सार :

भारतीय मौसम विभाग द्वारा होली के त्यौहार के बाद भीषण गर्मी की शुरुआत का पूर्वानुमान जताया गया था जो की साफ नजर आ रहा है। एक दिन में ही होली के बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसा लग रहा है, मार्च के तीन दिनों में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच सकता है। हर साल गर्मी में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है कुछ ऐसा ही इस साल भी देखने को मिला है।तापमान में अचानक बढ़ोतरी से सालों पुराना रिकॉर्ड टूट गया है और मार्च में सबसे गर्म रात दर्ज की गई है।

विस्तार:

देश में देशवासियों ने होली का त्यौहार बड़ी ही धूमधाम से मनाया। होली का त्यौहार बीत चुका है और गर्मी की शुरुआत भी हो चुकी है। जैसा की भारतीय मौसम विभाग ने पहले ही आगाह कर दिया था कि होली के त्यौहार के बाद गर्मी अच्छी तरह से शुरू हो जाएगी। वैसा साफ नजर आ रहा है। एक दिन में ही तापमान 35 डिग्री से ऊपर जा चुका है और तेज धूप की वजह से लोगों का अभी से ही घरों से बाहर निकलना दूबर हो गया है। नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कहीं-कहीं आसमान में बादल छाए रहने की खबरें भी सामने आई है, इसके बावजूद भी तापमान में कमी नजर नहीं आ रही। आईए जाने कैसा रहेगा मौसम का मिजाज और कब से होगी भीषण गर्मी की शुरुआत।जहां पश्चिमी विक्षोभ का असर नहीं दिखाई दे रहा है। वहां गर्मी का प्रकोप शुरू हो चुका है और तापमान में उछाल देखा जा रहा है। पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में यानी कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में छिटपुट हल्की बारिश संभव है और अगले 2 से 3 दिनों के दौरान इसमें वृद्धि होगी। 27 से 29 मार्च के बीच पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश संभव है। लेकिन इसका असर अब मैदानी राज्यों में बहुत कम दिखाई देगा क्योंकि इन राज्यों में अब गर्मी ने दास दस्तक दे दी है।

मध्य भारत में तापमान ने सालों पुराना रिकॉर्ड तोड़ा :

सर्दी खत्म होते ही मध्य भारत समेत सभी राज्यों में गर्मी की शुरुआत हो गई थी। मार्च महीने के आखरी तक तेज गर्मी की दस्तक हो चुकी है मध्य भारत में दो दिन में ही सालों पुराना रिकॉर्ड टूट गया। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रात के तापमान में नया रिकार्ड बन गया है।मंगलवार रात भोपाल में तापमान 25.02 डिग्री दर्ज किया गया, यह पूरे प्रदेश में सर्वाधिक रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इतना ज्यादा तापमान सालों बाद दर्ज किया गया है। साल 2000 से लेकर पहला मौका है जब रात का तापमान 25 डिग्री से ऊपर चला गया है। यह सामान्य तापमान से 5.3 डिग्री ज्यादा है पिछले 24 घंटे में इसमें 2.6 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि साल 2022 में रात का तापमान 24.6 डिग्री दर्ज किया गया था।

हर साल तापमान में हो रहे बदलावों से मानव और जीवों पर हो रहा असर :

हर साल गर्मी के सीजन में गर्मी का इजाफा देखा जा रहा है। इसका सीधा असर हम पर पढ़ रहा है लगातार तापमान बढ़ने से इंसानों का अंदाज बदल रहा है दिमाग की क्षमता बदल रही है घट रही है। विशेषज्ञों ने कई प्रयोग करें और पाया कि गर्म मौसम में लोगों की क्षमताओं पर असर पड़ रहा है। कई शोधों में यह प्रयोग किए गए के ज्यादा तापमान में रहने वाले बच्चों पर असर देखा जा रहा है और उनके रिजल्ट में बेहतरी नहीं देखी जा रही है वहीं कम तापमान में परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों का रिजल्ट इस से बेहतर है। वही बढ़ती गर्मी की वजह से जानवरों का व्यवहार भी बदल रहा है। तापमान के हर साल बढ़ते रहने से ग्लेशियर पिघल रहे हैं और इन जगहों का तापमान भी बढ़ रहा है जिसका कारण प्रदूषण ही हो सकता है।

इस बार कैसी होगी सीज़न की गर्मी :

मौसम विभाग ने इस बार की गर्मी सीजन का पूर्वानुमान लगाते हुए बताया है कि अगले तीन महीने भीषण गर्मी का अनुमान है। इस दौरान हाई हीट वेव के दौर लंबा चलेगा। होली के बाद मार्च महीने के आखिरी दिनों में मौसम विभाग द्वारा तापमान में इजाफा होने की संभावना जताई गई थी, जो देखा जाने लगा है। अप्रैल और मई के दौरान प्री-मानसून के दौर भी छोटे और कम ही रहेंगे। इस बार भीषण और प्रचंड गर्मी का अनुमान लगाया जा रहा है। वही मौसम विभाग द्वारा अनुमान लगाया गया है कि कम बारिश के लिए जिम्मेदार अल-नीनो का प्रभाव भी जून के महीने में ही खत्म हो जाएगा। भीषण गर्मी पड़ने के कारण अप्रैल से जून में ज्यादा दिनों तक लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अच्छी खबर यह है कि मानसून के आखिरी दो महीने में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसके पीछे यह वजह बताई जा रही है कि अल नीनो के कारण गर्मी में ज्यादा इलाकों में अधिक दिनों तक हीट वेव चलने और कम बारिश की आशंका है।

कैसा रहेगा राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के राज्यों का मौसम :

बता दें कि महीने के आखिरी दिनों में राजधानी में भी बारिश के आसार हैं। 29 से 30 मार्च के बीच बारिश या आंधी की संभावना है। वहीं बीच के दिनों में बादलों की आंख मिचौली बनी रहेगी। मौसम सामान्य बना रहेगा और हल्के-हल्के तापमान में बढ़त देखी जाएगी। आज की बात करें तो न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। जो महीने के आखिर तक 21 और 37 डिग्री पहुंच सकता है। भारतीय मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। अगर देश के पहाड़ी राज्यों पर मौसम के हालात की बात करें तो 26 मार्च यानी आज पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में यानी कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में छिटपुट हल्की बारिश संभव है और अगले 2 से 3 दिनों के दौरान इसमें वृद्धि होगी। 27 से 29 मार्च के बीच पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश संभव है।

कैसा रहेगा मध्य भारत के राज्यों के मौसम का हाल :

मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश ,गुजरात ,महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में जहां पश्चिमी विक्षोभ और मौसम के दूसरे सिस्टम का असर नहीं है वहां गर्मी की शुरुआत हो चुकी है दिन का तापमान तेज धूप निकलने से बढ़ रहा है और रात के तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई है। उत्तर भारत के कई राज्यों का तापमान 35 से 35 डिग्री तक दर्ज किया जा चुका है। मौसम विभाग के अनुसार यह तापमान इसी महीने कहीं कहीं 40 डिग्री तक पहुंच सकता है। इस बार भी भीषण गर्मी पढ़ने की संभावना है। मौसम में लगातार बदलाव बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो पूर्वी हवा उत्तरी हवा को आने से रोक रही है। इससे यह हो रहा है कि पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद भी उत्तर से ठंडी हवा मध्य भारत के राज्यों तक नहीं आ पा रही है। इसका कारण रात के तापमान में ज्यादा गिरावट दर्ज नहीं की जा रही।

अल नीनो का प्रभाव जून में होगा खत्म :

वह मानसून की आमद के साथ ही जून में खत्म हो जाएगा। उसके बाद अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है। अल नीनो के जाने और ला नीनो के आने से बारिश सामान्य से अधिक होगी। मानसून में 96 से 104% तक बारिश को सामान्य कहा जाता है। अनुमान है कि इस बार 100 से ज्यादा बारिश हो सकती है। ला नीनो स्थिति का मतलब है कि प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से नीचे चला जाए और वहां से ट्रेड हवाएं हिंद महासागर आने लगे। इससे मानसून को मजबूती मिलती है, क्योंकि उस दौरान अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर से हवाएं भारी मात्रा में नमी लेकर आती है और बारिश कराती हैं। जब सुपर एल नीनो बनता है तब ओआईडी स्थिति नेगेटिव होती है यानी पश्चिमी हिंद महासागर का तापमान कम पूर्वी हिंद महासागर का तापमान अधिक होता है। जून आने तक ओआईडी पॉजिटिव हो जाएगा।

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