सार :

देश में 18 अप्रैल से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। जिसका असर मध्य भारत समेत देश के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने कल से दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में आंधी के साथ बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की मानें तो बिहार और पश्चिम बंगाल में लू चल सकती है। वहीं इनके उत्तर पूर्वी हिस्से में बारिश के आसार हैं। आईए जानते हैं पूरी ख़बर विस्तार से।

विस्तार :

अप्रैल माह का आधा महीना निकल चुका है और कहीं बारिश तो कहीं धूप देखी गई। लेकिन मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कुछ इसी तरह का मौसम रहने की संभावना जताई है। यानि अप्रैल में कहीं बारिश देखने को मिलेगी तो कहीं धूप और गर्मी का टॉर्चर। मौसम विभाग ने कल यानी 18 अप्रैल से देश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। जिससे 18 से 21 अप्रैल के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। ताज़ा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण 18 से 21 अप्रैल के बीच पश्चिमी हिमालय पर गरज, बिजली और तेज़ हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी संभव है।

16 से 17 अप्रैल के बीच उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में हल्की बारिश, गरज, बिजली और तेज़ हवाएँ चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने सोमवार से मगंलवार को भी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में आंधी के साथ बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश की संभावना है। पहले से हुई बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया है। वही कहीं कहीं मौसम फिर बदल गया है और तापमान में बढ़ोतरी के बाद तेज चिलचिलाती धूप के साथ गर्मी का सितम देखने को मिल रहा है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मौसम की जानकारी :

भारतीय मौसम विभाग द्वारा राजधानी दिल्ली में 18, 19 और 20 अप्रैल को गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार जताए गए हैं। इस दौरान तेज हवाएं भी चलेंगी और आसमान में बादल छाए रहेंगे। दिल्ली में हफ्ते के अंत में यानी शनिवार और रविवार को बारिश होने से मौसम सुहावना रहने की उम्मीद है। देश में मौसम के कई अलग अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। अप्रैल का आधा महीना बीत चुका है, लेकिन दिल्ली में अभी भी तेज गर्मी का दौर शुरू नहीं हुआ है गर्मी शुरू होने से पहले ही पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में बदलाव हो गया। अगर राजधानी के तापमान की बात करें तो इस पूरे हफ्ते दिल्ली का अधिकतम तापमान 34 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है। आज और कल आसमान साफ रहेगा। हालांकि, 19 अप्रैल को हल्की बारिश होगी। इस दौरान तेज हवाएं भी चलेंगी।

कल से सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ, आज से दिखेगा असर :

मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने मौसम पूर्वानुमान जताते हुए एक और नए पश्चिमी विक्षोभ की आशंका जताई है। 18 अप्रैल से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है जिसका असर मध्य भारत समेत देश के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। बता दें कि अभी इसका स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है कि यह पश्चिमी विक्षोभ कितना ज्यादा स्ट्रांग होगा यदि यह पहले के सिस्टम की तरह स्ट्रांग हुआ तो गरज चमक के साथ बूंदाबांदी की स्थिति बनी रहेगी। आज भी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में आंधी के साथ बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की मानें तो बिहार और पश्चिम बंगाल में लू चल सकती है. वहीं 18 से 21 अप्रैल के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

बता दें कि अभी इसका स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है कि यह पश्चिमी विक्षोभ कितना ज्यादा स्ट्रांग होगा यदि यह पहले के सिस्टम की तरह स्ट्रांग हुआ तो गरज चमक के साथ बूंदाबांदी की स्थिति बनी रहेगी। यदि आसपास के इलाकों में बूंदाबांदी या बारिश हुई और वातावरण में नमी बनी रही तो 23 अप्रैल और 24 अप्रैल को बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगे। साथ ही हवाओं की रफ्तार भी तेज हो सकती है। मॉडल बेस्ड फोरकास्ट के हिसाब से अभी स्थिति बिल्कुल साफ नहीं हुई है लेकिन आने वाले दिनों में मौसम विभाग के द्वारा इस नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस की पूरी जानकारी जल्द ही दे दी जाएगी।

मध्यभारत के मौसम की ताज़ा ख़बर :

इस पश्चिमी विक्षोभ का असर मध्य भारत के राज्यों में सबसे अधिक देखा गया और अब यह उत्तर भारत में अपना असर दिखा रहा है, लेकिन मध्य भारत में अभी भी इसका असर बना हुआ है। दिन भर अच्छी धूप निकलती है। गर्मी और उमस से लोगों का बुरा हाल है।तापमान लगभग 34 से 35 डिग्री के बीच और कहीं कहीं इससे भी ज्यादा बना हुआ है। शाम ढलते ही आसमान में बादल छा जाते हैं। इसके बाद कई हिस्सों में गरज चमक के बाद हल्की से मध्यम बारिश भी देखी जाती है। पिछले 5 दिन से मध्य भारत के कई राज्यों में ऐसा ही मौसम देखा जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जब तापमान ज्यादा होता है और वातावरण में नमी मौजूद रहती है तो गलत चमक वाले बादल बन जाते हैं इन्हें सीबी क्लाउड कहते हैं इन्हीं बादलों के कारण तेज बारिश होती है।

क्या इस बार जल्दी होगा मॉनसून का आगमन? :

इस बार देश में मॉनसून जल्द आने की संभावना है। साथ ही भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। हालांकि, अब तक मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से मॉनसून को लेकर पूर्वानुमान जारी नहीं किया गया है। लेकिन मौसम विभाग के वैज्ञानिकों द्वारा सामान्य मॉनसून की बात कही थी। पंजाब में 13 से लेकर 15 तक बारिश की संभवाना जताई है। अधिकांश मौसम मॉडल भूमध्यरेखीय हिंद महासागर पर एक सकारात्मक चरण का सुझाव देते हैं जो प्रशांत क्षेत्र में ला नीना के गठन के साथ मेल खाता है। मौसम विभाग ने आज दक्षिण-पूर्व राजस्थान से लेकर मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण कोंकण होते हुए तटीय कर्नाटक के उत्तरी हिस्सों तक औसत समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक ट्रफ/हवा का विच्छेदन बना हुआ है।

मानसून की पृष्ठभूमि में इन घटनाओं का एक साथ अस्तित्व यह दर्शाता है कि ये कारक आमतौर पर जुलाई से सितंबर तक अनुभव की जाने वाली चरम मानसून स्थितियों को बढ़ा सकते हैं।इस अवधि के दौरान, मानसून का निम्न स्तर, या अवसाद, पश्चिम-उत्तर-पश्चिमी भारत और उत्तरी अरब सागर की ओर एक विस्तारित और स्थिर प्रक्षेप पथ का अनुसरण करने की उम्मीद है। इससे इन क्षेत्रों में वर्षा में वृद्धि का पता चलता है, जो मुख्य रूप से मानसून के मौसम की ऊंचाई के दौरान मानसून के कम होने के कारण होता है।स्काईमेट को दक्षिण, पश्चिम और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में पर्याप्त अच्छी बारिश की उम्मीद है। इसके अनुसार, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के मुख्य मानसून वर्षा आधारित क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा होगी। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के पूर्वी राज्यों में जुलाई और अगस्त के चरम मानसून महीनों के दौरान कम वर्षा होने का अनुमान है।

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