मध्यप्रदेश में कुछ समय पहले हुई पटवारी भर्ती परीक्षा जो कि ग्रुप 2 सब ग्रुप 4 के साथ संयुक्त भर्ती परीक्षा में शामिल थी। उसमें एक टॉपर सहित अन्य चयनित उम्मीदवारों की भूमिका संदेह के घेरे में है और लगातार नई नई कड़ियां खुलती जा रही हैं। इसमें कई चयनित उम्मीदवारों की भूमिका संदेश जनक है। उन्होंने इस परीक्षा में अपने आपको शारीरिक रूप से विकलांग बताया परंतु 3 महीने बाद हुई वनरक्षक और जेल प्रहरी संयुक्त भर्ती परीक्षा 2023 में वे सभी फिट हो गए। ऐसा क्यों? हालांकि और जलपरी की परीक्षा में विकलांगता का कोटा ही नहीं होता। ऐसी स्थिति में फिर ऐसे उम्मीदवारों को फॉर्म ही नहीं भरना होता।
ऐसी ही एक और खबर है जिसमें पटवारी भर्ती परीक्षा में चयनित विद्यार्थी और टॉप 3 में आई विद्यार्थी की भूमिका भी बहुत ही ज्यादा संदेहजनक नजर आ रही है। जब उनसे मध्य प्रदेश में कितने जिले हैं और संभाग के बारे में पूछा गया तो वह इस बेसिक क्वेश्चन का आंसर तक नहीं दे पाए। ऐसा ना जाने कितने सवालों के जवाब देकर पटवारी भर्ती में तीसरा स्थान हासिल करने वाली पूनम राजावत को अब इनका जवाब याद नहीं है। पूनम का सेंटर भी भाजपा विधायक के एनआरआई कॉलेज में था। जहां से टॉप 10 में से 7 उम्मीदवार निकले थे जिसके बाद ही विवाद से इस की नियुक्ति प्रक्रिया पर सीएम ने रोक लगा दी है।
बता दें कि पटवारी भर्ती परीक्षा में हुई धांधली को लेकर रोज ही धरना प्रदर्शन और हड़ताल जारी हैं विपक्ष भी इस में हुई धांधली को लेकर जांच कमेटी बैठाने की मांग कर रहा है और भर्ती परीक्षा निरस्त करने की बात की जा रही है बता दें कि इस पटवारी भर्ती परीक्षा में बहुत से विद्यार्थी अयोग्य विद्यार्थी चयनित हुए हैं और अच्छे नंबर लाने वालों के नाम तक लिस्ट में नहीं आए हैं इसको लेकर कई धरना प्रदर्शन किए जा रहे हैं और धरती पर पटवारी भर्ती परीक्षा पर जांच के लिए मांग की जा रही है।
