भारत देश की अयोध्या नगरी इतिहास रचने के बहुत करीब है। जिस दिन का सभी सनातनियों को वर्षों से इंतजार था, वो दिन बस आने ही वाला है। अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर में अब प्रभु विराजमान होकर अपने भक्तों को दर्शन देने वाले हैं। आज रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का छठा दिन है।

अब अस्थायी गर्भगृह में रामलला के दर्शन नहीं होंगे। अब अयोध्या में भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो रहा है। अब 23 जनवरी से दोबारा दर्शन आरंभ होगा, लेकिन नवनिर्मित भव्य दिव्य राममंदिर में। वैकल्पिक गर्भगृह में विराजमान रामलला को नव र्निर्मित राममंदिर के गर्भगृह में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए स्वर्ण मंडित आधार तैयार किया गया है।

एक बार फिर देश दीवाली मनाने को है तैयार:-

श्री राम की नगरी अयोध्या में 16 जनवरी से शुरू हुए प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का रविवार 21 जनवरी को छठा दिन था। प्राण प्रतिष्ठा के लिए छह दिन से चल रहे धार्मिक अनुष्ठान पूरे हुए। अब कल यानी 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा की मुख्य पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में होगी। रविवार शाम को रामलला की पुरानी प्रतिमा ( जिनकी पूजा हो रही है) को राम मंदिर ले जाया गया।

बता दें कि रामलला के साथ उनके तीनों भाई, हनुमान जी और शालिग्राम भी नए मंदिर पहुंचे। रामलला के सहायक पुजारी संतोष तिवारी, पुजारी प्रेमचंद तिवारी रामलला को उनके अस्थायी मंदिर से लेकर जन्मभूमि मंदिर में पहुंचे। यहां उन्हें सिंहासन पर विराजमान कर दिया गया। कल प्रभु की प्राण प्रतिष्ठा होगी जिसमें संपूर्ण विश्व से भक्तजन अयोध्या पहुंच चुके हैं।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बताया है कि 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के लिए न्यूनतम विधि-अनुष्ठान रखे गए हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की विधि 22 जनवरी को दोपहर 12:20 बजे शुरू होगी। दोपहर एक बजे प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम पूरा हो जाएगा।अयोध्या में रामलला के आगमन की घड़ी नजदीक है। सोमवार (22 जनवरी) को को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पूरी नगरी को आध्यात्मिक रंग देकर सजाया गया है। पूरे मंदिर परिसर की छंटा देखती ही बनती है। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकप्रिय क्रिकेटर, मशहूर हस्तियां, उद्योगपति, संत और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों न्योता मिला है। अब भारत समेत दुनिया की नजरें प्राण प्रतिष्ठा की ऐतिहासिक घड़ी पर टिकी हुई हैं।

22 जनवरी के कार्यक्रम कब से होंगे शुरु:-

22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के लिए न्यूनतम विधि-अनुष्ठान रखे गए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर होने वाली प्राण प्रतिष्ठा समारोह में प्रातः काल 10 बजे से ‘मंगल ध्वनि’ का भव्य वादन होगा। विभिन्न राज्यों से 50 से अधिक मनोरम वाद्ययंत्र लगभग दो घंटे तक इस शुभ घटना का साक्षी बनेंगे।

10:30 बजे तक मेहमानों को करना होगा प्रवेश उधर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने वाले अतिथियों का आगमन शुरू हो जाएगा। मेहमानों को 10:30 बजे तक रामजन्मभूमि परिसर में प्रवेश करना होगा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने बताया कि उसके द्वारा जारी की गई प्रवेशिका के जरिए ही प्रवेश संभव है। केवल निमंत्रण पत्र से आगंतुक प्रवेश नहीं कर पाएंगे। प्रवेशिका पर बने क्यूआर कोड के मिलान के बाद ही परिसर के प्रवेश मिलेगा। ट्रस्ट ने सोशल मीडिया पर प्रवेशिका का एक प्रारूप भी साझा किया है।

प्राण प्रतिष्ठा की विधि दोपहर 12:20 बजे से शुरू रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की विधि 22 जनवरी को दोपहर 12:20 बजे शुरू होगी। प्राण प्रतिष्ठा की मुख्य पूजा अभिजीत मुहूर्त में की जाएगी। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का समय काशी के विद्वान गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने निकाला है। यह कार्यक्रम पौष माह के द्वादशी तिथि (22 जनवरी 2024) को अभिजीत मुहूर्त, इंद्र योग, मृगशिरा नक्षत्र, मेष लग्न एवं वृश्चिक नवांश में होगा।

शाम को जलाए जायेंगे लाखों दीप:-

22जनवरी के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की बात करें तो इसमें दीप प्रज्ज्वलन भी महत्पूर्ण अंग है। प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पूर्ण होने के उपरांत ‘राम ज्योति’ प्रज्ज्वलित कर दीपावली मनाई जाएगी। शाम को अयोध्या 10 लाख दीपों से जगमगाएगी। इसके साथ ही मकानों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और पौराणिक स्थलों पर ‘राम ज्योति’ प्रज्ज्वलित की जाएगी। अयोध्या सरयू नदी के तटों की मिट्टी से बने दियो से रोशन होगी। रामलला, कनक भवन, हनुमानगढ़ी, गुप्तारघाट, सरयू तट, लता मंगेशकर चौक, मणिराम दास छावनी समेत कई मंदिरों, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।

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