वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण देश में हुई बारिश से अब देश के सभी हिस्सों में तेज ठंड की लहर दौड़ पड़ी है। देश में तेज़ ठंड का दौर शुरू हो चुका है। हर क्षेत्र में पारे में एकदम गिरावट देखने को मिली है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण देश के ज्यादातर राज्यों में बारिश हो रही है और मौसम विभाग के अनुसार यह बारिश रुक-रुक कर दो-तीन दिन तक और होती रहेगी जिससे कि तापमान में लगातार गिरावट आती रहेगी और ठंड तेज पढ़ने लगेगी। अभी तक मौसम में एल नीनो का प्रभाव देखने को मिल रहा था जिससे कि देश के कई राज्यों में धुंध छा रही थी जिससे लगातार पारा बढ़ रहा था और तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी लेकिन अब पश्चिमी विक्षोभ के कारण होने वाली बारिश से तेज ठंड का दौर शुरू हो चुका है।
बारिश होने से घटा प्रदूषण का स्तर:-
देश के लगभग सभी हिस्सों में यह बारिश का दौर देखने को मिल रहा है जिसने वातावरण में ठंडक को बढ़ावा दिया है इस बारिश के होने से तापमान में एकदम गिरावट देखने को मिली है कई जगह का तापमान 5 से 7 डिग्री तक गिर गया। इससे पहले देश के कई राज्यों में एल नीनो का प्रभाव देखने को मिल रहा था जिससे कि वातावरण में धुंध छाई रही थी और प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा था वही तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी लेकिन हाल ही में हो रही बारिश ने मौसम का रूप बदल कर रख दिया है जहां तक लोगों को अभी ठंड का अहसास तक नहीं हो रहा था वहां एकदम ठंड के बढ़ने से पर एकदम कम हो गया है और साथ ही बारिश के कारण हवा में प्रदूषण का स्तर भी आधा हो गया है वही डेंगू के मरीज भी घट गए हैं।
देश के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी जारी है वहीं मैदानी इलाकों में बारिश शुरू है इस बारिश ने सभी जगह प्रदूषण का स्तर कम कर दिया है देश की राजधानी दिल्ली में भी प्रदूषण का स्तर काफी कम होता नजर आ रहा है वही अन्य राज्यों में भी ढूंढ की समस्या कम हो गई है सोमवार से सोमवार सुबह से हो रही बारिश ने लगातार एकदम ठंड को बढ़ा दिया है मंगलवार की सुबह भी कई जगह बारिश हुई जी और ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में गिरावट आई वहीं सोमवार रात को पैर में लगातार गिरावट देखने को मिली।
मध्य भारत में मौसम ने ली करवट:-
मध्य भारत की बात की जाए तो एक दिन पहले बदले मौसम ने प्रदेश की फिजा ही बदल डाली है इस मौसम ने सर्दी और मावत की कसर पूरी कर दी है भोपाल में रविवार आधी रात के बाद से शुरू हुई बारिश सोमवार रात तक जारी रही इस दौरान 8.8 मिली मीटर बारिश हुई यह 10 साल में नवंबर की एक दिन की सबसे ज्यादा बारिश है। बारिश के चलते वातावरण में भी ठंडक घुल गई दिन के तापमान में 6.9 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई तो रात के बारे में भी काफी कमी आई है प्रदेश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग बारिश दर्ज की गई है भोपाल संभाग मालवा निवार संभाग ग्वालियर और बुंदेलखंड के 17 जिलों में कहीं काम तो कहीं ज्यादा बारिश देखने को मिली है जिससे इन सभी जिलों और राज्य में ठंड बढ़ चुकी है।
मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले 2 दिन तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी, जिससे कि धीरे-धीरे ठंड भी बढ़ती रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक दो दिन तक गरज चमक के साथ बारिश भी हो सके और भी तेज बारिश हो सकती है वही आगे आने वाले दिनों में एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस पहुंच रहा है जिससे तापमान में और गिरावट दर्ज होगी। इस बारिश के कारण राजधानी में फैली ढूंढ भी काम हो चुकी है और प्रदूषण का स्तर काफी कम हो गया है अभी तक वातावरण में 24 घंटे धुंध छाई रहती थी जिससे कि वायु का प्रदूषण स्तर काफी बढ़ गया था लेकिन आप बारिश होने के कारण यह तारा आधा हो गया है और आने वाले दिनों में यह प्रदूषण स्तर और भी काम हो जाएगा।
बारिश और मावठ गिरने से किसानों को होगा फायदा:-
इस मौसम में हो रही बारिश से किसानों को खासा फायदा हो रहा है किसानों को सबसे बड़ी राहत इस बात की मिल रही है कि उन्हें आप सिंचाई के लिए रात भर जागना नहीं पड़ेगा रात के समय जिन गांवों में सिंचाई के लिए बिजली दी जाती थी वहां किसान खेतों में रहते थे बिजली बिल कैसे लेकर रात-रात भर खेतों में रात भर जागना पड़ता था इससे बचत हो रही है। 12 घंटे में करीब 7.5 एमएम बारिश दर्ज की गई है इससे फसलों को फायदा पहुंचा है इससे करीब 30 फ़ीसदी बिजली की बचत होती होगी तो वही उत्पादन 15 फ़ीसदी तक बढ़ाने का अनुमान लगाया जा रहा है मौसम विभाग की माने तो आने वाले 2 दिन तक इसी तरह का मौसम बना रहेगा बारिश होने से फसलों में लगे जदमऊ और विभूतियां जैसे रोगों में भी कमी आएगी और इन रोगों से निजात मिल सकती है।

पर्याप्त बारिश नहीं होने से कई किसान सही से बनी नहीं कर पा रहे थे इस तरह जिन किसानों के पास पानी था तो उन्हें पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही थी अभी फसलों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था यह कारण है कि पौधों की बढ़वार भी सही नहीं हो रही थी लेकिन अब बारिश होने से यह सारी समस्याओं का हल मिल चुका है और अब फसल को काफी फायदा हो रहा है।
