अफ्रीका के नामीबिया से मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में लाए गए चित्रों की लगातार एक के बाद एक मौत से अब अफसरों में भी घमासान छिड़ गया है चीता सूरज और तेजस की मौत के मामले में वन विभाग के अफसरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है लेकिन किसी नो वन कर्मियों की टीम हर चीते की मॉनिटरिंग करती रही लेकिन किसी ने भी संक्रमण पर ध्यान नहीं दिया बताया जा रहा है कि तीनों की मौत के पीछे का संक्रमण का कारण बताए जा रहे हैं बताया जा रहा है कि सूरज की मौत रेडियो कॉलर से त्वचा में नमी संक्रमण पनपने के कारण हुई है। संक्रमण में मक्खियों ने अंडे दिए जिससे गांव गंभीर हो गया पीसीसीएफ वन्य प्राणी जेएस चौहान का कहना है कि आज तक रेडियो कॉलर से संक्रमण का मामला सामने नहीं आया है।

स्टीयरिंग कमेटी ने कूनो नेशनल पार्क के आसपास बसे गांवों के ग्रामीणों को भी चीता प्रोजेक्ट से जोड़ने के निर्देश दिए हैं उन्होंने कहा सीट जीता सूरज की गर्दन में मिले तथा संक्रमण के अलावा 11 जुलाई को मरे चीता तेजस में भी इसी प्रकार का संक्रमण मिला था अब सभी 15 सीटों में रेडियो कॉलर वाले गर्दन के हिस्से को देखा जाएगा कि कोई ख्वाब तो नहीं हो रहे।

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