यह घटना मध्य प्रदेश के जिले रायसेन की है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ फर्जीवाड़ा हुआ है और रायसेन में स्वास्थ्य विभाग में 1.92 करोड़ के गवन के मामले में शुक्रवार को 12 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। कर्मचारियों ने PF और GPF, फैमिली पेंशन, वेतन सहित अन्य मद की राशि को अपने और परिजन के खातों में ट्रांसफर कर दिया। यह फर्जीवाड़ा 1 जनवरी 2018 से 31 जुलाई 2023 के बीच किया गया है।

इस केस में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और उनके रिश्तेदार शामिल हैं फर्जी बाड़े का खुलासा कोषालय विभाग के पोर्टल अपडेट के दौरान हुआ। इसकी जानकारी जिला कोषालय अधिकारी आरके गुप्ता ने कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों को दी। जांच में पता चला कि कैशियर, ऑपरेटर ,एलडीसी और रेडियोग्राफर ने यह गवन किया है।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग से 35 कर्मचारी रिटायर्ड हुए, 8 की मौत हो चुकी है, दो ने इस्तीफा दिए और तीन अनुपस्थिति हैं। सात कर्मचारी सेवा में है। इन्हीं के नाम पर यह फर्जी बाड़ा हुआ है। आरोपी कर्मचारियों ने इन लोगों के एम्पलाई कोड वही रखे जबकि खाता नंबर बदलकर अपने व रिश्तेदारों के जोड़ दिए। इससे लगातार उनके खातों में जीएफ , जीपीएफ ,पीएफ ,पेंशन आदि की राशि उनके खातों में आती रही।
पुलिस ने जांच के बाद कई नामो को उजागर किया है। स्वास्थ्य विभाग से गवन संबंधी मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र दिया था। जिसकी जांच के 12 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है।
