देश के मौसम में बदलाव के दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं जिसमें उत्तर भारत के हिस्सों में एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न चक्रवर्ती परिसंचरण को बताया जा रहा है यह दोनों ही देश के मौसम के पैटर्न में बदलाव के भागीदारी बना रहे हैं उत्तर से आ रहा पश्चिमी विक्षोभ का असर और बंगाल की खाड़ी के हिस्सों से आ रहा चक्रवर्ती परिसंचरण का असर मध्य भारत में साफ दिखाई दे रहा है मध्य भारत के राज्यों में इन दोनों की असर से मौसम बिल्कुल पलट चुका है।
आज से मध्य भारत समेत इन राज्यों में बारिश की संभावना :
मध्यांचल और कई राज्यों में आज से बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न हुए चक्रवर्ती परिसंचरण की वजह से मौसम के पैटर्न में बदलाव आ चुका है और आज से यहां पर माध्यम से तेज बारिश और कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना भी जताई गई है मौसम विभाग की माने तो आज से मौसम में पूरा उलट फिर हो चुका है ठंडी हवाओं ने और भी रफ्तार पकड़ ली है जिससे कि लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है ठंड बढ़ चुकी है तापमान नीचे जा चुका है।
मौसम का मिजाज फिर बदल चुका है दिन में बादलों के कारण गर्मी नहीं है रात का तापमान भी सामान्य से अधिक नहीं है अगले 48 घंटे में मौसम फिर करवट बदल सकता है मौसम वैज्ञानिकों की माने तो फरवरी में इस तरह बार-बार रंग बदलने वाले मौसम का मिजाज 10 मार्च तक इसी तरह रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर कमजोर है जी प्रति चक्रवात का असर जनवरी से फरवरी की शुरुआत तक ही होना चाहिए था वह अभी भी जारी है जिससे की मौसम में बदलाव हो रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार मौसम बार-बार बदल रहा है 24 घंटे में रात का तापमान 1.4 डिग्री लुढ़ककर 12.4 डिग्री पर आ गया है 10 साल में यह तीसरी बार है जब फरवरी के आखिरी हफ्ते में रात का तापमान 12.5 डिग्री के नीचे पहुंचा है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं आ रही है रात में 14 से 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं जिस की तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है दो मौसमी सिस्टम ओके प्रभाव के कारण सोमवार से यानी आज से मौसम बदल सकता है और बदल रहा है सुबह से ही यहां तेज हवाएं चल रही है और बादल छाए हुए हैं इस दौरान मध्य प्रदेश के भोपाल समेत अन्य हिस्सों में बादल और बूंदाबांदी या हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जाहिर की गई है।
तेज हुई हवाओं की रफ्तार :
पश्चिमी विक्षोभों के असर से रात में ठंड थोड़ी बढ़ गई है पिछले 48 घंटे में रात के तापमान में करीब 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है रात का तापमान 13.5 डिग्री दर्ज हुआ है यह तापमान मध्य प्रदेश समिति आसपास के राज्यों में है बीते 24 घंटे में इसमें 0.6 डिग्री की कमी आई है शनिवार को दिन में हवा की रफ्तार अधिकतम 22 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी जो कि रविवार को और भी ज्यादा हो गई और सोमवार सुबह से तेज हवाओं के चलने से फिर से वातावरण में ठंडक बढ़ गई है और इन हवाओं की रफ्तार फिर से तेज हो गई है।
कब तक रहेगा ऐसा मौसम :
मौसम वैज्ञानिकों की माने 2 फरवरी में इस तरह बार-बार रंग बदलने वाले मौसम का मिजाज 10 मार्च तक ऐसा ही बरकरार रह सकता है मौसम केंद्र के अनुसार वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर तो कमजोर है जी प्रति चक्रवात का असर जनवरी से फरवरी की शुरुआत तक होना चाहिए था वह अभी भी जारी है जिसकी वजह से मौसम में लगातार ब्लू फिर देख जा रहे हैं और तापमान में भी बदलाव हो रहा है। साथ ही मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस की फ्रीक्वेंसी इस 12 फरवरी में बढ़ गई है लगभग हर तीसरे चौथे दिन एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस पहुंच रहा है इसके कारण हमारे यहां दिन और रात का तापमान कम ज्यादा होता जा रहा है।
बता दें कि एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तरी हिस्से में पहुंच चुका है 28 फरवरी को एक फिर साथ या 8 मार्च को एक और डिस्टरबेंस पहुंचेगी अलग अलग डिस्टरबेंस की वजह से मौसम में बदलाव देखे जा रहे हैं अगले तीन से चार दिन में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है 3 से 7 मार्च तक तापमान थोड़ा बढ़ सकता है 8 या 9 मार्च से फिर तापमान में कमी दर्ज की जाएगी और ठंडक बढ़ जाएगी।
बदल गया मौसम का पैटर्न :
बता दें की मौसम के पैटर्न में लगातार बदलाव होते जा रहे हैं जिससे कि पहले जिस तरह का मौसम रहा करता था उसे तरह का आजकल नहीं देखा जा रहा जैसा कि उड़ीसा तट पर बनने वाले प्रति चक्रवात का असर बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में होना चाहिए था इससे मध्य प्रदेश का मौसम प्रभावित नहीं होता लेकिन ऐसा नहीं हुआ इसका असर साफ-साफ मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में दिखाई दे रहा है। इस प्रति चक्रवात का असर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उड़ीसा तक हो सीमित नहीं हैं इससे मध्य प्रदेश का मौसम भी प्रभावित हो रहा है और यहां भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
