भगवान श्री जगन्नाथ की सालाना रथ यात्रा मंगलवार को शुरू हुई । तड़के 3:15 बजे यात्रा विधान शुरू हुआ, खिचड़ी भोग के बाद रथ प्रतिष्ठा और अन्य विधियां संपन्न हो गई । सुबह 10:30 बजे छेरा पहरा (सोने की झाड़ू से रथो को बुहारना) रस्म निभाई गई।
पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने प्रथम दर्शन कर छैरा पहरा किया। 40 मिनट रस्म के बाद रथो की सीढ़ियां खोली गई भगवान जगन्नाथ 16 पहियों वाले रथ नंदीघोष ,बड़े भाई बलभद्र 14 पहियों वाले तलध्वज और बहन सुभद्रा को 12 पहियों वाले रथ देवदलान पर सवार किया गया।
