सार :

रविवार को देश देश के कई राज्यों में आंधी तूफान जैसी स्थिति बनी और तेज हवाओं ने मौसम का रूप बदल के रख दिया यहां तापमान में तेजी से गिरावट देखी गई। जिससे लोगों को तेज गर्मी से थोड़ी राहत भी मली है। सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण की वजह से मौसम में यह भारी बदलाव देखने को मिल रहा है। आइए जानें आपके राज्य और क्षेत्र के मौसम का हाल जानें न्यूनतम और अधिकतम तापमान।

विस्तार :

पिछले दो-तीन दिनों से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जहां राज्यों में तेज गर्मी की शुरुआत हो गई थी। वहीं मौसम के बदलने से बारिश शुरू हो गई, यह बारिश आंधी तूफान लेकर आई। तेज हवाओं ने वातावरण में ठंडक बढ़ा दी और लोगों को तेज गर्मी से थोड़ी राहत मिली। यह तेज हवाएं 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली और कुछ जगह इससे भी ज्यादा तेज रफ्तार रही कई जगह पेड़ गिरने की खबरें सामने आई है। इसी के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं तेज बारिश की खबरें सामने आई। मौसम में आय इस बदलाव से कोई भी प्रदेश अछूता नहीं रहा। पश्चिमी हिमालय में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई और उसके बाद तीव्रता में थोड़ी कमी आई। वहीं अन्य राज्यों सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ी। सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बर्फबारी भी हुई।

इसके अलावा मैदानी राज्यों उत्तरी पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ और केरल में बारिश और तूफान आया साथ ही बारिश की गतिविधियां भी देखने को मिली। मध्य प्रदेश, विदर्भ, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में लू की स्थिति बन रही है। यहां बीते 24 घंटे में बारिश और तूफ़ान जैसी गतिविधियां देखी गई है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी राज्यों जम्मू कश्मीर, उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ बर्फबारी हुई है और आज भी मौसम ऐसा ही रहने वाला है। कहीं कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है। वहीं पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश और तूफान की संभावना है।

मौसम में अचानक हुए बदलाव का कारण :

नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का असर हर राज्य में देखने को मिल रहा है बात करें उत्तर भारत के राज्यों की तो राजधानी दिल्ली में अचानक मौसम का मिजाज बदला है। वहीं एक चक्रवाती परिसंचरण पूर्वोत्तर राज्यों दक्षिणी असम और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 1.5 से 3.1 किमी ऊपर है। मध्य भारत के राज्यों दक्षिण पश्चिम मध्य प्रदेश पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। जिससे कि मध्य प्रदेशमें मौसम का हाल पूरी तरह बदल चुका है। यहां आसमान में बादल छाए होने के साथ-साथ तेज हवाएं 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ज्यादा चल रही है साथ ही कुछ राज्यों में हल्की से मध्यम बरिश दर्ज की गई है तो कहीं ओलावृष्टि की खबरें सामने आई है। वही एक और ट्रफ रेखा उत्तरी तमिलनाडु से लेकर आंतरिक कर्नाटक और मराठवाड़ा तक दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के चक्रवाती परिसंचरण तक फैली हुई है।

बता दें कि अब एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ अब पश्चिमी अफगानिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 3.1 और 4.5 किलोमीटर ऊपर है। वहीं 5.8 किलोमीटर के स्तर पर निम्न दबाव की रेखा मध्य और ऊपरी पश्चिमी हवाओं के साथ लगभग 62 डिग्री पूर्व देशांतर के साथ 20 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में चल रही है। इसकी वजह से देश के पहाड़ी राज्यों का मौसम बदल रहा है और बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। बीते 24 घंटों में जम्मू कश्मीर, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में हल्की बारिश और बर्फबारी हुई है।हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में आंधी तूफान के साथ बारिश की गतिविधियां देखी गई है। आज के मौसम के हाल की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, गिलगित बाल्टिस्तान, लद्दाख और मुजफ्फराबाद में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ ऊंचे स्थानों पर भारी बर्फबारी भी हो सकती है। निम्न दबाव की रेखा मध्य और ऊपरी पश्चिमी हवाओं के साथ लगभग 62 डिग्री पूर्व देशांतर के साथ 20 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में चल रही है।

अप्रैल के दूसरे सप्ताह से होगी भीषण गर्मी की शुरुआत :

मार्च के आखिरी दिनों में मौसम में भारी बदलाव देखने को मिला है और यह बदलाव नए सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवर्ती परिसंचरण के कारण देखने को मिला है। जिसने सभी राज्यों को प्रभावित किया है। मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल के पहले हफ्ते में इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है। उसके बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव होता जाएगा और तापमान में बढ़ोतरी देखी जाएगी और कब भीषण गर्मी की शुरुआत हो जाएगी यह पता भी नहीं चलेगा। यानी अप्रैल में विजन गर्मी की शुरुआत के लिए तैयार रहना होगा और तापमान 40 डिग्री से 45 डिग्री तक रहने की संभावना है। बता दें कि मार्च के आखिरी हफ्ते कुछ राज्यों में तापमान 40 के पार पहुंच चुका था। अभी मौसम में हुए बदलाव से यह फिर से कम हो गया है लेकिन आने वाले दिनों में प्रचंड गर्मी पड़ने के पूरे आसान नजर आ रहे हैं तापमान तेजी से ऊपर चढ़ेगा।

शुक्रवार से ही मौसम में बदलाव नजर आने लगा, बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को बदलकर रख दिया। कहीं-कहीं शाम के समय तेज आंधी के साथ बूंदाबांदी भी हुई। बिजली भी चमकी और तापमान नीचे गिर गया तापमान में लगभग 1.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। कहीं-कहीं शाम के समय तेज आंधी के साथ बूंदाबांदी भी हुई। बिजली भी चमकी और तापमान नीचे गिर गया तापमान में लगभग 1.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। वहीं उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने बारिश ही नहीं कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना भी जताई है, ओलावृष्ठि से किसान मायूस हैं।

बारिश और आंधी तूफान से किसानों में मायूसी की लहर :

इस तरह मौसम में बदलाव से किसानों की ज्यादातर गेंहू की फसल बर्बाद हो गई है। रेवाड़ी के कई गांवों में भी बारिश के साथ ओले गिरे हैं। लोगों के घरों के आस-पास चारों तरफ बर्फ ही बर्फ नजर आ रही है। वहीं मध्य प्रदेश में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। मध्यप्रदेश के मुरैना में करीब 12 से ज्यादा गांवों तेज आंधी के साथ ओले पड़ने की ख़बर सामने आई है जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। सरसो, गेहूं और चने की फसल खराब होने से किसान परेशान हैं। छतरपुर में भी मौसम ने अचानक बदलाव के बाद तेज आंधी के साथ हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने बारिश ही नहीं कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना भी जताई है, ओलावृष्ठि से किसान मायूस हैं।

इस बार कैसा होगा गर्मी का सीज़न :

मौसम विभाग ने इस बार की गर्मी सीजन का पूर्वानुमान लगाते हुए बताया है कि अगले तीन महीने भीषण गर्मी का अनुमान है। इस दौरान हाई हीट वेव के दौर लंबा चलेगा। होली के बाद मार्च महीने के आखिरी दिनों में मौसम विभाग द्वारा तापमान में इजाफा होने की संभावना जताई गई थी, जो देखा जाने लगा है। अप्रैल और मई के दौरान प्री-मानसून के दौर भी छोटे और कम ही रहेंगे। इस बार भीषण और प्रचंड गर्मी का अनुमान लगाया जा रहा है। वही मौसम विभाग द्वारा अनुमान लगाया गया है कि कम बारिश के लिए जिम्मेदार अल-नीनो का प्रभाव भी जून के महीने में ही खत्म हो जाएगा। भीषण गर्मी पड़ने के कारण अप्रैल से जून में ज्यादा दिनों तक लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अच्छी खबर यह है कि मानसून के आखिरी दो महीने में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसके पीछे यह वजह बताई जा रही है कि अल नीनो के कारण गर्मी में ज्यादा इलाकों में अधिक दिनों तक हीट वेव चलने और कम बारिश की आशंका है।

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