनुच्छेद 370 हटाने के बाद 5 साल में कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं और हमले में आम नागरिकों के मारे जाने के मामलों में भी 77% तक की कमी दर्ज हुई है और वहां के नागरिक इसे संतुष्ट भी है। कश्मीर के लोगों का प्रमुख आय का साधन टूरिज्म ही होता है जो कि पिछले कुछ सालों से बहुत कम हो चुका था लेकिन अब यह वापस बढ़ने लगा है और यहां के लोगों की आय में बढ़ोतरी होने हुई है।

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