सोमवार को दिल्ली में हुई ओवरसाइज कमेटी की बैठक में मध्य प्रदेश के यूका फैक्ट्री परिसर में विद्दमान कचरे को नष्ट करने के जरूरी निर्णय लिए गए । यूका फैक्ट्री परिसर में वर्तमान में 337 मेट्रिक टन रासायनिक कचरा मौजूद है जिसे जलाकर नष्ट किया जाना है।

यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को जलाकर नष्ट करने पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहमति बन गई है। सोमवार को दिल्ली में हुई बैठक जिसमे केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने अध्यक्षता की , जिसमें मध्यप्रदेश के भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री विश्वास सारंग बतौर उपाध्यक्ष शामिल हुए।

इसमें यूका फैक्ट्री के कचरा निष्पादन को लेकर ओवर साइड कमेटी ने बैठक की और कचरे को जलाकर नष्ट करने के लिए 126 करोड रुपए की ग्रांट को तय किया गया।

कचरे को जलाने के लिए तीन अलग-अलग ट्रायल किए जाएंगे ट्रायल में 135 किलोग्राम , 180 किलोग्राम और 270 किलोग्राम कचरे को 72 घंटे जलाया जाएगा, जो ट्रायल सफल रहेगा, उसी आधार पर कचरा नष्ट करने की समय सीमा तय कर दी जाएगी।

पूरे कचरे के निष्पादन पर 126 करोड रुपए खर्च होंगे। जिसका वहन केंद्र सरकार करेगी । यूका परिसर के आसपास मिट्टी भूजल की फिर से नीरी से जांच की जाएगी आखिरी बार 2018 में मिट्टी और भूजल की जांच हुई थी जो कि भूजल दूषित मिला था।

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