सार :

देश में गर्मी का मौसम शुरु हो चुका है लेकिन लगातार आ रहे नए नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण गर्मी में बारिश का दौर शुरू हो चुका है। इसके चलते लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। कल यानि 18 अप्रैल से देश में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसका असर आज से अच्छी तरह देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। आईए जानते हैं पूरी ख़बर विस्तार से।

विस्तार :

देश में 18 अप्रैल से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है। जिसका असर मध्य भारत समेत देश के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने कल से दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में आंधी के साथ बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।अप्रैल माह का आधा महीना निकल चुका है और कहीं बारिश तो कहीं धूप देखी गई। लेकिन मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कुछ इसी तरह का मौसम रहने की संभावना जताई है। यानि अप्रैल में कहीं बारिश देखने को मिलेगी तो कहीं धूप और गर्मी का टॉर्चर। 18 अप्रैल से कई राज्यों जहां नए पश्चिमी विक्षोभ का असर होगा वहां आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहने और तेज़ हवाओं के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार हैं। मौसम में बदलाव कल शाम से ही देखने को मिलने लगा है।

बता दें कि भारतीय मौसम विभाग ने कल यानी 18 अप्रैल से देश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना जताई थी। जिसके प्रभाव से 18 से 21 अप्रैल के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। और इसका असर देखने को मिल रहा है ताज़ा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण 18 से 21 अप्रैल के बीच पश्चिमी हिमालय पर गरज, बिजली और तेज़ हवाओं लगभग 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी संभव है।

नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय दिखने लगा असर :

मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने मौसम पूर्वानुमान जताते हुए एक और नए पश्चिमी विक्षोभ की आशंका जताई थी। 18 अप्रैल से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में बदलाव नजर आने लगा है, जिसका असर मध्य भारत समेत देश के कई हिस्सों में देखने को मिलने लगा है 18 अप्रैल शाम से ही मौसम में बदलाव होना शुरू हो गया और आसमान में बादल छा गए। आज यानि 19 अप्रैल से सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं मौसम विभाग की माने तो हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। अगर हम आने वाले 4 5 दिनों में मौसम की बात करें तो 19 अप्रैल को आंधी और बारिश का अलर्ट है, वहीं 20 अप्रैल को आसमान में बादल छाए रहेंगे और 21 अप्रैल को तेज सतही हवाएं चलने के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेगी। इसके बाद एक बार फिर 22 अप्रैल को आंधी और बारिश जैसी स्थिति बनेगी। फिर 23 और 24 अप्रैल को मौसम सामान्य होने लगेगा।

राजधानी दिल्ली के मौसम की जानकारी :

अगर हम देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मौसम की बात करें तो आज यानी 19 अप्रैल को आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहने और तेज़ हवाओं के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार जताए गए हैं। मौसम में बदलाव कल शाम से ही देखने को मिलने लगा है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है। वहीं, 20 अप्रैल को आसमान में बादल छाए रहेंगे और 21 अप्रैल को तेज सतही हवाएं चलने के आसार हैं। इसके बाद एक बार फिर 22 अप्रैल को आंधी और बारिश होगी। हालांकि 23 और 24 अप्रैल को मौसम सामान्य हो जाएगा। 18 से 21 अप्रैल के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी होने की आशंका है. इसके अलावा बिहार, गुजरात और पश्चिम बंगाल में लू का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य भारत और उत्तर भारत के इन राज्यों में होगी बारिश :

पुराने पश्चिमी विक्षोभ का असर मध्य भारत के राज्यों में सबसे अधिक देखा गया और अब यह उत्तर भारत में अपना असर दिखा रहा है, लेकिन मध्य भारत में अब नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम बदलने लगा है और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही है। बीते दिन शाम से मौसम में बदलाव देखा गया और आज सुबह से बादल छाए हुए हैं। इस नए पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव मध्य भारत समेत देश के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। यानि उत्तर भारत इससे अछूता नहीं है। बता दें कि अभी इसका स्पष्ट नहीं है कि यह पश्चिमी विक्षोभ कितना ज्यादा स्ट्रांग होगा यदि यह पहले के सिस्टम की तरह स्ट्रांग हुआ तो गरज चमक के साथ बूंदाबांदी की स्थिति बनी रहेगी। शुक्रवार को दिनभर तेज हवाएं चल सकती हैं। आज दिल्ली समेत उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की भी संभावना है। आगे शनिवार और रविवार को बारिश होने की उम्मीद नहीं है लेकिन वीकेंड पर ठंडी हवा के झोंके मौसम और माहौल दोनों को खुशनुमा बना सकते हैं।

इस नए पश्चिमी विक्षोभ का असर मध्य भारत के राज्यों में तो सब दिखाई देने लगा है साथ ही उत्तर भारत के राज्यों को भी यह भी होने वाला है जिसका असर कल शाम से देखा जाने लगा है उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी इस पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ दिखाई देगा जहां हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं घाटी में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। वही उत्तर भारत के मैदानी राज्यों यूपी, बिहार के कुछ जिलों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेगी।

अन्य राज्यों में नए पश्चिमी विक्षोभ का कैसा रहेगा असर ?

भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 19 अप्रैल से भारत के पहाड़ी राज्यों जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड में तूफान, बिजली और तेज़ हवाओं के साथ बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं मैदानी राज्य राजस्थान में आज आंधी के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेगी। आज यानि 19 अप्रैल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी संभव है। अगले तीन दिनों तक मौसम नर्म बना रहेगा। 22 अप्रैल तक उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम राज्य के हिस्सों में हल्के से मध्यम बारिश के साथ ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में छिटपुट हल्की बारिश संभव है। वहीं दक्षिण भारत के राज्यों केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक में हल्की बारिश की गतिविधियां देखी जा सकती हैं।

मौसम विभाग ने इस बार के मानसून के बारे में करी भविष्यवाणी !

मौसम विभाग ने मॉनसून की फोरकास्ट के हिसाब से बताया है कि इस बार देश में मॉनसून जल्द आने की संभावना है। साथ ही भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। हालांकि, अब तक मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से मॉनसून को लेकर पूर्वानुमान जारी नहीं किया गया है। लेकिन मौसम विभाग के वैज्ञानिकों द्वारा सामान्य मॉनसून की बात कही थी। पंजाब में 13 से लेकर 15 तक बारिश की संभवाना जताई है। अधिकांश मौसम मॉडल भूमध्यरेखीय हिंद महासागर पर एक सकारात्मक चरण का सुझाव देते हैं जो प्रशांत क्षेत्र में ला नीना के गठन के साथ मेल खाता है।

मानसून की पृष्ठभूमि में इन घटनाओं का एक साथ अस्तित्व यह दर्शाता है कि ये कारक आमतौर पर जुलाई से सितंबर तक अनुभव की जाने वाली चरम मानसून स्थितियों को बढ़ा सकते हैं।इस अवधि के दौरान, मानसून का निम्न स्तर, या अवसाद, पश्चिम-उत्तर-पश्चिमी भारत और उत्तरी अरब सागर की ओर एक विस्तारित और स्थिर प्रक्षेप पथ का अनुसरण करने की उम्मीद है। इससे इन क्षेत्रों में वर्षा में वृद्धि का पता चलता है, जो मुख्य रूप से मानसून के मौसम की ऊंचाई के दौरान मानसून के कम होने के कारण होता है।स्काईमेट को दक्षिण, पश्चिम और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में पर्याप्त अच्छी बारिश की उम्मीद है।

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