सार :
देश में मॉनसून तो आ गया है लेकिन अल नीनो और अनुकूल परिस्थितियां नहीं मिलने की वजह से यह कछुए की चाल से आगे बढ़ रहा है और अपने संभावित समय से 4 से 5 दिन देरी से चल रहा है। दूसरी ओर उत्तर भारत में मॉनसून नहीं आने पर भी जोरदार बारिश देखी जा रही है। आईएमडी ने इसके पीछे वेस्टर्न डिस्टरबेंस को बताया है और प्री मॉनसून बारिश जारी है। आईए जानते हैं मौसम अपडेट विस्तार पूर्वक।
विस्तार :

भारत में मॉनसून की एंट्री तो हो चुकी है लेकिन इसकी चाल बहुत धीमी हो गई है। और इसका आगे का प्रसार पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र सोलापुर के आसपास अटका हुआ है। जून के शुरुआती दिनों में तेजी से आगे बढ़ने के बाद, कमजोर पड़ी अरब सागर की शाखा और जेट स्ट्रीम हवाओं के कारण मॉनसून की उत्तरी सीमा फिलहाल रुकी हुई है। बता दें कि दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून सक्रिय है और झमाझम बारिश हो रही है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में मानसून की एंट्री तय समय से लगभग 5 से 10 दिन देरी से 23 से 30 जून के बीच होने की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश की बात करें तो एमपी में अभी मॉनसून के आधिकारिक प्रवेश में कुछ दिन का समय बाकी है, जो अगले 3-4 दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में दस्तक दे सकता है। हालांकि, प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं।
मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर वाली लाइन से होकर गुजर रही है. पंजाब से बिहार तक एक मौसमी ट्रफ फैला हुआ है और उत्तरी पाकिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इन सबकी वजह से उत्तर भारत के मौसम पर असर पड़ रहा है और जिन इलाकों में मानसून को आगे बढ़ना था वहां वो माहौल नहीं बन पाया जो उसके लिए जरूरी होता है ! यही वजह है कि मानसून बीच में अटका हुआ नजर आ रहा है।
राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट :

दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी हो रही थी। दिन के समय तेज धूप निकल रही थी। पारा 43 डिग्री सेल्सियस के पार तक पहुंच रहा था। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों के लिए पहले ही आंधी और बारिश का अनुमान जताया था। दिल्ली एनसीआर में बुधवार सुबह अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। तेज आंधी-तूफान के चलते सड़क किनारे छोटे-छोटे पेड़ गिर गए। दिल्ली के सीपी, मंडी हाउ, द्वारका और उसके आसपास के इलाकों में भारी बारिश हुई। बारिश के चलते सड़कों पर लंबा जाम लग गया। लोगों को ऑफिस जाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दिल्ली के साथ ही नोएडा और गाजियाबाद में भी भारी बारिश हुई। दिल्ली-एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। सुबह से आसमान में बादल छाए हुए थे। उमसभरी गर्मी हो रही थी। मौसम में हुए बदलाव के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
मॉनसून क्यों हुआ कमज़ोर, कछुए की चाल से बढ़ रहा आगे :
भारत के दक्षिण हिस्से से मॉनसून ने लगभग सही समय पर एंट्री ले ली थी। लेकिन आगे बढ़ते बढ़ते इसकी अनुकूल परिस्थितियां प्रतिकूल होती चली गईं। भारत में मानसून की रफ्तार धीमी होने या कमजोर पड़ने की मुख्य वजह वायुमंडल में नमी की कमी, पश्चिमी विक्षोभ का असर और ऊपरी वायुमंडलीय परिस्थितियों का अनुकूल न होना है। मानसूनी बादलों को जमीन की तरफ धकेलने और भारी बारिश कराने के लिए पर्याप्त ‘उठाव’ नहीं मिल पा रहा है। वहीं मॉनसून की रफ़्तार धीमी होने का एक महत्वपूर्ण कारण अल नीनो भी है। प्रशांत महासागर में अल-नीनो जैसी मौसमी परिस्थितियां हवा के सामान्य बहाव को प्रभावित करती हैं, जो भारतीय उपमहाद्वीप में बारिश कम होने का एक प्रमुख कारण है।
