मंगलवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल मेट्रो के ट्रायल रन को सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन पर हरी झंडी दिखाई। उन्होंने मेट्रो में रानी कमलापति स्टेशन तक 5.5 किलोमीटर का सफर भी तय किया। लगभग 20:10 मिनट में सफर में पूरा हुआ। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भोपाल मेट्रो मंडीदीप और सीहोर तक जाएगी। जरूरत पड़ी तो इसे रायसेन और विदिशा तक भी ले जाएंगे।

भोपाल से रायसेन करीब 47 किलोमीटर दूर है और एक घंटे में पहुंचा जा सकता है, भोपाल से विदिशा करीब से 57 किलोमीटर दूर है और डेढ़ घंटे में पहुंचा जा सकता है इसके लिए इसके पहले सुभाष नगर डिपो परिसर में सीएम ने कहा कि भोपाल ने टांगे से मेट्रो तक का सफर तय किया है उन्होंने पूर्व में यहां चलने वाले टेंपो को भी आम भोपाली की भाषा में भट्ट सूअर कहा।
साथ ही सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आम लोगों के लिए मेट्रो खुलने में अभी 6 महीने और बाकी है यानी सफर अगली सरकार में 2024 में ही शुरू होगा। मेट्रो की सेवाएं आम जनता के लिए वर्ष 2024 से शुरू की जाएगी।

जिन दो रूट को केंद्र ने मंजूरी दी है वह भी 2027 तक पूरे हो पाएंगे अभी भोपाल मेट्रो के लिए केंद्र सरकार ने जिस डीपीआर को मंजूरी दी है उसमें केवल दो रूट है। करोंद से एम्स 14.99 किलोमीटर जिसमें 16 स्टेशन पड़ते हैं, भदभदा से रत्नागिरी 12.88 किलोमीटर जिसमें 12 स्टेशन पड़ते हैं। दोनों रूट की लागत करीब 6944 करोड रुपए है। इसकी डेडलाइन 2027 तक तय की गई है। बाकी चार रूट बैरागढ़ से अवधपुरी, भौँरी बाईपास से बसंत कुंज, अशोका गार्डन से मदर टेरेसा स्कूल, करौंद रोड और हबीबगंज नाका से मंडीदीप तक मंजूरी नहीं मिली है।
वही बता दें कि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने 30 सितंबर को इंदौर में चलने वाली मेट्रो के ट्रायल रन को भी हरी झंडी दिखाई थी। जल्द ही वह रूट भी और मध्य प्रदेश का इंदौर जिला भी मेट्रो सिटी में शामिल हो जाएगा। जिससे कि मध्य प्रदेश के दो जिलों में मेट्रो की सुविधा लोगों को मिलेगी। भोपाल इंदौर सहित मध्य प्रदेश के दो जिले मेट्रो सिटी हो जाएंगे।
मेट्रो में मिलने वाली सेवाएं:

- * ₹6944 करोड़ की लागत से 30.95 किलोमीटर क्षेत्र में विश्व स्तरीय भोपाल मेट्रो की ऑरेंज और ब्लू लाइनों से मिलेगी तेज, आराम देह और सुरक्षित आवागमन की सुविधा।
- * गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
- * प्रत्येक कोच में 50 लोगों के बैठने और 300 लोगों के खड़े होने की क्षमता है।
- * वहीं हर मेट्रो ट्रेन में होंगे तीन कोच, कुल 27 ट्रेन होगी संचालित। * प्रतिदिन 7,00,000 यात्री सफर कर सकेंगे।
- * 30 स्टेशन दो भूमिगत और 28 एलिवेटेड होंगे।
- * नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड पर स्वचालित टिकटिंग सुविधा रहेगी।
- * लिफ्ट ,एस्केलेटर ,कस्टमर केयर सेंटर ,हिंदी इंग्लिश में अनाउंसमेंट, दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर, सार्वजनिक सुविधाएं आदि उपलब्ध कराई जाएगी।
- * ट्रेनों में आपातकालीन संपर्क एवं आपातकालीन द्वार की सुविधा भी होगी।
- * बिजली की खपत को कम करने के लिए स्टेशन और डिपो पर सौर ऊर्जा उत्पादन होगा।
