सार :

देश में दो तरह के मौसम देखें जा रहे हैं, कहीं लोग भीषण गर्मी से परेशान है और जीवन अस्त व्यस्त हो चुका है तो वहीं कुछ राज्यों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और उससे भी जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बता दें कि 31 मई से पहले ही मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है। इस बार मानसून का रास्ता बदल चुका है। बंगाल की खाड़ी में आए तूफान ने मानसून के पैटर्न को बदल कर रख दिया है। भारत में मानसून प्रवेश कर चुका है साथ ही अन्य राज्यों में भी इसने दस्तक दे दी है तो आईए जानते हैं पूरी खबर विस्तार में।

विस्तार :

देश में कहीं भीषण गर्मी से हाहाकार मचा हुआ है। इंसान ही नहीं जीव जंतु, पेड़ पौधों पर भी इसका बुरा असर देखने को मिल रहा है। आम जनजीवन अस्त व्यस्त होकर रह गया है। तो कहीं मानसून के प्रवेश करने से और बंगाल की खाड़ी में आए तूफान की वजह से कई राज्यों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। बता दे के आमतौर पर मानसून केरल में 1 जून को दस्तक देता है लेकिन इस बार मानसून ने 2 दिन पहले 30 मई को ही केरल में दस्तक दे दी है। केरल के साथ-साथ अन्य कई राज्यों में मानसून ने प्रवेश कर लिया है जी हां मानसून ने अपना रास्ता बदल लिया है। बंगाल की खाड़ी में आए तूफान की वजह से ऐसा देखा जा रहा है। मानसून आगे बढ़ते हुए अन्य राज्यों में भी प्रवेश कर गया है। अब जल्द ही मानसून के अन्य मैदानी राज्यों में प्रवेश करने की उम्मीद की जा रही है। आमतौर पर मध्य प्रदेश समेत अन्य मैदानी राज्यों में मानसून 15 जून तक प्रवेश कर जाता है लेकिन इस बार इसके जल्दी आने के आसार नजर आ रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो लोगों को जल्द ही इस भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है।

वहीं अगर हम मैदानी राज्यों के मौसम की बात करें तो यहां गर्मी ने हाहाकार मचा कर रख दिया है। लोगों का दिन के समय घर से निकलना दुश्वार हो गया है। लोग अपने जरूरी काम भी कल पर टाल रहे हैं। लू और गर्म लपेट ने आधे से ज्यादा भारत के मैदानी राज्यों को अपनी चपेट में ले लिया है। कई राज्यों में राज्य सरकारों ने इसने निपटने के लिए गाइड लाइंस भी जारी कर दी है। वहीं अगर हम राजधानी दिल्ली से मौसम की बात करें तो बुधवार को यहां सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया जो 52.9 डिग्री रहा। यह देश का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है। इस बार गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वही हम अन्य राज्यों की बात करें तो यहां भी अधिकतम तापमान 48 डिग्री से ऊपर ही बना हुआ है राजस्थान में कई जगह तापमान 48.9 और 50 डिग्री तक पहुंच गया, जिसके चलते राज्य सरकार द्वारा कई जिलों में आर्टिफिशियल रेन तक कराई गई। जिससे कि तापमान में थोड़ा बैलेंस बनाया जा सके।

राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के मौसम की जानकारी :

उत्तर भारत समेत राजधानी दिल्ली में हालात यह है कि लोग घरों से बाहर ही नहीं रहे हैं। भीषण गर्मी ने इन राज्यों को अपनी चपेट में बुरी तरह से जकड़ लिया है। तापमान 50 डिग्री से पार पहुंच चुका है। वहीं अगर हम राजधानी दिल्ली के मौसम की बात करें तो बुधवार को यहां सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया जो 52.9 डिग्री रहा। यह देश का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है। इस बार गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है वही हम अन्य राज्यों की बात करें तो यहां भी अधिकतम तापमान 48 डिग्री से ऊपर ही बना हुआ है। यह अब तक का सबसे ज्यादा तापमान और गर्मी है। इससे पहले इतनी गर्मी नहीं देखी। लोग गर्मी से राहत के लिए मानसून की राह देख रहे हैं। मानसून ने केरल के रास्ते देश में प्रवेश भी कर लिया है और इस बार मानसून जल्द आ गया है, अन्य राज्यों में भी इसके जल्दी आने की उम्मीद जताई जा रही है। जिससे इस भीषण गर्मी से राहत मिल जाएगी।

अगर हम अभी दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य राज्यों की बात करें तो यहां अभी मौसम विभाग ने लू चलने की चेतावनी दी है। वही लोगों को सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। राज्य सरकार द्वारा गर्मी से निपटने के लिए गाइडलाइंस भी जारी कर दी गई है। अभी दिल्ली का अधिकतम तापमान 48 डिग्री से 50 डिग्री के बीच बना हुआ है, तो वहीं न्यूनतम तापमान 33 से 35 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है। हालात यह है कि लोगों ने दिन के समय अपने कामों को टालना शुरू कर दिया है। अक्सर लोग शाम के समय तापमान कम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं, जो सही भी है। बता दें कि दिल्ली में मानसून 20 से 21 जून के आसपास आता है। इस बार भी इसके कुछ जल्दी आने के उम्मीद जताई जा रही है। जिससे कि इस भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।

मॉनसून ने बदला अपना रास्ता केरल समेत अन्य राज्यों में ली एंट्री :

देश में हर बार मानसून 1 जून को केरल के रास्ते देश में प्रवेश करता है, इस बार मानसून के जल्दी आने के आसार जताए गए थे जो कि देखा भी गया है। मानसून ने केरल के रास्ते देश में 30 मई को ही प्रवेश कर लिया है। लेकिन इस बार मानसून ने सिर्फ केरल के रास्ते ही प्रदेश में प्रवेश नहीं किया है। इसने पूर्वी राज्यों के जरिए भी देश में प्रवेश किया है। बता दें कि बंगाल की खाड़ी में आए तूफ़ान रेमल की वजह से मानसून में डिसबैलेंस नजर आया और केरल के साथ-साथ मानसून ने पूर्वी राज्यों की तरफ भी रुख कर लिया है जिसके चलते 30 मई से केरल में तो बारिश की गतिविधियां देखी जा रही है साथ ही पूर्वी राज्यों में भी भीषण बारिश देखी जा रही है। हालात यह है कि तूफान रेमल के बाद नॉर्थ ईस्ट में शुरू हुआ बारिश का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण सबसे बुरी हालात मणिपुर की है। जहां 8 से ज्यादा जिलों में 50 हज़ार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं इंफाल नदी और नैमूल नदी उफान पर है जलस्तर बढ़ाने के कारण इंफाल नदी का पानी शहरों में घुसने लगा है। इंफाल में कई सरकारी दफ्तरों, बस स्टैंड, मुख्य बाजारों के अलावा खेल स्टेडियम में भी पानी भर गया है। हालात को काबू करने के लिए सेना को बुलाया गया है। असम राइफल के जवानों ने इंफाल शहर में बाढ़ में फंसे लगभग 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है।

मध्य प्रदेश में कब होगी मॉनसून की एंट्री ?

देश में मानसून ने एंट्री ले ली है और केरल समेत पूर्वी राज्यों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। सामान्यतः केरल में मानसून के प्रवेश करने के लगभग 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश करता है। इस बार भी इसी तरह के आसार नजर आ रहे हैं। लगभग 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश कर जाएगा। 15 जून से पहले इसके मध्य प्रदेश में आने की संभावना है। जिससे कि लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। 21 से 25 जून तक मानसून पूरे देश को कवर कर लेता है। इस बार मानसून दो से तीन दिन जल्दी आयाbहै इसीलिए इसके जल्दी देश को कवर करने की उम्मीद है एवं इसके चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

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