मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के आसपास वेटलैंड्स एरिया भोज ताल या बड़ा तालाब रामसर साइट घोषित है यहां हर साल ठंड के मौसम शुरू होने से ही पक्षियों का आना शुरू हो जाता है। अलग-अलग हिस्सों से भोपाल में प्रवास करने आते हैं यह पक्षी। यानी भोपाल के छोटे और बड़े तालाब को वेटलैंड घोषित किया गया है यहां बायोडायवर्सिटी काफी देखने को मिलती है जब भी आप इधर इस एरिया में जाते हैं या निकलते हैं तो आपको हमेशा यहां तरह-तरह के पक्षी देखने को मिलेंगे यह सरकार द्वारा रामसर साइट घोषित किया गया है जिसमें बायोडायवर्सिटी के तहत कई विदेशी पक्षी भी देखने को मिलते हैं यह विदेशी पक्षी माइग्रेशन के चलते विदेश से माइग्रेट होकर भोपाल के इस एरिया में आते हैं। अगर वर्ष 2023 की बात की जाए तो इस वर्ष भी प्रवासी पक्षियों का आना शुरू हो गया है।
इसके चलते आपको विभिन्न प्रजातियों के पक्षी यहां देखने को मिलेंगे अलास्का साइबेरिया यूरोप कंट्रीज से आने वाले कई पक्षी आपको अपने प्रदेश में ही भोपाल के रामसर साइट भोज ताल या बड़ा छोटा तालाब में देखने को मिल सकते हैं हजारों की संख्या में आए पक्षियों को देखते ही यह मनमोहक दृश्य दिल जीत लेता है।यह पक्षी मुख्य रूप से रामसर साइट बड़ा तालाब के आसपास के संरक्षित एरिया में अपना डेरा डाले हुए हैं और ग्रीष्म काल के पूर्व तक यहां ठहरते हैं।
पक्षी विशेषज्ञों की माने तो हर वर्ष अलग-अलग देश व राज्यों से प्रवासी पक्षी भोपाल आते हैं इनमें से ज्यादातर पक्षी कीटों फलों या अनाज पर निर्भर होते हैं कलियासोत दम खेरवा दाम और वन विहार जैसे इलाकों के आसपास उन्हें इस तरह का भरपूर भोजन नहीं मिल पाता है इसीलिए पक्षी अब ऐसे स्थानों की ओर बढ़ रहे हैं जहां उन्हें उनके लिए पर्याप्त भोजन मिल सके और हर प्रकार के शोर से वह दूर रह सके इसमें स्थलीय पक्षी सिर्फ गाने बनो या हल्के बानो के अलावा भी शहर के साथ-साथ शहर के बाहर भी अच्छी संख्या में दिखाई देते हैं यह पक्षी खेतों के आसपास छोटा पक्षी पोखरों में तालाबों फलों के बागों में छोटे उद्यानों में भी आसानी से दिखाई दे रहे हैं।
इसके अलावा देश में कई अलग-अलग हिस्सों पंजाब ,हरियाणा, दिल्ली रीजन में पॉल्यूशन बड़ा है इन शहरों की एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहतर नहीं है इसलिए भी यह पक्षी वहां से माइग्रेट होकर भोपाल की ओर प्रवास करते हैं।

भोपाल में करीब 180 से अधिक प्रजाति के प्रवासी पक्षी आए हैं भोपाल वर्ल्ड एंड बीएस नेचर सीरियस वन विहार ऐप को जैव विविधता सहित कई अन्य संस्थाओं की गणना में 2022-23 में 180 प्रजातियों के 3000 से अधिक पक्षी भोपाल में होना पाए गए थे।
भोपाल में प्रवासी पक्षियों की आमद से यूरोप अलास्का और साइबेरिया से एक रिश्ता सा बन रहा है यह जैव विविधता दूध के रूप में भंवरी में दिखाई देने लगे हैं अब तक यूरोप से माउंट आबू हैरियर और अमेरिका के अलास्का से ब्लू थ्रोट यूरोप से यूरेशियन हॉबी प्रवासी पक्षियों की आमद हुई है पक्षी प्रेमियों का कहना है की हाला की इस बार प्रवासी पक्षियों ने रामसर साइट वन विहार की जगह नए स्थानों की तलाश की है यह हरे भरे पानी व दलदल वाले छोटे-छोटे स्थान है प्रवासी पक्षियों को उठा ले और हरे भरे स्थान में भरपूर मात्रा में भोजन मिलता है इसीलिए इस बार पहले की जगह से भंवरी के आसपास यह पक्षी दिखाई देना शुरू हो गए हैं।
अगर पक्षियों की प्रजातियां की बात करें तो यह प्रवासी पक्षी दिखाई देने लगे हैं जैसे ब्लैक रेड स्टार्ट ,लेजर व्हाइट थ्रोट, ब्लैक हेडेड बंटिंग, ओपन बिल ,पर्पल हेरोन ,एशियाई ओपन बिल, ब्लू थ्रोट ,ब्लैक हेडेड बंटिंग,रोजी स्टर्लिंग ,बूटेड बारबलर आदि
