सार :
देश के आधे हिस्से को कवर करने के बाद भी मानसून आगे बढ़ने को तैयार नहीं है। यह बेहद धीमी गति से आगे बढ़ता नजर आ रहा है। जिस तरह इसने देश में प्रवेश किया था उससे आधी रफ्तार लेकर आगे बढ़ रहा मानसून का इंतजार उत्तर भारत में बेसब्री से किया जा रहा है। उत्तर भारत में आम जनजीवन भीषण गर्मी की वजह से हैरान परेशान हो चुका है। जहां पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि यह देश को जल्दी कर कर लेगा और इस बार देश में जल्दी बारिश होना शुरू हो जाएगी लेकिन अभी ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा है। आईए जानते हैं पूरी ख़बर विस्तार में।
विस्तार :
उत्तर भारत की राज्य हो या मध्य भारत हो सभी भीषण गर्मी की चपेट में है और मानसून का इंतजार कर रहे हैं। उत्तर भारत के शहरों में भीषण गर्मी का कहर जारी है। राजधानी दिल्ली भी इससे अछूती नहीं है। जून में रिकॉर्ड तापमान के बीच लोग मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें भीषण गर्मी से राहत मिल सके। मौसम विभाग के अनुसार, 20 जून को दिल्ली में हल्की बूंदाबांदी से राहत मिल सकती है। इस बार यह देश को जल्दी कवर कर लेगा और देश में जल्दी मानसूनी बारिश शुरू हो जाएगी। जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी लेकिन महाराष्ट्र तक पहुंचते पहुंचते इसकी रफ्तार धीमी हो गई है और मध्य प्रदेश में इसके समय से लेट होने के आसार नजर आ रहे हैं। वैसे तो अभी कुछ राज्यों में प्री मानसून की बारिश देखी जा रही है लेकिन कहीं-कहीं भीषण गर्मी से लोगों का बुरा हाल है तो लोग मानसून का इंतजार कर रहे हैं। अभी भी कुछ दिनों तक लोगों को मानसून का इंतजार करना होगा।
कुछ ही घंटे में यह मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में पहुंच जाएगा और यहां मानसूनी वर्षा शुरू होने के आसार नजर आ रहे हैं तो वहीं मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में प्री मानसून वर्षा शुरू हो चुकी है। जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल चुकी है फिर भी गर्मी से पूरी तरह राहत के लिए बारिश का लगातार होना आवश्यक है। यह तो रही उन राज्यों की बात जहां मानसून का असर दिखने लगा है और मानसून ने प्रवेश कर लिया है लेकिन जिन राज्यों में मानसून ने अभी तक दस्तक नहीं दी है वहां के हालात बेहद नाजुक नजर आ रहे हैं। भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर उत्तरभारत के राज्य में देखा जा रहा है इन राज्यों में लू चलने का अलर्ट जारी कर दिया गया है और लोगों को सावधानी बरतने को कहा है। दिन के समय बहुत जरूरी काम होने पर सावधानी के साथ घर से निकलने की हिदायत दी गई है।
दिल्ली समेत उत्तर भारत में गर्मी से हैरान परेशान लोग :

मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक, 19 जून तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और उत्तर प्रदेश में लू चलने की आशंका है। लोगों को सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। तो वहीं 18 जून तक हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और जम्मू के कुछ हिस्सों में हीटवेव का सितम जारी रहने के आसार हैं। हालत यह है कि पहाड़ों पर भी गर्मी अपना सितम ढा रही है। मौसम विभाग द्वारा राजधानी दिल्ली में हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, 20 जून से मौसम बदल सकता है और बारिश के आसार नजर आ रहे हैं यहां गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस पूरे हफ्ते दिल्ली का अधिकतम तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस रह सकता है और न्यूनतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का रेड अलर्ट जारी किया है. इस दौरान राज्य में चिलचिलाती गर्मी की स्थिति बनी रहेगी। हालांकि, 19 जून से इसकी तीव्रता में धीरे-धीरे गिरावट आएगी। ऐसी भीषण गर्मी से बचने के लिए राज्य सरकार द्वारा लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है और गाइडलाइंस जारी की गई है।
उत्तर भारत में कब होगी मॉनसून की एंट्री ?
उत्तर भारत में इस हफ्ते मौसम में ज्यादा बदलाव के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। कुछ दिनों में मानसून मध्य प्रदेश में के लगभग सभी जिलों को कवर कर लेगा। उसके बाद उत्तर प्रदेश में इसकी एंट्री होगी और यहां तब भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। उससे पहले उत्तर भारत केराज्यों में प्री मानसून वर्षा शुरू हो सकती है जिससे यहां पर गर्मी से राहत मिलने लगेगी। उत्तर भारत के राज्यों में लोगों को भीषण गर्मी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस भीषण गर्मी से राहत केवल मानसून ही दिला सकता है। उससे पहले उत्तर भारत केराज्यों में प्री मानसून वर्षा शुरू हो सकती है जिससे यहां पर गर्मी से राहत मिलने लगेगी। उत्तर भारत ही नहीं राजस्थान भी भीषण गर्मी से जूझ रहा है लेकिन गर्मी के यह अंतिम दिन है। इसके बाद मानसून के आगमन से सभी राज्यों में बारिश शुरू हो जाएगी। गौरतलब है कि अल नीनो भारतीय मानसून पर नकारात्मक प्रभाव डालता है जबकि ला नीना भारत में मानसून के लिए अनुकूल होता है। इसीलिए भारत में अच्छी बारिश होने की संभावना है। प्रशांत महासागर में बनने वाला अलनीनो 11 महीने के बाद खत्म हो गया है। अब जुलाई से सितंबर के दौरान ला नीनो विकसित होगा। यह मानसून के लिए अनुकूल होगा और जमकर बादल बरसेंगे। अनुमान है कि भारत में अच्छे मानसून के कारण पिछले साल कम हुई बारिश की भरपाई हो सकती है।
मध्य भारत में राहत की ख़बर :
मॉनसून ने फिलहाल अपनी रफ़्तार कम कर ली है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रियता कम होने से यह आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इसके चलते मध्य प्रदेश में मानसून की झमाझम वर्षा के लिए अब एक सप्ताह तक का इंतजार और करना पड़ सकता है। हालांकि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से मालवा-निमाड़ क्षेत्र में करीब-करीब रोज ही राहत भरी बौछारें पड़ रही हैं। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार, भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं-कहीं मानसून पूर्व की वर्षा होने का सिलसिला बने रहने के आसार हैं। जिससे यहां गर्मी से राहत मिलती रहेगी। हालांकि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से मालवा-निमाड़ क्षेत्र में करीब-करीब रोज ही राहत भरी बौछारें पड़ रही हैं। और कई जगह प्री मानसून बारिश हो रही है, जिससे कुछ राहत मिल रही है।
इन राज्यों में हो रही बारिश :
इसके अलावा असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और उप-हिमालय पश्चिम बंगाल में 18 जून तक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। देश के कई हिस्सों में मॉनसून आने के बाद से ही बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 4-5 दिन में पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है। अनुमान है कि भारत में अच्छे मानसून के कारण पिछले साल कम हुई बारिश की भरपाई हो सकती है। उत्तर पश्चिमी शुष्क हवाओं का असर गंगा के मैदानी भागों में होता रहेगा, जब बंगाल की खाड़ी से मॉनसून वाली हवाएं आना शुरू होंगी तब मौसम में थोड़ा बदलाव हो सकता है।
