भोपाल में बाघ RT123 ने कलियासोत से केरवा डैम तक के जंगलों में अपना ठिकाना बना लिया है यह बाघिन अपने चार शावकों को शिकार के तौर तरीके सीखा रही हैं इस दौरान वह काफी आक्रमण देखी जा रही है यदि आप भोपाल शहर में हैं और केरवाड़ और कलियासोत क्षेत्र के आसपास हैं तो आप सावधान हो जाइए क्योंकि यह बाघिन कभी भी आपके सामने आ सकती हैं जो इस समय काफी आक्रमक हो रही है हाल ही में सेवकों ने एक साडे को मार गिराया है इसके पहले भी भैड के एक बच्चे का शिकार किया था वन विभाग के अधिकारियों ने शहर वासियों और ग्रामीणों को बाघ मूवमेंट इलाके में ना जाने की समझाइश दी है इसके लिए मुनादी भी करवाई जा रही है सेवकों ने हाल ही में 3 और नए शिकार किए हैं बाघिन के शावक ने पहले मदर फुल फॉर्म के बीच तीन और शिकार किए हैं सभी आक्रमण छोटे-बड़े व बच्चियों पर किए गए हैं अधिकारियों का अनुमान है कि बाघिन अब शावकों को शिकार में दक्ष बना रही है बाघिन ने अधमरा शिकार कर शावकों के लिए छोड़ दिया था चालकों ने उस समय इसी को मारा हाल ही में शावकों ने मिलकर मंडोरा में भीड़ की का शिकार किया है इस दौरान पेट्रोलिंग टीम ने इलाके में बनी रही है।


18 माह तक चलती है ट्रेनिंग
बांधवगढ़ नेशनल पार्क के पूर्व फील्ड डायरेक्टर मृदुल ने बताया कि यह शावकों की ट्रेनिंग जन्म के 4 महीने के बाद से शुरू होती और 18 महीने तक चलती है शावकों की व्यस्त होने यानी 20 माह के बाद बाकी शावकों को स्वतंत्र छोड़ देती है

अभी छोटे मवेशियों पर शावक कर रहे हमला
यह बात सही है कि बाघिन ने शावकों की ट्रेनिंग शुरू कर दी है वह शावकों को स्वीकार करना सिखा रही है शावक अभी छोटे मवेशियों और अन्य वन्य प्राणियों पर हमला कर रहे हैं शावकों को शिकार की ट्रेनिंग देने के दौरान भागना पूर्ण व्यवहार करती है सेवकों पर खतरा देख कर वह हमला भी कर देती है यही कारण है कि मुनादी कराई जा रही है और जंगल में लोगों को ना जाने की हिदायत दी जा रही है
डीएफओ भोपाल वन मंडल
