मध्य प्रदेश के छतरपुर में महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति ने साफ शब्दों में बोल दिया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा निकाली गई peon और चौकीदार की 16 भर्तियों को अब नष्ट कया जा रहा है कुलपति द्वारा इन भर्तियों में काफी विवाद देखा गया और इसे निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।
इस मामले में गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट कुलपति प्रोफेसर शुभा तिवारी को सबमिट कर दी है मीडिया के माध्यम से भर्ती में चयनित लोगों पर उठे सवाल जिनमें एक ही परिवार के 4 लोगों का चयन हो गया साथ ही आरक्षण के नियमों को दरकिनार भी कर दिया गया ।
जिस पर नए कुलपति प्रोफेसर शुभा तिवारी ने कड़े एक्शन लेने की बात कही है इन भर्तियों को निरस्त करने की पैरवी की जाएगी और जल्द ही औपचारिक आदेश निकाला जाएगा क्योंकि अभी एग्जीक्यूटिव काउंसलिंग की मीटिंग होना बाकी है।
