अब महाकाल बाबा की नगरी उज्जैन में महाकाल के दर्शन के साथ-साथ श्रद्धालु ध्यान भी कर सकेंगे। इसके लिए महाकाल लोक में चार कुटियाए बनाने का निर्माण कार्य जारी है। दो-तीन महीने में यह सुविधा शुरू हो सकती है स्मार्ट सिटी ने महाकाल लोक के दूसरे चरण में जन सुविधा बढ़ाने और प्राचीन भवनों को सवारने के साथ ध्यान कुटिया का निर्माण शुरू कर दिया है। बाबा महाकाल के दर्शन के साथ ही श्रद्धालु योग और ध्यान कर सकें, इसके लिए मंदिर से 200 मीटर दूरी पर महाराजबाड़ा भवन के पीछे इन कुटियाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए कुटियाओं के आसपास प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाई जा रही है। हरियाली और शुद्ध हवा के लिए पेड़ पौधे लगाए जा रहे हैं। कुटिया में ॐ या अन्य धुन की हल्का संगीत चला करेगा और जो ध्यान को एकाग्रता प्राप्त प्रदान करेगा।

आध्यात्मिक सुख की होगी प्राप्ति: ध्यान की कुटिया ओं के निर्माण के लिए पीली मिट्टी ,लकड़ी ,गोबर, चारे, बल्ली आदि का प्रयोग किया जा रहा है। गोलाकार आकार में बनी है कुटिया का दायरा 4 मीटर होगा। इसके आसपास पौधों की क्यारी और पगडंडियों बनाई जा रही हैं पूरे मैदान में बारीक घास और आसपास हरे-भरे वृक्ष लगाए जाएंगे। पास ही छोटे रुद्रसागर का सौंदर्यीकरण हो रहा है। वही बड़े रुद्रसागर में साफ पानी की व्यवस्था भी की गई है। कुटिया के आसपास का माहौल इस तरह तैयार किया जा रहा है जैसे द्वापर युग त्रेता युग में मुनियों की आश्रम होते थे।
