भारत में कोरोना ने एक बार फिर से दस्तक दे दी है। भारत में एक बार फिर से कोरोनावायरस के मामले बढ़ने लगे हैं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में केरल में तीन मौतें भी हो चुकी हैं। कुछ दिन पहले केरल में कोरोना के नए वेरिएंट जे एन 1 के मामले सामने आ थे। भारत में 614 नए कोरोनावायरस के मामले दर्ज किए गए हैं जो की 21 मई के बाद से सबसे ज्यादा है इसी के साथ सक्रिय मामले बढ़कर 2311 हो चुके हैं।

फिर बढ़ने लगे कोरोनावायरस के मामले, तेज़ी से फैल रहा संक्रमण:-

देश में एक बार फिर से कोरोना ने दस्तक दे दी है लगातार कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं पिछले 24 घंटे में कोरोना के मामले बढ़कर डबल हो गए हैं। केरल में कोरोनावायरस के 292 मामले दर्ज किए गए हैं। इसी के साथ केरल में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 2041 हो गई है तीन मौत के साथ केरल में 3 साल से कोरोनावायरस के कारण होने वाली मोतो के आंकड़े काफी ज्यादा है। एक्सपर्ट्स की माने तो नए वेरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है उनका कहना है कि कोविद-19 का यह सब वेरिएंट jn1 कोरोना तक का दूसरा प्राकृतिक बूस्टर डोज साबित होगा।

पिछले 24 घंटे में 224 मरिज या तो ठीक हो चुके हैं या फिर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के नए वेरिएंट jn1 को लेकर राज्यों को सतर्कता बरतने की एडवाइजरी जारी की है कर्नाटक ने 60 वर्ष से ऊपर और बीमार लोगों के लिए मास्क को फिर से अनिवार्य कर दिया है देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 260 नए मामले दर्ज किए गए थे।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने की उच्च स्तरीय बैठक और एडवाइजरी की जारी:-

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कोरोना के बढ़ते मामलों और सांस लेने संबंधी बीमार लोगों को देखते हुए और बीमार लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्यों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों अधिकारियों समेत कई लोग शामिल हुए। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं और तैयारी के साथ ही संक्रमण की रोकथाम के उपायों पर चर्चा की गई। मंत्रालय की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए और सभी राज्यों के लिए कुछ एडवाइजरी जारी कर दी गई है। साथ ही राज्यों को सतर्कता बरतने की एडवाइस दी गई है।

केंद्र और राज्य सरकारों ने jn1 सब वेरिएंट को लेकर अलर्ट और गाइडलाइन जारी की है इसके तहत विदेश से लौटे वायरल फीवर के मरीजों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सभी राज्यों को संक्रमण को नियंत्रित करने और मरीजों के इलाज के नाकुल इंतजाम करने को कहा गया है गाइडलाइंस में कोरोना पेशेंट का इलाज करने वाले डॉक्टर सैंपल लेने वाले मेडिकल स्टाफ और फ्रंटलाइन वर्कर्स को सर्दी खांसी बुखार होने पर कोविद टेस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी के मुताबिक को मोरबिडिटी कैटिगरी के पेशेंट को वायरल होने पर कोविद की जांच करानी चाहिए और अपडेट लेते रहना चाहिए।

नए वेरिएंट को पहचान कर एंटीबॉडी होगी एक्टिव:-

किसी की संक्रमण अथवा टीका लगा चुका है तो उसे शेयर उसे वायरस की यादें सुरक्षित कर लेता है ऐसे में यदि बूस्टर लगाया जाता है तो पुरानी यादें इस नए बूस्टर को पहचान लेती हैं और हमारा शरीर उससे लड़ने के लिए एंटीबॉडीज बनाने की प्रक्रिया तेज कर देता है जब नया वेरिएंट शरीर पर हमला करता है तो पुराने वैक्सीन या संक्रमण की यादें उसे वेरिएंट को पहचान लेती है और उसके खिलाफ एंटीबॉडीज बनाना तेज कर देती हैं। इसी को मेडिकल भाषा में नेचुरल बूस्टर कहते हैं।

नए वेरिएंट में से कमजोर इम्यूनिटी वालों को बचाना चाहिए। नए वेरिएंट से उन लोगों को बचाना चाहिए जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है या जिन्हें पहले से दूसरी गंभीर बीमारियां हैं गंभीर बीमारियों के लिए कोई भी इन्फेक्शन जोखिम भरा हो सकता है उन्हें किसी भी प्रकार के वायरस हमले से बचकर रहना चाहिए कमजोर इम्यूनिटी वालों पर इस वेरिएंट का असर तो होगा लेकिन उनके लिए खतरे की बात नहीं है इस बीमारी के गंभीर लक्षण पैदा नहीं होंगे।बाकी जिन लोगों को कोरोना हो चुका है या जिन लोगों ने कोरोना का टीका लगा रखा है और उनकी इम्यूनिटी ठीक है तो उनके पास यह सब वेरिएंट बूस्टर डोज बनकर ही आएंगे।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एडवाइजरी जारी करते हुए सभी देशों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी है पिछले 7 साल भी इन्हीं दोनों ओमिक्रोन वेरिएंट आया था दूसरे देशों में ओमिक्रोन से कुछ मौतें भी हुई थी लेकिन भारत में ओमिक्रॉन के गंभीर लक्षण सामने नहीं आए थे ओमिक्रॉन से लोगों में और अधिक इम्यूनिटी पैदा हुई थी। लेकिन फिर भी हमें कोरोना के सभी प्रोटोकॉल फॉलो करने चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *