हाल ही में चर्चा में आ रही मध्य प्रदेश के सीधी के आदिवासी युवक पर बीजेपी कार्यकर्ता के पेशाब करने के वायरल वीडियो ने मध्यप्रदेश से लेकर दिल्ली तक का हलचल मचा दी है।

वीडियो वायरल मैं जो दिखाया जा रहा है वह बीजेपी कार्यकर्ता ने बहुत ही घिनौना कार्य किया है पुलिस ने इसी के चलते आरोपी पर आता यार दर्ज करी है उसे गिरफ्तार भी कर लिया है वहीं सरकार ने उसके घर पर बुलडोजर चलवा करवा दिया है।

बीजेपी और कांग्रेस में इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी चल रही है्।

पुलिस ने इस वीडियो को 1 साल पुराना बताया है और उस पर सवाल उठाया है कि आप यह वायरल करने वालों की मंशा क्या थी आरोपी के पक्ष में एफिडेविट दे चुके पीड़ित की पत्नी क्या चाहती है। 4 जुलाई को सीधी जिले के अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह वीडियो वायरल हो रहा है इसमें सीधी जिले के कुबरी निवासी प्रवेश कुमार शुक्ला सिगरेट का नशा कराते हुए आदिवासी युवक दसमत पर पेशाब करते दिख रहा है प्रवेश युवा मोर्चा के कुछ वाही के मंडल उपाध्यक्ष रह चुके हैं।

हालांकि सीधी भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष इंद्र शरण सिंह चौहान ने एक पत्र शेयर करते हुए बताया कि हमने 2 सितंबर 2021 को ही प्रवेश को पार्टी से हटा दिया था उसने खुद अपना इस्तीफा दिया था।

प्रवेश शुक्ला के बारे में दावा किया जा रहा है कि वह सीधी से भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला का प्रतिनिधि भी रह चुका है और उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रतिनिधि बनाए जाने की जानकारी भी उपलब्ध है। यह न्यूज़ तब की है जब उसे भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला ने मध्य प्रदेश पूर्व विद्युत वितरण क्षेत्र में सीधी से अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया था।

जब मीडिया द्वारा केदारनाथ शुक्ला से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा प्रवेश ना तो मेरा प्रतिनिधि है ना ही पार्टी का कार्यकर्ता है मैं जनप्रतिनिधि हूं तो मुलाकात होना संभव है उन्होंने स्वीकार किया कि प्रवेश शुक्ला को वह जानते हैं।

सीधी जिले के एसपी अंजू लता पटेल का दावा है कि अभी तक की पूछताछ से पता चला है कि वीडियो साल 2020 का है इसे डेढ़ साल तक रखने के बाद कुछ लोगों ने वायरल किया था इसके बाद यह वीडियो एक से दूसरे फिर तीसरे चौथे पांचवें व्यक्ति तक पहुंच गया आप जाकर इसे एक बार फिर वायरल किया गया है वीडियो को सोशल मीडिया ग्रुप में वायरल करने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है।

आरोपी प्रवेश शुक्ला के चाचा विद्या कांत शुक्ला ने भी अपना पक्ष रखा उनका दावा है कि वीडियो 3 साल पुराना है प्रवेश ने बताया था कि वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल किया जा रहा है 25 जून से वह मानसिक रूप से परेशान था जनवरी में हुए चुनाव की रंजिश को लेकर कुबरी गांव के आदर्श शुक्ला और दीनदयाल साहू इस वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पैसा मांग रहे थे।

हुबली से पीड़ित दशरथ रावत के घर की दूरी 6 किलोमीटर की है वह मजदूरी करता है घर से सुबह काम करने निकलता है तो देर रात घर लौटता है बुधवार को दशरथ की पत्नी आशा रावत सामने आई और बोली कि सोमवार की रात पति के घर लौटने की राह देख रही थी उसके पति को थाने में बैठा कर रखा गया था उसने शपथ पत्र से जिधर दावा दावा किया कि मेरे पति के साथ इतना घृणित काम हुआ है और इन आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होना चाहिए ।

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