सार :
देश में गर्मी का मौसम शुरु हो चुका है लेकिन लगातार आ रहे नए नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण गर्मी में बारिश का दौर शुरू हो चुका है। इसके चलते लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 18 से 22 अप्रैल के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। और इसका असर देखने को मिल रहा है ताज़ा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण 18 से 22 अप्रैल के बीच पश्चिमी हिमालय पर गरज, बिजली और तेज़ हवाओं लगभग 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी संभव है। वहीं यह ताजा वेस्टर्न डिस्टरबेंस 22 अप्रैल से उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। आईए जानते हैं पूरी ख़बर विस्तार में।
विस्तार :
देश के मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कहीं बारिश और तूफान की स्थितियां बनी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के इलाकों पर है। मौसम विभाग ने आज भी कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बता दें कि यह प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण मध्य पाकिस्तान और पंजाब के ऊपर बना हुआ है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों असम , सिक्किम के मध्य भागों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। वहीं ताजा वेस्टर्न डिस्टरबेंस 22 अप्रैल से उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। और मध्य भारत के राज्यों में भी आसमान में बादल छाए रहेंगे साथ ही कुछ हिस्सों में तेज़ हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेगी।मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कुछ इसी तरह का मौसम रहने की संभावना जताई है। यानि अप्रैल में कहीं बारिश देखने को मिलेगी तो कहीं धूप और गर्मी का टॉर्चर। 18 अप्रैल से कई राज्यों जहां नए पश्चिमी विक्षोभ का असर होगा वहां आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहने और तेज़ हवाओं के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार हैं। मौसम में बदलाव कल शाम से ही देखने को मिलने लगा है।
राजधानी दिल्ली में बारिश की गतिविधियों से मौसम हुआ सुहावना :
राजधानी दिल्ली में आज सुबह 22 अप्रैल से ही बारिश के हालात बने हुए हैं मौसम विभाग ने 21 से 22 अप्रैल के बीच दिल्ली समेत आसपास के इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया था, जो 21 अप्रैल शाम से दिखाई देने लगा है 21 अप्रैल से ही आसमान में बादल छाए रहे और 22 अप्रैल सुबह ही कुछ हिस्सों में तो छमाछम बारिश हुई। आज दिन भर दिल्ली के कई अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग समय पर बादल बरसेंगे। अगर राजधानी के तापमान की बात करें तो न्यूनतम तापमान 24 डिग्री और आज अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। आने वाले दिनों की बात करें तो अप्रैल के अंत तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा कभी धूप तो कभी मौसम में नर्माहत देखी जायेगी। यहां तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।
बता दें कि दिल्ली में कल यानी 23 अप्रैल को दिल्ली के न्यूनतम तापमान में एक अंक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि अधिकतम तापमान में एक अंक की बढ़त हो सकती है। दिल्ली का मौसम 27 अप्रैल तक ऐसा ही रहने वाला है। इस बीच अधिकतम तापमान 40 डिग्री तक पहुंच सकता है। बता दें कि मौसम विभाग ने 27 अप्रैल को तेज हवाओं की गतिविधियां देखी जानें की संभावना जताई है। यानी कुल मिलाकर दिल्ली में दिन के समय गर्मी और सुबह-शाम को मौसम सुहावना रहने और गर्मी से फिलहाल राहत रहने का अनुमान जताया है।
उत्तर पूर्व के इन राज्यों में हीट वेव का अलर्ट हुआ जारी :
मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर पूर्वी राज्यों में अभी उत्तर-पछुआ हवा चल रही है। हवा की रफ्तार 20 से 25 किमी प्रति घंटा बनी हुई है। तापमान में भी लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है जिससे कि यहां हीटवेब का अलर्ट जारी किया गया है। अगले तीन दिनों तक मौसम शुष्क बना रहने की संभावना है। इसके कारण दिन में काफी गर्मी हो रही है, धूप में काफी जलन होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन शाम और सुबह को मौसम थोड़ी में थोड़ी राहत मिल जाती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पारा अभी दो से तीन डिग्री और बढ़ सकता है। यानी लोगों को जल्द ही प्रचंड गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर शुरू :
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी इस पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ दिखाई देगा जहां हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं घाटी में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। वही उत्तर भारत के मैदानी राज्यों यूपी, बिहार के कुछ जिलों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेगी। भारत के पहाड़ी राज्यों जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड में तूफान, बिजली और तेज़ हवाओं के साथ बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं मैदानी राज्य राजस्थान में आज आंधी के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 22 और कहीं कहीं 24 अप्रैल तक इस नए पश्चिमी विक्षोभ का असर ख़त्म हो जायेगा, तब देश के सभी राज्यों में एक बार फिर तेज़ गरमी पढ़ने लगेगी और लू चलने की भी चेतावनी है। तब तक लोगों को राहत है। मौसम विभाग का कहना है कि मध्य भारत और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में 22 अप्रैल तक इस पश्चिमी विक्षोभ का असर कम हो जायगा और धीरे धीरे तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।
मध्य भारत में मौसम की जानकारी :
बीते दिन शाम से मौसम में बदलाव देखा गया और आज सुबह से बादल छाए हुए हैं। इस नए पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव मध्य भारत समेत देश के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा। अरुणाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी होने की आशंका है। इसके अलावा बिहार, गुजरात और पश्चिम बंगाल में लू का अलर्ट जारी किया गया है। 21 अप्रैल को तेज सतही हवाएं चलने के आसार हैं। इसके बाद एक बार फिर 22 अप्रैल को आंधी और बारिश होगी। हालांकि 23 और 24 अप्रैल को मौसम सामान्य हो जाएगा। इस बीच तेज़ हवाओं के 30 से 40 km प्रति घंटे की रफ्तार से चलने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा सौराष्ट्र, कच्छ और बिहार में लू चलने की आशंका है। वहीं इस ताजा वेस्टर्न डिस्टरबेंस से 22 अप्रैल से उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा।
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 22 और कहीं कहीं 24 अप्रैल तक इस नए पश्चिमी विक्षोभ का असर ख़त्म हो जायेगा, तब देश के सभी राज्यों में एक बार फिर तेज़ गरमी पढ़ने लगेगी और लू चलने की भी चेतावनी है। तब तक लोगों को राहत है। मौसम विभाग का कहना है कि मध्य भारत और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में 22 अप्रैल तक इस पश्चिमी विक्षोभ का असर कम हो जायगा और धीरे धीरे तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।
मॉनसून फोरकास्ट :
मौसम विभाग ने मॉनसून की फोरकास्ट के हिसाब से बताया है कि इस बार देश में मॉनसून जल्द आने की संभावना है। साथ ही भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। हालांकि, अब तक मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से मॉनसून को लेकर पूर्वानुमान जारी नहीं किया गया है। लेकिन मौसम विभाग के वैज्ञानिकों द्वारा सामान्य मॉनसून की बात कही थी। पंजाब में 13 से लेकर 15 तक बारिश की संभवाना जताई है। अधिकांश मौसम मॉडल भूमध्यरेखीय हिंद महासागर पर एक सकारात्मक चरण का सुझाव देते हैं जो प्रशांत क्षेत्र में ला नीना के गठन के साथ मेल खाता है।
