सार :

इसराइल और ईरान के बीच हो रहे युद्ध में जब से अमेरिका ने अपनी एंट्री मारी है तब से इस युद्ध ने और तूल पकड़ लिया है युद्ध खत्म होने पर नही आ रहा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समाचार पर अपने बयान देते आ रहे हैं कभी वह युद्ध खत्म करने की बात कहते हैं तो कभी दोबारा शरू हो जाता है। अमेरिका की संसद में वैसे युद्ध रोकने के लिए कानून पास हो गया है। आईए जानते हैं पूरा मामला विस्तार पूर्वक।

विस्तार :

अमेरिका ईरान युद्ध में आए दिन नई अपडेट सामने आ रही है। इसराइल और ईरान के बीच हो रहे युद्ध में जब से अमेरिका ने अपनी एंट्री मारी है तब से इस युद्ध ने और तूल पकड़ लिया है युद्ध खत्म होने पर नही आ रहा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समाचार पर अपने बयान देते आ रहे हैं। अब युद्ध के बीच अमेरिकी संसद में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सैन्य शक्तियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव पास हो गया है। वोटिंग में 4 रिपब्लिकन सांसदों ने भी विपक्षी पार्टी डेमोक्रेट्स का साथ दिया। बता दें कि यह एक राहत की ख़बर है लेकिन अभी की ताजा खबरों के अनुसार युद्ध फिर शुरू हो गया है। अमेरिका को ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान में भारी नुकसान हुआ है। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान अमेरिका के 42 विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त हो गए।

ट्रंप के 4 मंत्रियों ने उनके ही खिलाफ की बोटिंग :

अमेरिकी संसद में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सैन्य शक्तियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव पास हो गया है। ट्रंप के खिलाफ उनके ही मंत्रियों ने वोटिंग कर दी। वोटिंग में 4 रिपब्लिकन सांसदों ने भी विपक्षी पार्टी डेमोक्रेट्स का साथ दिया। यह प्रस्ताव 50-47 से पास हुआ, हालांकि इसे कानून बनने के लिए अभी कुछ और चरणों से गुजरना होगा। अगर यह कानून बन जाता है तो फिर ट्रंप को वार के लिए विपक्ष की मंजूरी ज़रूरी होगी। उसके बाद भी ट्रम्प इसके खिलाफ वीटो कर सकते हैं। फिर उस वीटो को रद्द करने के लिए सीनेट और हाउस दोनों में दो-तिहाई बहुमत चाहिए होगा, जो फिलहाल मुश्किल माना जा रहा है। यह वोट विपक्ष के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है जो कह रहे थे कि अमेरिका में युद्ध शुरू करने या सेना भेजने का अधिकार राष्ट्रपति नहीं बल्कि संसद के पास होना चाहिए।

बता दें कि अमेरिकी कानून के मुताबिक कोई भी राष्ट्रपति बिना संसद की मंजूरी के सिर्फ 60 दिन तक सैन्य कार्रवाई चला सकता है। इसके बाद या तो युद्ध खत्म करना होता है, कांग्रेस से अनुमति लेनी होती है, या फिर सेना की सुरक्षित वापसी के लिए 30 दिन की अतिरिक्त मोहलत मांगनी होती है।

ट्रंप ने ईरान पर बड़ा हमला टाला, ईरान ने यूएस के 42 विमान किए नष्ट :

युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति के कई बयान सामने आते रहते हैं वहीं ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान पर बड़ा हमला करने वाला था, लेकिन फिलहाल उसे रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि कतर, सऊदी अरब और UAE ने बातचीत को मौका देने के लिए हमला टालने की अपील की थी। बता दें कि अमेरिका को ईरान युद्ध में बड़ा नुकसान हुआ है। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में 42 विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए। इनमें 4 F-15E, 1 F-35, 24 MQ-9 Reaper ड्रोन्स शामिल हैं। कुल लागत 2.80 लाख करोड़ हो गई है। यह संख्या अभी अंतिम नहीं है और आगे बढ़ सकती है। यह नुकसान अमेरिका के लिए काफी बड़ा माना जा रहा है. खासकर F-35 और F-15 जैसे आधुनिक फाइटर जेट्स का नुकसान और 24 MQ-9 Reaper ड्रोन्स का खोना।

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