भोपाल मेट्रो ट्रेन के लिए एक फेस का ट्रायल तो रन हो चुका है अब दूसरे की तैयारी जारी है। भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए 3.39 किलोमीटर का अंडरग्राउंड रूट भी बना है। जिसके लिए कंस्ट्रक्शन में देश की 6 बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनियों ने रुचि दिखाते हुए अपने-अपने ब्लूप्रिंट तैयार किए हैं। मेट्रो रेल कंपनी की ओर से खोली गई टेक्निकल विड में दिल्ली, मुंबई, पुणे, चेन्नई ,हैदराबाद और कानपुर मैं मेट्रो रूट स्टेशन आदि का कंस्ट्रक्शन करने वाली कंपनियों ने भोपाल में अंडरग्राउंड कंस्ट्रक्शन करने के लिए अपना टेंडर दिया है।
ऐसी लगभग 6 कंपनियों ने टेक्निकल विड में रुचि दिखाई है यह अंडरग्राउंड रूट सिंधी कॉलोनी से ऐशबाग रेलवे क्रासिंग तक होगा। इनमें गुलेमार्क, हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी ,आईटीडी सीमेंटेशन इंडिया लिमिटेड, लार्सन एंड ट्रूबो लिमिटेड और टाटा प्रोजेक्ट्स शामिल है। भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन यानी करोंद से एम्स के 14.99 किलोमीटर में से सिंधी कॉलोनी से ऐशबाग रेलवे क्रासिंग तक का हिस्सा अंडरग्राउंड रहेगा।

बता दें कि इस अंडरग्राऊंड हिस्से में दो मेट्रो स्टेशन होंगे। एक भोपाल रेलवे स्टेशन और दूसरा नागदा बस स्टैंड इसके लिए मई 2023 में टेंडर बुलाए गए थे और इसकी लागत 892 करोड रुपए की अनुमति है। यह काम साढे तीन साल में पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। मेट्रो की दोनों लाइन का यह अकेला अंडरग्राउंड हिस्सा है टेक्निकल विड के परीक्षण के बाद फाइनेंशियल विड खोली जाएगी लेकिन इसका खुलासा आचार संहिता समाप्त होने के बाद ही किया जाएगा।
बता दें कि भोपाल मेट्रो का कार्य कई सालों से शुरू हो चुका है अब यह कुछ किलोमीटर तक हो चुका है हाल ही में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल मेट्रो ट्रायल रन के दौरान मेट्रो में सफर भी किया था। वही इंदौर में भी हाल ही में मेट्रो ट्रायल हुआ था जिसे मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाई थी। अब प्रदेश के इंदौर और भोपाल दोनों ही मेट्रो सिटीज कहलाएंगे। जल्द ही आने वाले सालों में यह प्रोजेक्ट कंप्लीट हो जाएंगे और लोग मेट्रो का आनंद ले पाएंगे। मेट्रो में कई सुविधाएं प्रदान की गई है मेट्रो आने से भोपाल शहर की रफ्तार मेट्रो की तरह तेज हो जाएगी। लोगों को आवागमन में सुविधा होने लगेगी इसी के साथ भोपाल एक मेट्रो सिटी के नाम से जाना जाने लगेगा।
