सार :

जहां अब भारत में ठंड का स्तर तेजी से बढ़ रहा है तो भारत के समुंदरों में अब चक्रवात पैदा हो रहे हैं। बता दे कि भारत के दक्षिणी राज्यों की और दो चक्रवात तेजी से बढ़ रहे हैं। एक तूफान जो इंडोनेशिया से होता हुआ भारत की ओर बढ़ रहा है तो दूसरा तूफान गति पकड़ रहा है। यह तूफान भारत में किन राज्यों को प्रभावित करेंगे आई जानते हैं पूरी खबर विस्तार में।

विस्तार :

भारत के आसपास के समुद्रों में एक के बाद एक दो चक्रवातों ने मौसम विभाग को सतर्क कर दिया है। पहला चक्रवात सेन्यार अब कमजोर हो चुका है, लेकिन दूसरा चक्रवात दितवा तेजी से मजबूत हो रहा है। ये दोनों चक्रवात बंगाल की खाड़ी और मलक्का जलडमरूमध्य के पास बने हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। इनके कारण दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में तेज बारिश, तेज हवाएं और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। चक्रवाती तूफान सेन्यार इंडोनेशिया से होकर अब दक्षिण-पूर्व दिशा में बढ़ रहा है. इसके असर से अंडमान-निकोबार, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, माहे और रायलसीमा में अगले 2 दिनों में भारी बारिश होने की संभावना है। 29-30 नवंबर के आसपास चक्रवाती तूफान सेन्यार तमिलनाडु या आंध्र प्रदेश के तट से होकर गुजर सकता है, इसीलिए भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है।

कहा से आया यह चक्रवात :

बता दें कि बंगाल की खाड़ी चक्रवातों के आने का एक आम रास्ता है। यहां अक्सर चक्रवात बनते रहते हैं और यह देश के तटीय क्षेत्रों को प्रभावित करते रहते है। बता दें कि इस चक्रवात के दो संभावित रास्ते बताए गए हैं। पहला 29 से 30 नवंबर के आसपास तमिलनाडु या आंध्र प्रदेश के तट से होकर गुजर सकता है। दूसरा यह हो सकता है कि उत्तर की ओर मुड़कर समुद्र में ही बना रहे और धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाए। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले तूफानों का मार्ग अक्सर ऊपरी हवाओं में छोटे बदलावों से प्रभावित होता है।

भारत में किन राज्यों पर होगा हावी :

सेनयार के असर से भारत में कई जगहों पर मौसम में बदलाव के साथ भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के अनुसार, Cyclone Senyar का यह नाम संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के द्वारा उत्तर हिंद महासागर के नामकरण सूची में दिया है। यह तूफान अक्टूबर में आए चक्रवात ‘मोंथा’ के तुरंत बाद बन रहा है। मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के मुताबिक, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 29 नवंबर तक भारी बारिश, गर्जना और 40 से 50 किमी/घंटा की हवा चलने की संभावना है। तमिलनाडु में 30 नवंबर तक व्यापक बारिश के साथ बेहद भारी बारिश की संभावना बताई गई है. केरल और माहे में मध्यम से भारी बारिश रहेगी, तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 29 नवंबर से बारिश बढ़ेगी और 30 नवंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना बताई गई है।

ओडिशा में 27 नवंबर तक हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मलक्का जलडमरूमध्य पर डीप डिप्रेशन पिछले 6 घंटों में लगभग पश्चिम दिशा में 10 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से आने वाला है। लक्षद्वीप में समुद्र में लहरें ऊंची और तेज रहेंगी. इसके साथ ही पानी अशांत रहेगा और बारिश जारी रहेगी ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *