सोलापुर के लोको पायलटों ने डीआरएम को दिया आवेदन लिंग परिवर्तन के लिए अनुमति मांगते हुए अपनी सुविधाओं के लिए लड़ाई की कहां पुरुष है, इसलिए होता है भेदभाव और सुविधाओं से रह जाते हैं वंचित।
एक अजीब खबर सामने आई है सोलापुर रेल मंडल के सभी लोगों पायलटों ने अपने लिंग परिवर्तन करवाने के लिए विभाग से अनुमति मांगते हुए कहा है कि पुरुष होकर हमें किसी चीज के लिए सुविधाएं प्राप्त नहीं होती इसीलिए लिंग परिवर्तन चाहते हैं अनुमति चाहते हैं।
सोलापुर रेल मंडल मध्य रेलवे के सहायक और सीनियर लोको पायलट ओने लिंग परिवर्तन की अनुमति मांगी है उन्होंने डीआरएम पर्सनल को इसका सामूहिक आवेदन दिया है इसमें कहा गया है कि भेदभाव को दूर करने लिंग परिवर्तन की अनुमति दें यही नहीं उन्होंने सर्जरी के लिए 1 साल का अवकाश भी मांगा है आवेदन की कॉपी जीएम सेंट्रल रेलवे सीनियर डीईई को भी दी गई है। सोलापुर में करीब 50 लोको पायलट और सहायक पायलट है।
इधर मामले में भोपाल रेल मंडल के वरिष्ठ लोको पायलट और पश्चिम मध्य रेलवे जोन एंप्लाइज यूनियन के मंडल अध्यक्ष डीके गौतम का कहना है कि अधिकार प्राप्त करने के लिए लिंग परिवर्तन आखरी हथियार नहीं है। लोको पायलटों ने आवेदन में महिला लो के पायलटों या महिला सहायकों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में अप्रत्यक्ष रूप से महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी है।
पुरुष पायलट इन सुविधाओं से रह जाते हैं वंचित।
रात में कभी भी गाड़ी पर नहीं जाना।
लोगों से लोडेड गाड़ी पर नहीं जाना।
प्रत्येक ट्रिप में रनिंग रूम ना जाकर स्पेयर रहना।
सेक्शन में लौटते समय इस प्यार के लिए पहली गाड़ी मिलना।
जब चाहे छुट्टी मिलना।
एब्सेंट होने पर कोई चार्जशीट ना मिलना।
किसी दिन जाने की इच्छा ना हो तो कोई सिक लीव नहीं लगना।
