देश के सभी हिस्सों में मौसम के मिजाज अलग-अलग देखने को मिल रहे हैं जहां देश के उत्तर भारत के राज्यों में कड़ाके की सर्दी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वही मध्य भारत में हवा का रुख बदल जाने से सर्दी कम हो गई है और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां अब सुबह और रात में ठंड देखने को मिल रही है दिन का तापमान बढ़ता जा रहा है।
पहाड़ी राज्यों समेत राजधानी में पढ़ रही कड़ाके की सर्दी:-
देश के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का दौर तो चालू ही है साथ ही देश की राजधानी दिल्ली के हाल भी ठंड से बेहाल हो रखे हैं। पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बर्फबारी से इन राज्यों का तापमान तो माइनस में चल ही रहा है साथ ही यहां से आ रही शीत लहर के कारण दिल्ली समेत अन्य मैदानी राज्यों में तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज करने को मिली है। दिल्ली समेत अन्य सटे हुए राज्यों में लोग सर्दी से जूझते नजर आ रहे हैं , कहीं अलाव जलाकर अपनी सर्दी को दूर करते नजर आ रहे हैं तो 24 घंटे गर्म कपड़े पहन सर्दी से लड़ रहे हैं।
मौसम विभाग की माने तो पहाड़ी राज्यों और इससे सटे हुए अन्य मैदानी राज्यों में सर्दी का प्रकोप इसी तरह देखने को मिलेगा। दिसंबर का पूरा महीना इसी तरह कड़ाके की सर्दी में बीतेगा। दिल्ली की सर्दी से 25 दिसंबर यानी क्रिसमस की बीती रात कोहरे और कड़ाके की सर्दी की भी थी। वही मौसम विभाग का मानना है कि नया साल भी इसी तरह की तेज ठंड में बीतने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने मौसम का पूर्वानुमान जताते हुए बताया है कि जनवरी के पहले सप्ताह में भी ठंड में कोई उलट फेर देखने को नहीं मिलेगा आने वाले दिनों में मौसम में ज्यादा कोई बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। इसी तरह कड़ाके की सर्दी उत्तर भारत में सितम ढाती रहेगी।
कोहरे और ओस से किसान हो रहे परेशान:
कड़ाके की सर्दी पढ़ने से सुबह-सुबह घना कोहरा देखने को मिल रहा है। बीते दो दिनों से सुबह-सुबह घना कोहरा देखने को मिला। यह कोहरा धूप खिलने तक बना रहा जैसे ही धूप खिली कोहरा चढ़ता नज़र आया। सुबह और रात में कोहरे के पढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विभाग ने किसानों को लगातार एडवाइजरी जारी करते हुए फसलों के ध्यान रखने की बात कही गई है। तेज ठंड पड़ने से कोहरा और ओस के कारण किसानों को पाला पढ़ने का डर सता रहा है।
तेज कोहरे और ओस के कारण फसलों को काफी नुकसान हो सकता है और इस तरह के मौसम से उन किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है जिन्होंने सब्जी की फसल बोई है। कड़ाके की सर्दी से कोहरा पढ़ने से पाले की संभावना बढ़ जाती है। जिसके लिए कृषि मंत्रालय से लगातार किसानों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए उन्हें मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों में तापमान में हुआ इजाफा:-
देश के मध्य भारत के राज्यों में तापमान में अलग ही बदलाव देखने को मिला है। हवा का रुख बदल जाने से यहां तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। तापमान में एकदम आए उछाल से सर्दी बहुत कम हो गई है। अब सुबह और रात के तापमान में ही ठंड का एहसास हो रहा है। दिन के समय सर्दी का एहसास कम हो गया है। बता दे कि यहां हवा का रुख बदल जाने से यह मौसम में बदलाव आया है। हवा का रुख अब पूर्वी हो गया है।
जिसकी वजह से यहां शीत लहर का प्रभाव देखने को नहीं मिल रहा और शीत लहर का प्रभाव काफी कम हो गया है। देश के मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में हवा की रफ्तार में भी कमी आई है यहां अब हवाएं 5 से 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है जो पहले 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटा थी वही पहाड़ी राज्यों से आ रही शीत लहर का रूख बदल जाने से यहां का तापमान बढ़ गया है।
मौसम विभाग की माने तो अगले आने वाले दिनों में यहां ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। मौसम में कुछ ज्यादा बदलाव नहीं देखा जाएगा। आगे आने वाले दिनों में तापमान में खास अंतर नहीं देखा जाएगा। दिन का तापमान 26 से 28 डिग्री तक रह सकता है। वही रात का तापमान 12 से 15 डिग्री के बीच रहने की संभावना जताई गई है। वही अभी कोई भी अन्य पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को नहीं मिलेगा और आने वाले दिनों में कोई अन्य पक्षी में भिक्षुक सक्रिय न होने की संभावना भी है।
