सार :

देश में गर्मी अब अपने चरम पर आने को तैयार है। अभी तक तो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण मौसम में नर्मी बनी हुई थी, लेकिन अभी मौसम शुष्क है और तापमान चढ़ने लगा है। पहाड़ों को छोड़ सभी मैदानी राज्यों में अब तेज़ गरमी ने दस्तक दे दी है। दोपहर के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। भारतीय मौसम विभाग ने तो देश के कई मैदानी राज्यों में हीटवेब ( लू ) चलने का अलर्ट भी जारी कर दिया है। आईए जानते हैं पूरी ख़बर विस्तार में।

विस्तार :

देश के सभी राज्यों में अब तेज़ गरमी पढ़ने लगी है। पहाड़ों को छोड़ सभी मैदानी राज्यों में अब तेज़ गरमी ने दस्तक दे दी है। दोपहर के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कई राज्यों में अधिकतम तापमान 40° के पार हो चुका है। देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी कुछ ऐसा ही हुआ है, दिल्ली का अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 21 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। गुरुवार यानी आज 25 अप्रैल को देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। 26 अप्रैल से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। 25 अप्रैल को मौसम विभाग द्वारा बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के कुछ जिलों, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में हीटवेव का अलर्ट किया गया है।

अब अप्रैल का महीना भी खत्म होने पर है। और अप्रैल में प्रचंड गर्मी पड़ने की संभावना है। तापमान 40 से 45 तक जा सकता है। 30 अप्रैल तक मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत में बारिश होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। गर्मी का ये दौर लंबे समय तक यानी मई ही नहीं बल्कि जून तक देखने को मिलेगा। अगर हम बारिश की बात करें तो 24 घंटों के दौरान, असम और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तरी पंजाब और उत्तरी हरियाणा में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश संभव है। वैसे तो अब बारिश संभव नहीं है लेकिन दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश, विदर्भ के कुछ हिस्सों और उत्तरी तेलंगाना में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की आशंका है।

कहां कहां अभी भी है बारिश की संभावना :

देश के मौसम में अभी तक लगातार बदलाव देखा गया है। अप्रैल का महीना भी खत्म होने को है, अप्रैल में मौसम के दो अलग अलग रूप देखने को मिले थे। सक्रिय हो रहे नए नए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से कभी बारिश, बर्फबारी तो कहीं ओलावृष्टि जैसी स्थितियां पैदा हो रही थी तो कहीं तेज़ गर्मी से लोगों का बुरा हाल था। भारतीय मौसम विभाग ने मौसम पूर्वानुमान जताते हुए बताया है कि देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान बढ़ने की उम्मीद है लेकिन कुछ राज्यों में बारिश की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। अगर हम बारिश की बात करें तो 24 घंटों के दौरान, असम और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तरी पंजाब और उत्तरी हरियाणा में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश संभव है। बीते दिन हरियाणा, उत्तरी राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम और तेज़ हवाओं के साथ गरज के साथ बारिश हुई। लेकिन जल्द ही यहां के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा और तापमान बढ़ने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने इन राज्यों में हीटवेब का किया अलर्ट :

पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद अब उत्तर भारत में भी जोरो की गर्मी शुरु हो चुकी है। जिससे यूपी, बिहार, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, समेत राजधानी भी इससे अछूती नहीं है। देश के पहाड़ी राज्यों को छोड़ कर देश के लगभग सभी मैदानी हिस्सों में तो प्रचंड गर्मी की शुरुआत हो चुकी है और हीटवेव के अलर्ट कर दिए गए हैं। गुरुवार यानी आज देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। खासतौर पर गंगा के तटवर्ती पश्चिम बंगाल, तटीय ओडिशा, कर्नाटक, झारखंड, बिहार, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति संभव है। 25 अप्रैल को पूरे यूपी में मौसम शुष्क रह सकता है। कई जिलों में लू का अलर्ट है तो वहीं राजस्थान की बात करें तो आज 25 अप्रैल को मौसम शुष्क रह सकता है।

मौसम विभाग व्यक्त की नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना :

देश के मौसम में अभी तक लगातार बदलाव देखा गया है। अप्रैल का महीना भी खत्म होने को है, अप्रैल में मौसम के दो अलग अलग रूप देखने को मिले थे। देश भर की मौसम प्रणाली की बात करें तो एक पश्चिमी विक्षोभ अपनी जगह पर बना हुआ है। तो वहीं मौसम विभाग ने 26 अप्रैल से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित करने की सम्भावना जताई है। एक चक्रवाती परिसंचरण निचले स्तर पर पूर्वोत्तर राजस्थान पर बना हुआ है। असम और आसपास के क्षेत्रों पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना है जो कभी भी अपना असर दिखा सकता है। वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्र पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। 24 घंटों के दौरान, असम और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

मई में कैसा रहेगा मौसम और कैसा होगा गरमी का अटैक :

मौसम विभाग ने मई के महीने में मौसम का पूर्वानुमान जताते हुए बताया है कि मई का महीना बहुत गर्म रहने वाला है। अभी कोई नए पश्चिमि विक्षोभ की संभावना नजर नहीं आ रही है। लेकिन अगर पश्चिमी विक्षोभ भी आया तो तापमान में ज्यादा कमी नहीं दिखाई देगी। मौसम विभाग के अनुसार मई के महीने का न्यूनतम तापमान 33 डिग्री के आसपास और अधिकतम तापमान 44 डिग्री के पार जाने की संभावना है, यानी इस महीने मैं लोगों को प्रचंड गर्मी का सामना करना होगा और हीटवेव्स से बचाव करना होगा। मौसम विभाग के अनुसार मई में लगभग 20 दिनों तक हीटवेव चलने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक 1 मई से गर्मी अपने चरम पर होगी। 30 अप्रैल तक मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत में बारिश पर एक लंबा ब्रेक लग जाएगा। ऐसे में मई की शुरुआत में गर्मी फुल स्पीड में बढ़ेगी। तब राजधानी दिल्ली समेत आसपास के कई शहरों के तापमान सीजन में पहली बार 40 डिग्री को पार कर जाएंगे। गर्मी का ये दौर लंबे समय तक यानी मई ही नहीं बल्कि जून तक देखने को मिलेगा।

कब होगा मॉनसून का आगमन ?

मौसम विभाग ने मॉनसून की फोरकास्ट के हिसाब से बताया है कि इस बार देश में मॉनसून जल्द आने की संभावना है। साथ ही भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। हालांकि, अब तक मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से मॉनसून को लेकर पूर्वानुमान जारी नहीं किया गया है। लेकिन मौसम विभाग के वैज्ञानिकों द्वारा सामान्य मॉनसून की बात कही थी। पंजाब में 13 से लेकर 15 तक बारिश की संभवाना जताई है। अधिकांश मौसम मॉडल भूमध्यरेखीय हिंद महासागर पर एक सकारात्मक चरण का सुझाव देते हैं जो प्रशांत क्षेत्र में ला नीना के गठन के साथ मेल खाता है।मानसून की पृष्ठभूमि में इन घटनाओं का एक साथ अस्तित्व यह दर्शाता है कि ये कारक आमतौर पर जुलाई से सितंबर तक अनुभव की जाने वाली चरम मानसून स्थितियों को बढ़ा सकते हैं।

इस अवधि के दौरान, मानसून का निम्न स्तर, या अवसाद, पश्चिम-उत्तर-पश्चिमी भारत और उत्तरी अरब सागर की ओर एक विस्तारित और स्थिर प्रक्षेप पथ का अनुसरण करने की उम्मीद है। इससे इन क्षेत्रों में वर्षा में वृद्धि का पता चलता है, जो मुख्य रूप से मानसून के मौसम की ऊंचाई के दौरान मानसून के कम होने के कारण होता है।स्काईमेट को दक्षिण, पश्चिम और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में पर्याप्त अच्छी बारिश की उम्मीद है।

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