IND Vs SA test series:

भारतीय टीम साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच के लिए केपटाउन पहुंच चुकी है। भारत और साउथ अफ्रीका की टीमें 3 जनवरी बुधवार से कैपटाउन के न्यूलैंड्स क्रिकेट ग्राउंड में सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच खेलेंगी। इसके चलते कैप्टाउन के इस ग्राउंड की ताजा तस्वीर सामने आई है। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच सीरीज का दूसरा व अंतिम टेस्ट मैच केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर नए साल के मौके पर खेला जाएगा।

इस मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम आज तक एक भी टेस्ट मैच जीत नहीं पाई है। टीम इंडिया ने अभी तक यहां 6 मैच खेले हैं, जिनमें मेजबान साउथ अफ्रीका 4 मैच जीते। वहीं, दो मैच ड्रॉ रहे। पिछले दौरे पर विराट कोहली की कप्तानी में भारत को इस मैदान पर 7 विकेट से शिकस्त झेलनी पड़ी थी।

IND Vs SA first test series:

बता दें कि रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम इंडिया को सीरीज के पहले टेस्ट मैच में पारी से और विकेट से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। भारत ने उस मैच में अपनी पहली पारी में केवल 245 रन बनाए।इसके बाद साउथ अफ्रीका ने डीन एल्गर (185) के शानदार प्रदर्शन की बदौलत 408 रन जोड़े थे। टीम इंडिया की दूसरी पारी 34.1 ओवर में केवल 131 रन पर सिमट गई। जबकि भारत के शानदार प्लेयर राहुल ने शतक बनाए। अब भारत की कोशिश दूसरा टेस्ट मैच जीतकर सीरीज बराबर करने की होगी.

टीम इंडिया साल 2024 का आगाज साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच खेलकर करेगी। दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला हो चुका है, जिसमें भारतीय टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा था। ये साल का आखिरी मैच था, लेकिन नए साल के नए मुकाबले में भारतीय टीम नए जोश और खरोश के साथ मैदान में उतरेगी। सीरीज का दूसरा मुकाबला 3 जनवरी से केपटाउन में खेला जाना है। इस मैदान में भारतीय टीम के टेस्ट आंकड़े कैसे रहे हैं, इसके बारे में भी हम आपको बताएंगे, लेकिन इससे पहले जरा ये समझने की कोशिश करते हैं कि दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन कैसी हो सकती है। अब इस मैच के लिए प्लेइंग इलेवन में बदलाव हो सकता है।

प्लेइंग इलेवन में भारतीय टीम में हो सकते हैं बड़े बदलाव:

साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में कप्तान रोहित शर्मा ने जहां रवींद्र जडेजा की चोट के कारण रविचंद्रन अश्विन को मौका दिया था, वहीं प्रसिद्ध कृष्णा को डेब्यू करने का मौका मिला। लेकिन रविचंद्रन अश्विन न तो गेंदबाजी में कोई कमाल कर पाए और न ही बल्लेबाजी में उस तरह के हाथ दिखा पाए, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। उन्होंने मैच की पहली पारी में 11 बॉल पर आठ रन बनाए, वहीं दूसरी पारी में अश्विन के बल्ले से कोई रन ही नहीं आया, वे पहली ही गेंद पर आउट हो गए। इसीलिए इस बार उनका मैच में खेलना मुश्किल नज़र आता है।

गेंदबाजी में रविचंद्रन अश्विन ने 19 ओवर में 41 रन खर्च किए और एक ही सफलता उनके हाथ लगी। दूसरी पारी में साउथ अफ्रीका को बल्लेबाजी की जरूरत ही नहीं पड़ी। यानी उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं कहा जा सकता। इस बीच अगर रवींद्र जडेजा की चोट ठीक होती है और वे पूरी तरह से फिट होकर खेलने की स्थिति में होते हैं तो हो सकता है कि कप्तान रोहित शर्मा जडेजा को वापस प्लेइंग इलेवन में लाने की कोशिश की जाए। ऐसे में अश्विन को बाहर बैठना पड़ सकता है।

टीम में प्लेइंग इलेवन में दूसरे बदलाव के रूप में प्रसिद्ध कृष्णा की जगह मुकेश कुमार की हो सकती है। प्लेइंग इलेवन में एंट्री इसके बाद अगर डेब्यू करने वाले प्रसिद्ध कृष्णा की बात करें तो उन्होंने मैच में 20 ओवर की गेंदबाजी की और इस दौरान 94 रन देकर एक सफलता हासिल की। प्रसिद्ध विशुद्ध गेंदबाज हैं। ऐसे में उनके बल्लेबाजी की उम्मीद नहीं की जा सकती। यानी प्रसिद्ध का डेब्यू भले हो गया हो, लेकिन वे उस तरह से अपनी छाप नहीं छोड़ पाए, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। ऐसे में हो सकता है कि कप्तान रोहित शर्मा दूसरे मुकाबले में मुकेश कुमार के बारे में विचार करें। मुकेश का टेस्ट करियर अभी तक कुछ खास नहीं रहा है, उन्होंने एक टेस्ट खेलकर दो विकेट लिए हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से वे काफी धारदार गेंदबाजी कर रहे हैं, इसलिए उम्मीद की जानी चाहिए कि वे अगले मुकाबले की प्लेइंग इलेवन में प्रसिद्ध की जगह आ सकते हैं।

भारत के पास केपटाउन मे पहला टेस्ट जीतने का मौका :

इस बार भारतीय टीम के पास इतिहास रचने का शानदार मौका है। केपटाउन में टीम इंडिया को पहली टेस्ट जीत का इंतजार केपटाउन में टीम इंडिया के टेस्ट आंकड़ों की बात की जाए तो यहां भारतीय टीम ने अब तक छह टेस्ट खेले हैं। इसमें से चार में उसे हार का सामना करना पड़ा है, वहीं दो मैच बराबरी पर खत्म हुए हैं। यानी अभी तक टीम इंडिया को यहां पहली टेस्ट जीत का इंतजार है। सीरीज को पहले ही हाथ से चली गई है, लेकिन कोशिश ये जरूर होगी कि आखिरी टेस्ट जीतकर सीरीज हार से बचा जाए और इसे बराबरी पर लाया जाए। भारत की यही भारतीय टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। देखना होगा कि तीन जनवरी को जब कप्तान रोहित शर्मा टॉस के लिए आएंगे तो क्या रणनीति होगी और किस प्लेइंग इलेवन के साथ वे मैदान में उतरने का फैसला करते हैं।

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