सार :

देश में चाहे गर्मी का मौसम आ गया हो लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के कारण बार बार बारिश लौटकर आ रही है बारिश के आने से तापमान में 1-2 डिग्री की गिरावट दर्ज की जाती है लेकिन गर्मी का असर साफ़ साफ़ देखने को मिल रहा है बारिश के बाद भी गर्मी बढ़ती जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल के पहले हफ़्ते के बाद भीषण गर्मी की शुरुआत होने की संभावना है वही अप्रैल के इस हफ़्ते में देश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती है लेकिन उसके बाद धीरे धीरे तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।आइए जानते हैं आप के प्रदेश में मौसम के हालात।

विस्तार :
देश के हर राज्य में अब गर्मी ने दस्तक दे दी है पश्चिमी विक्षोभ के कारण चाहे बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही है लेकिन मौसम तो गर्मी का ही है और यह साफ़ नज़र भी आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहे हैं जो दो अप्रैल और पाँच अप्रैल को होंगे इसके चलते हिमालय क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी लेकिन साथ ही देश के मैदानी राज्यों में तापमान धीरे धीरे बढ़ता जाएगा और भीषण गर्मी बढ़ने की संभावना है पश्चिमी विक्षोभ की वजह से कहीं कहीं बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी लेकिन उनसे मौसम और तापमान पर ख़ासा असर देखने को नहीं मिलेगा। अप्रैल महीने की शुरुआत से ही देशभर में गर्मी का प्रकोप बढ़ने लगा है। देश के कई राज्यों में तो लू की स्थिति देखने को मिल रही है, हालांकि, पश्चिमी विभोक्ष के चलते देश के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी हो रही है और कुछ मैदानी इलाकों में बारिश देखने को मिल रही है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार तो 2 से 6 अप्रैल के बीच पश्चिमी हिमालय पर बारिश और बर्फबारी की संभावना है।

देश के इन राज्यों में पढ़ने लगी भीषण गर्मी लोगों की चेतावनी हुई जारी :

देश के कई हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं जो की पहाड़ी राज्यों में साफ़ देखा जा रहा है यहाँ बारिश और बर्फ़बारी की गतिविधियां देखी जा रही है और कुछ मैदानी इलाकों में भी इसका असर साफ़ दिखाई पड़ रहा है लेकिन इससे गर्मी आने में कोई कमी नहीं है गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और कुछ राज्यों में मार्च के महीने में ही तापमान डिग्री के पार पहुँच चुका है वहीं अब मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में लू की चेतावनी जारी की है अप्रैल माह में इन राज्यों में कड़ाके भीषण गर्मी पढ़ने की संभावना जतायी गई है। मौसम विभाग ने बताया है कि विदर्भ, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तेलांगना के कुछ हिस्सों में लू चल सकती है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ को मध्य क्षोभ मंडल में एक गर्त के रूप में देखा जाता है, जिसकी धुरी समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर है, जो लगभग 60 डिग्री पूर्व देशांतर के साथ 35 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में चल रही है। मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल के पहले हफ़्ते के बाद भीषण गर्मी की शुरुआत होने की संभावना है वही अप्रैल के इस हफ़्ते में देश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती है लेकिन उसके बाद धीरे धीरे तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना :

देश के मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है और यह बदलाव काफ़ी महीनों से चल रहा है बार बार सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से देश के मौसम में बदलाव हो रहा है कभी बारिश बर्फ़बारी देखी जा रही है तो कभी ओलावृष्टि और आँधी तूफ़ान की ख़बरें सामने आ रही है वहीं अब मौसम विभाग ने 2 नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की ख़बरें दी है। मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ है। इसके अलावा दो पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय के पास आ सकते हैं, पहला पश्चिमी विक्षोभ 2 अप्रैल को और दूसरा 5 अप्रैल को होगा। इसी के साथ दक्षिण भारत के हिस्से में एक ट्रफ रेखा आंतरिक तमिलनाडु से मराठवाड़ा तक आंतरिक कर्नाटक तक फैली हुई है। वहीं, एक उत्तर दक्षिण ट्रफ रेखा पूर्वी बिहार से लेकर झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल से गुजरते हुए उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। यानी आने वाले दिनों में कभी भी मौसम में बदलाव होने की संभावना है और हल्की से मध्यम बारिश और कहीं कहीं भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती है।

राजधानी में दिल्ली में मौसम का हाल :

दिल्ली में मौसम का मिजाज बदल सकता है। मौसम विभाग की मानें तो राजधानी दिल्ली में 3 से 5 अप्रैल के बीच हल्की बारिश और बूंदाबांदी की गतिविधियां देखने को मिल सकती है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, इस पूरे हफ्ते दिल्ली का अधिकतम तापमान 33 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। वहीं, न्यूनतम तापमान 18 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। क्योंकि हिमालय प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है और बर्फ़बारी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही है जिससे इसका साफ़ असर राजधानी दिल्ली और उसके आस पास के इलाकों में देखने को मिलेगा इसलिए आने वाले दिनों में कभी भी राजधानी का मौसम बदल सकता है।

मध्य भारत में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज :

सोमवार से अप्रैल महीने की शुरुआत हो चुकी है गर्मी के मौसम के इस ख़ास महीने में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गर्मी 2 रूप में दिखाई दे रही है पहले पखवाड़े में औसतन डिग्री तापमान वाली गर्मी पड़ती है दूसरे पखवाड़े में 41-43 डिग्री तक के बीच की गर्मी पड़ती है । लेकिन मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार यह ट्रेंड बदलने वाला है और इस बार पहले पखवाड़े में गर्मी तीखे तेवर दिखा सकती है यानी शुरुआत से ही गर्मी तेज पड़ सकती है इसकी वजह यह है कि शुरुआती 8 दिन तक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव के कारण तापमान में उतार चढ़ाव देखा जा रहा है। अप्रैल महीने में ज़्यादातर दिनों में रात का तापमान सामान्य से ज़्यादा बना रहने की संभावना है इस कारण उमस में भी इज़ाफ़ा देखने को मिलेगा। बता दें कि पिछले दो तीन दिनों से तेज गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिल गई है इसकी वजह यह है कि रात का तापमान 20.8 डिग्री दर्ज किया गया चौबीसघंटे में इसमें 3.6 डिग्री की गिरावट हुई है।

अगर हम अप्रैल महीने के मौसम की बात करें तो पहले हफ़्ते में उत्तर भारत तक रहने वाले बेस्ट डिस्टर्बेंस के प्रभाव के कारण तापमान में उतार चढ़ाव होने की संभावना है 1 2 दिन में तापमान डिग्री के आस पास पहुँच सकता है इस दौरान बादल छाए रहने और तेज हवाएँ चलने की संभावना है। वही अप्रैल के दूसरे हफ़्ते की शुरुआत में भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का प्रभाव देखने को मिलेगा 2 या तीन दिन बाद तापमान 41 डिग्री तक पहुँच सकता है। तो अप्रैल के तीसरे हफ़्ते में दिन का तापमान 42 डिग्री और उसके ऊपर भी पहुँच सकता है एक या दो दिन लू चलने की संभावना भी है तेज हवाएँ यह एक दो दिन आँधी भी चल सकती है और वहीं अप्रैल के चौथे हफ़्ते में नर तापमान बढ़ने का ट्रेंड पहले दिन से ही शुरू हो सकता है शुरुआती 2 तीन दिन लोग भी चल सकती है दिन का तापमान डिग्री और उससे भी ज़्यादा होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

इस बार गर्मी का सीज़न में क्या होगा तापमान :

मौसम विभाग ने इस बार की गर्मी सीजन का पूर्वानुमान लगाते हुए बताया है कि अगले तीन महीने भीषण गर्मी का अनुमान है। इस दौरान हाई हीट वेव के दौर लंबा चलेगा। होली के बाद मार्च महीने के आखिरी दिनों में मौसम विभाग द्वारा तापमान में इजाफा होने की संभावना जताई गई थी, जो देखा जाने लगा है। अप्रैल और मई के दौरान प्री-मानसून के दौर भी छोटे और कम ही रहेंगे। इस बार भीषण और प्रचंड गर्मी का अनुमान लगाया जा रहा है। वही मौसम विभाग द्वारा अनुमान लगाया गया है कि कम बारिश के लिए जिम्मेदार अल-नीनो का प्रभाव भी जून के महीने में ही खत्म हो जाएगा। भीषण गर्मी पड़ने के कारण अप्रैल से जून में ज्यादा दिनों तक लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अच्छी खबर यह है कि मानसून के आखिरी दो महीने में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसके पीछे यह वजह बताई जा रही है कि अल नीनो के कारण गर्मी में ज्यादा इलाकों में अधिक दिनों तक हीट वेव चलने और कम बारिश की आशंका है।

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